विवादित बयान के बाद UHBVN के SE गीतू राम तंवर सस्पेंड, वायरल वीडियो से मचा बवाल
AIN NEWS 1: हरियाणा में बिजली वितरण कंपनी Uttar Haryana Bijli Vitran Nigam Limited (UHBVN) के एक वरिष्ठ अधिकारी को उनके कथित विवादित बयान के चलते निलंबित कर दिया गया है। यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें अधिकारी को आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणी करते हुए देखा गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली, जिसके चलते विभाग को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
क्या है पूरा मामला?
विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, श्री गीतू राम तंवर, जो कि सोनीपत सर्कल में सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) के पद पर कार्यरत थे, को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। आदेश में साफ कहा गया है कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों की मंजूरी से की गई है।
बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में गीतू राम तंवर कथित तौर पर यह कहते हुए नजर आए कि “जाट-झोट्टा जहां मिले, लठ्ठ मारूंगा”। इस बयान को लेकर कई सामाजिक संगठनों और आम लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि इस तरह की भाषा न केवल अपमानजनक है, बल्कि समाज में तनाव बढ़ाने वाली भी है।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
वीडियो वायरल होने के बाद यह मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोगों ने इस बयान की कड़ी आलोचना की और कार्रवाई की मांग उठाई। कई लोगों ने इसे सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला बताया।
कुछ संगठनों ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी से इस तरह की भाषा की उम्मीद नहीं की जा सकती। ऐसे में विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचता है।
विभाग ने लिया सख्त फैसला
बढ़ते दबाव और विवाद को देखते हुए UHBVN प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए गीतू राम तंवर को निलंबित कर दिया। जारी आदेश के मुताबिक:
उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है
उनका मुख्यालय पंचकूला स्थित मुख्य अभियंता (प्रशासन) कार्यालय तय किया गया है
बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने की इजाजत नहीं होगी
इसके अलावा, निलंबन अवधि के दौरान उन्हें हरियाणा सिविल सेवा (सामान्य) नियम 2018 के तहत निर्धारित भत्ता (subsistence allowance) दिया जाएगा।
आदेश में क्या कहा गया?
आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह कार्रवाई UHBVN के प्रबंध निदेशक की स्वीकृति से की गई है। आदेश पर अंडर सेक्रेटरी (HR-II) के हस्ताक्षर हैं और इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया गया है।
यह कदम इस बात का संकेत है कि विभाग अपने अधिकारियों के आचरण को लेकर गंभीर है और किसी भी तरह की अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं करेगा।
समाज और प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस मामले को लेकर आम जनता और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई लोगों ने विभाग की कार्रवाई को सही बताया है और कहा है कि इस तरह के मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है।
वहीं कुछ लोग यह भी मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाए।
सरकारी कर्मचारियों की जिम्मेदारी
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि सरकारी पदों पर बैठे अधिकारियों की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है। उनके बयान और व्यवहार का सीधा असर समाज पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकारियों को सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय बेहद सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का विवाद या गलत संदेश न फैले।
आगे क्या होगा?
फिलहाल गीतू राम तंवर निलंबित हैं और मामले की जांच की संभावना जताई जा रही है। अगर जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई और भी सख्त हो सकती है।
वहीं अगर वह खुद को निर्दोष साबित करते हैं, तो उन्हें बहाल भी किया जा सकता है। लेकिन फिलहाल यह मामला प्रशासनिक और सामाजिक दोनों स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
UHBVN SE Geetu Ram Tanwar has been suspended after a controversial viral video triggered public outrage in Haryana. The Uttar Haryana Bijli Vitran Nigam Limited took strict action following the officer’s alleged offensive statement, raising concerns over administrative conduct and social harmony. This incident highlights the importance of responsible behavior by government officials and has become a major topic in Haryana news and electricity department updates.


















