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तुर्की का बहिष्कार: भारत में फलों से लेकर पर्यटन तक हर स्तर पर विरोध, जानें क्यों उठ रही तुर्की से दूरी की मांग!

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Turkey Boycott: Why Indians Are Now Avoiding Turkey for Travel and Trade

तुर्की का बहिष्कार: भारतीय पर्यटन, व्यापार और भावना पर बड़ा असर

AIN NEWS 1: भारत और पाकिस्तान के बीच हाल के तनावपूर्ण हालात के बीच तुर्की की भूमिका ने देश में गुस्से की लहर पैदा कर दी है। पाकिस्तान का खुला समर्थन करने वाले तुर्की को अब भारतीय जनता और व्यापारी वर्ग जवाब देने लगे हैं। इस बहिष्कार की शुरुआत हुई है व्यापारिक स्तर पर, लेकिन यह एक व्यापक रणनीतिक और भावनात्मक प्रतिक्रिया का हिस्सा है।

पाकिस्तान को तुर्की की सैन्य मदद

हाल ही में हुए “ऑपरेशन सिंदूर” के बाद सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने भारत पर ड्रोन हमलों के लिए तुर्की से मिले 350 से ज्यादा ड्रोन का इस्तेमाल किया। इन ड्रोन को उड़ाने के लिए तुर्की के सैन्य सलाहकार भी पाकिस्तान में मौजूद थे। इस हमले में तुर्की के दो ड्रोन ऑपरेटरों के मारे जाने की भी खबरें आई हैं। फॉरेंसिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि हमले में इस्तेमाल हुए ड्रोन तुर्की के ‘सोनगार’ (SONGAR) प्रकार के थे, जो हथियारों से लैस होते हैं।

ड्रोन: तुर्की का सैन्य हथियार भारत के खिलाफ

SONGAR ड्रोन मानव रहित हवाई वाहन (UAV) हैं, जिनमें ऑटोमैटिक मशीनगन और टारगेट ट्रैकिंग सिस्टम लगे होते हैं। इनकी रेंज 5 से 10 किलोमीटर होती है। इन्हें 2020 में तुर्की की सेना में शामिल किया गया था। भारत ने जब इन ड्रोन को अपने क्षेत्र में पकड़ा, तब पता चला कि ये पाकिस्तान की तरफ से भारत में खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और रक्षा प्रणाली की जांच के उद्देश्य से भेजे गए थे।

भारतीय व्यापारियों का गुस्सा: तुर्की से आयात बंद

1. फलों का बहिष्कार:

पुणे और गाजियाबाद के प्रमुख फल मंडियों ने तुर्की से आने वाले सेबों का बहिष्कार कर दिया है। पुणे में हर साल लगभग 1000 से 1200 करोड़ रुपये के तुर्की सेब बिकते थे, लेकिन अब यह कारोबार पूरी तरह से ठप हो गया है।

2. मार्बल उद्योग का जवाब:

उदयपुर, जो एशिया का सबसे बड़ा मार्बल हब है, वहां के व्यापारियों ने भी तुर्की से मार्बल का आयात बंद करने का फैसला किया है। उदयपुर मार्बल प्रोसेसर्स कमेटी के अध्यक्ष कपिल सुराना ने बताया कि जब तक तुर्की पाकिस्तान का समर्थन करता रहेगा, भारत उससे व्यापार नहीं करेगा। भारत के कुल मार्बल आयात का 70% हिस्सा तुर्की से आता था, जो अब बंद कर दिया गया है।

पर्यटन क्षेत्र में भारी गिरावट

MakeMyTrip का बयान:

भारत की प्रमुख ट्रैवल कंपनी MakeMyTrip ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर तुर्की और अजरबैजान की बुकिंग में 60% गिरावट आई है, जबकि कैंसलेशन में 250% का उछाल देखा गया है। कंपनी ने अपने प्लेटफॉर्म से तुर्की से जुड़े सभी प्रचार और ऑफर्स हटा दिए हैं।

सैलानियों की सोच में बदलाव:

देशभर के नागरिक अब तुर्की यात्रा करने से बच रहे हैं। कई ट्रैवल एजेंसियों ने अपने ग्राहकों को तुर्की यात्रा टालने की सलाह दी है। यह बदलाव सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय भावना से जुड़ा हुआ है।

भारत ने तुर्की की मदद की थी, फिर धोखा क्यों?

यह वही तुर्की है, जिसे दो साल पहले भूकंप आने पर सबसे पहले भारत ने राहत सामग्री भेजी थी। भारत ने तुर्की को मानवीय सहायता दी, लेकिन अब वही तुर्की भारत के खिलाफ पाकिस्तान की मदद कर रहा है। इससे भारतीय जनमानस में यह भाव गहरा हो गया है कि अब हर उस देश का जवाब दिया जाएगा जो भारत के खिलाफ खड़ा होगा।

राजनीतिक संदेश और जनता का समर्थन

यह बहिष्कार सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश भी है। भारत की जनता, व्यापारी वर्ग, ट्रैवल इंडस्ट्री और हर वर्ग अब एकजुट होकर यह संकेत दे रहा है कि भारत विरोधी रुख अपनाने वालों को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तुर्की का राष्ट्रपति एर्दोगन और उसकी चुप्पी

जब पाकिस्तान द्वारा पहलगाम में आतंकवादी हमला हुआ, तब तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की, लेकिन आतंकवाद पर एक शब्द भी नहीं कहा। इसके उलट, ऑपरेशन सिंदूर से पहले तुर्की का सैन्य विमान C-130 पाकिस्तान पहुंचा। भले ही उसमें हथियार न होने की बात कही गई, लेकिन इसके बाद भारत की सीमा में तुर्की के ड्रोन घुसपैठ करते पाए गए।

जनभावना के विरुद्ध तुर्की का रवैया

तुर्की द्वारा पाकिस्तान को खुलेआम सैन्य और रणनीतिक सहायता देना, भारत के लिए सीधा चुनौती भरा संकेत है। इस रवैये ने भारतीयों को मजबूर कर दिया है कि वे तुर्की से हर प्रकार का संबंध खत्म करें — चाहे वह व्यापार हो, पर्यटन या कोई अन्य सहयोग।

तुर्की से दूरी बनाना देशहित में जरूरी

तुर्की ने भारत की सद्भावना का गलत इस्तेमाल किया है। ड्रोन जैसे घातक हथियारों को पाकिस्तान के हाथों में देकर उसने न सिर्फ भारत की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया, बल्कि वैश्विक कूटनीति में अपनी निष्पक्षता को भी खो दिया। अब भारत के नागरिक और व्यापारी यह तय कर चुके हैं कि तुर्की जैसे देशों को आर्थिक झटका देकर ही सबक सिखाया जा सकता है।

The call to boycott Turkey is gaining ground across India after reports emerged of Turkish drones being used by Pakistan against India. With rising geopolitical tensions, Indian marble traders, fruit importers, and travel companies are collectively severing ties with Turkey. MakeMyTrip reported a 60% drop in Turkey bookings, and the Udaipur marble industry, which once heavily relied on Turkish imports, has now decided to stop all trade. As Turkey continues to align with Pakistan, Indians are reconsidering travel and trade decisions, leading to a sharp decline in Turkey’s popularity among Indian tourists.

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