AIN NEWS 1: गाजियाबाद जिले के ग्रामीण क्षेत्र में एक बार फिर चोरों ने किसानों की नींद उड़ा दी है। गाजियाबाद के निवाड़ी थाना क्षेत्र में 2 मार्च की रात ऐसी वारदात हुई, जिसने किसानों को गहरे संकट में डाल दिया। एक ही रात में तीन अलग-अलग खेतों से ट्यूबवेल मोटर चोरी कर ली गईं। इससे पहले भी कुछ दिनों में कई मोटरों और ट्रांसफॉर्मरों पर हाथ साफ किए जाने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। लगातार हो रही चोरियों से किसान खुद को असुरक्षित और ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
एक रात, तीन खेत और सूखती फसलें
पीड़ित किसानों में रामकुमार, रामनिवास त्यागी और हरिराज त्यागी शामिल हैं। तीनों किसानों ने बताया कि चोर देर रात अंधेरे का फायदा उठाकर खेतों में पहुंचे। सबसे पहले मोटर से जुड़ी केबल काटी गई और फिर पूरी मोटर उखाड़कर ले जाई गई।
रामकुमार की आवाज में बेबसी साफ झलकती है। उन्होंने बताया कि उनकी गेहूं की फसल पूरी तरह ट्यूबवेल पर निर्भर है। मोटर चोरी होने के बाद खेतों की सिंचाई रुक गई है। उन्होंने कहा, “फसल को समय पर पानी न मिले तो मेहनत पर पानी फिर जाता है। अब नई मोटर लगवाने के लिए पैसे की भी चिंता है और तब तक फसल के सूखने का डर भी।”
पहले भी हो चुकी हैं कई चोरियां
यह पहली घटना नहीं है। किसानों का कहना है कि चार दिन पहले भी इलाके में कई ट्यूबवेल मोटर और ट्रांसफॉर्मर चोरी किए गए थे। उस समय भी शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन अब तक किसी बड़े खुलासे या गिरफ्तारी की जानकारी नहीं मिली।
रामनिवास त्यागी ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर चोरी की वजह से बिजली आपूर्ति प्रभावित हो जाती है और मोटर चोरी होने से पानी की व्यवस्था ठप पड़ जाती है। यानी किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है—बिजली की कमी और सिंचाई का संकट। उन्होंने कहा कि खेती पहले ही महंगी हो चुकी है, ऊपर से ऐसी घटनाएं किसानों की कमर तोड़ रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
क्षेत्रीय किसानों का आरोप है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस गश्त पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि मुख्य सड़कों पर तो कभी-कभार पुलिस की मौजूदगी दिख जाती है, लेकिन खेतों और ग्रामीण इलाकों में निगरानी बेहद कमजोर है।
किसानों का मानना है कि चोर इलाके की स्थिति से भली-भांति वाकिफ हैं और जानते हैं कि किस समय खेतों पर कोई नहीं होता। इसी का फायदा उठाकर वे वारदात को अंजाम देते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नियमित गश्त और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है।
किसान नेता की चेतावनी
हरिराज त्यागी, जो किसान नेता के रूप में भी सक्रिय हैं, ने पुलिस प्रशासन से तत्काल कदम उठाने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
उन्होंने मांग रखी कि—
संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं
रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए
चोरी की घटनाओं की विशेष जांच टीम बनाई जाए
किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रशासन सहायता दे
हरिराज त्यागी ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करता है। ऐसे में मोटर चोरी होना सिर्फ आर्थिक नुकसान नहीं, बल्कि मनोबल तोड़ देने वाली घटना है।
पुलिस का क्या कहना है?
निवाड़ी थाना प्रभारी ने बताया कि किसानों की शिकायत मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। संदिग्धों की तलाश के लिए टीमों का गठन किया गया है और आसपास के क्षेत्रों में भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, किसानों का कहना है कि उन्हें ठोस कार्रवाई का इंतजार है। जब तक चोरी की घटनाएं बंद नहीं होतीं और दोषियों को सजा नहीं मिलती, तब तक भरोसा कायम करना मुश्किल है।
खेती पर बढ़ता संकट
ग्रामीण इलाकों में ट्यूबवेल मोटर सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि पूरी खेती की जीवनरेखा होती है। खासकर गेहूं, सरसों और सब्जियों जैसी फसलों के लिए समय पर सिंचाई बेहद जरूरी होती है। एक-दो दिन की देरी भी उत्पादन पर असर डाल सकती है।
नई मोटर खरीदने और लगवाने में हजारों रुपये का खर्च आता है। छोटे और मध्यम किसान पहले ही खाद, बीज और डीजल की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे हैं। ऐसे में चोरी की घटनाएं उनकी आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर रही हैं।
ग्रामीणों में गुस्सा और डर
लगातार हो रही चोरियों से गांव में डर का माहौल है। किसान अब रात में भी खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। कुछ किसानों ने आपसी सहयोग से रात की निगरानी शुरू करने का भी निर्णय लिया है, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो चोरों के हौसले और बढ़ेंगे। किसानों की मांग है कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से ले और ग्रामीण क्षेत्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे।
प्रशासन से उम्मीद
किसान चाहते हैं कि प्रशासन केवल जांच का आश्वासन न दे, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस कदम उठाए। यदि समय रहते चोरों को पकड़ा गया और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई, तो भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है।
फिलहाल, निवाड़ी क्षेत्र के किसान अपनी सूखती फसलों और बढ़ते खर्च के बीच न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनकी नजर अब प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
Three tubewell motors were stolen in a single night in Niwari area of Ghaziabad, Uttar Pradesh, leaving farmers distressed and facing severe crop damage. The repeated incidents of tubewell motor theft and transformer theft have raised serious concerns about rural crime and inadequate police patrolling. Farmers have alleged police inaction and demanded increased night patrols, CCTV installation, and strict legal action. The theft has disrupted irrigation, directly affecting wheat crops and increasing financial burden on small farmers in Ghaziabad’s rural belt.


















