AIN NEWS 1: कर्नाटक में शिवाजी जयंती के मौके पर निकाले गए एक जुलूस के दौरान अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बागलकोट जिले में मस्जिद के पास पहुंचते ही पथराव की घटना सामने आई। इस घटना ने पूरे इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा कर दी, जिसके बाद प्रशासन को तुरंत हस्तक्षेप करना पड़ा।

यह मामला बागलकोट जिले के किला ओनी इलाके का बताया जा रहा है, जहां शिवाजी जयंती के उपलक्ष्य में स्थानीय लोगों द्वारा एक भव्य जुलूस निकाला जा रहा था। जुलूस में बड़ी संख्या में लोग शामिल थे और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल था। लेकिन जैसे ही यह जुलूस एक मस्जिद के पास पहुंचा, अचानक हालात बिगड़ने लगे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुलूस के मस्जिद के नजदीक पहुंचते ही कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला मामूली बहस तक सीमित था, लेकिन देखते ही देखते यह विवाद बढ़ गया और अचानक जुलूस पर पत्थर फेंके जाने लगे। इस पथराव में मौके पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई हैं।
स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस को तुरंत अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद कर दीं। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
इस बीच, कर्नाटक के ही बेलगावी जिले से भी एक संवेदनशील खबर सामने आई है, जहां वीर योद्धा संगोली रायन्ना की प्रतिमा पर अज्ञात लोगों द्वारा कालिख पोते जाने की घटना ने माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया और विरोध प्रदर्शन भी किए गए।
दोनों घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि शिवाजी जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर इस प्रकार की घटनाएं कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है, लेकिन एहतियात के तौर पर संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ संदेशों या गलत सूचनाओं को साझा करने से बचने की सलाह दी गई है, ताकि स्थिति और अधिक न बिगड़े।
स्थानीय पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और पथराव में शामिल लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से संदिग्धों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत कर दिया गया है। पुलिस और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि आने वाले दिनों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
शिवाजी जयंती जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले पर्व पर हुई इन घटनाओं ने समाज के सभी वर्गों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। प्रशासन का मानना है कि सभी समुदायों के सहयोग से ही शांति और सौहार्द बनाए रखा जा सकता है।
Communal tension broke out in Bagalkot district of Karnataka after a Shivaji Jayanti procession allegedly faced stone pelting near a mosque, resulting in injuries to police personnel and heightened security in the area. The incident has raised concerns over law and order during religious processions in Karnataka, especially amid reports of vandalism involving the Sangolli Rayanna statue in nearby Belagavi district. Authorities have deployed heavy police force to maintain peace and prevent further communal violence.


















