AIN NEWS 1 | उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने कांवड़ यात्रा को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करते हुए बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कांवड़ियों को “सत्ता के संरक्षण में पलने वाले गुंडे और माफिया” करार दिया है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि “शिव का स्वरूप भोलेनाथ के रूप में जाना जाता है, जो करुणा और शांति के प्रतीक हैं, फिर उनके भक्त हिंसक और अराजक कैसे हो सकते हैं?” उन्होंने दावा किया कि जो लोग कांवड़ यात्रा के नाम पर सड़कों पर उत्पात मचाते हैं, नियम तोड़ते हैं, वो असल में श्रद्धालु नहीं बल्कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त अराजक तत्व हैं, जो प्रदेश में कानून-व्यवस्था को धता बता रहे हैं।
क्या कहा गया पार्टी मीटिंग में?
यह बयान मौर्य ने अपनी पार्टी की एक प्रदेश स्तरीय बैठक में दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आज कांवड़ यात्रा का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और कुछ लोग इसका इस्तेमाल शक्ति प्रदर्शन, सड़क जाम और धार्मिक भावनाओं की आड़ में गुंडागर्दी के लिए कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “यह भक्त नहीं, सत्ता पोषित माफिया हैं।”
बंद हो रहे स्कूलों के विरोध में निकलेगी रैली
बैठक में मौर्य ने वर्तमान सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार द्वारा चलाए जा रहे सरकारी स्कूल मर्जर अभियान से बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। इस फैसले के विरोध में अपनी जनता पार्टी जल्द ही प्रदेश भर में बाइक रैली निकालेगी, जो हर ब्लॉक और जिले तक जाएगी।
बीजेपी पर तीखा प्रहार
स्वामी प्रसाद मौर्य ने भारतीय जनता पार्टी पर प्रदेश को “अराजकता की आग में झोंकने” का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि,
“बीजेपी सरकार गुंडों, माफियाओं और अपराधियों को खुली छूट दे रही है। अगर कोई दलित, पिछड़ा या अल्पसंख्यक गलती करता है, तो उसके घर पर बुलडोजर चला दिया जाता है। लेकिन सत्ता समर्थित अपराधी कानून से ऊपर हो गए हैं।”
2027 चुनाव का नारा भी घोषित
मौर्य ने 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि,
“हमारा नारा होगा — बीजेपी हटाओ, देश बचाओ। देश में लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए ये नारा जन-आंदोलन बनेगा।”
Swami Prasad Maurya, former Uttar Pradesh minister and president of Apna Dal, triggered political storm by calling Kanwariyas “mafia protected by ruling power.” His remarks questioned the rising lawlessness during the Kanwar Yatra and blamed the BJP for promoting religiously masked hooliganism. As Uttar Pradesh prepares for the 2027 elections, Maurya accused the state government of supporting selective justice and announced a state-wide protest against school mergers and constitutional violations.


















