उत्तर प्रदेश में एंटी करप्शन टीम ने ₹10,000 रिश्वत लेते लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ा ,हापुड़ में एंटी करप्शन की बड़ी कार्रवाई?

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UP: Anti-Corruption Team Caught Lekhpal Red-Handed Taking ₹10,000 Bribe

 

 

AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एंटी करप्शन टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चकबंदी लेखपाल नरेंद्र कुमार गौड़ को ₹10,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मेरठ से आई एंटी करप्शन टीम द्वारा की गई। लेखपाल पर आरोप था कि उसने चकबंदी के तहत जमीन का नामांतरण करने के बदले रिश्वत की मांग की थी।

शिकायत के बाद बनाई गई रणनीति

हापुड़ जिले के गांव सिकंदरपुर काकोड़ी के निवासी वंश चौधरी ने एंटी करप्शन मेरठ टीम को शिकायत दी थी कि उनके पिता के चार भाइयों में से एक का निधन हो चुका है। उनका विवाह नहीं हुआ था, इसलिए उनकी संपत्ति तीनों बचे हुए भाइयों के नाम होनी थी। इस प्रक्रिया के लिए जब वंश चौधरी ने लेखपाल नरेंद्र कुमार गौड़ से संपर्क किया, तो लेखपाल ने ₹15,000 की रिश्वत मांगी। बाद में ₹10,000 की रिश्वत तय हुई।

शिकायत मिलने के बाद मेरठ एंटी करप्शन टीम ने जिलाधिकारी प्रेरणा शर्मा से अनुमति लेकर एक जाल बिछाया। दो सरकारी गवाहों की व्यवस्था की गई और वंश चौधरी को लेखपाल से जिला मुख्यालय में मिलने के लिए कहा गया।

रिश्वत लेते ही लेखपाल गिरफ्तार

शनिवार सुबह निरीक्षक मयंक कुमार अरोड़ा की अगुवाई में निरीक्षक दुर्गेश कुमार सिंह, किशन अवतार, कैलाश चंद और अर्चना की टीम हापुड़ जिला मुख्यालय पहुंची। टीम के निर्देशानुसार वंश चौधरी रिश्वत की राशि लेकर लेखपाल से मिलने पहुंचे। जैसे ही लेखपाल ने ₹10,000 अपने हाथ में लिए, टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई से जिला मुख्यालय में कार्यरत अन्य सरकारी कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।

गिरफ्तारी के बाद लेखपाल ने किया नाटक

गिरफ्तारी के बाद लेखपाल ने तबीयत बिगड़ने का बहाना बनाया, जिसके चलते उसे गढ़ रोड स्थित सीएचसी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से बाहर निकलते समय लेखपाल ने अपना चेहरा छिपाने की कोशिश की, ताकि उसकी पहचान उजागर न हो। बाद में उसे थाना देहात ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।

थाने में उमड़ी भीड़, मामला पहुंचा कोर्ट

लेखपाल की गिरफ्तारी की खबर पूरे क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। थाने में बड़ी संख्या में लेखपाल और स्थानीय लोग पहुंच गए। इस कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम लेखपाल को मेरठ एंटी करप्शन कोर्ट में पेश करने के लिए रवाना हो गई। कोर्ट के आदेश के बाद लेखपाल के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस मामले पर एंटी करप्शन टीम के निरीक्षक मयंक कुमार अरोड़ा ने कहा, “हमें लेखपाल द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी, जिसके बाद टीम ने पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की है। लेखपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर दी गई है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।”

यह मामला सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार को उजागर करता है। यूपी सरकार लगातार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है, और इस तरह की कार्रवाइयों से रिश्वतखोरी पर लगाम लगाई जा सकती है।

In a major anti-corruption operation in Hapur, Uttar Pradesh, the Anti-Corruption Team arrested a Lekhpal red-handed while accepting a ₹10,000 bribe for land registration in a Chakbandi case. The officer was caught during a well-planned sting operation after a complaint was filed. Following the arrest, the Lekhpal feigned illness and was taken to a hospital. This action has created a stir among government employees in the district. Such cases highlight the ongoing issue of bribery in India, and the UP government’s efforts to curb corruption.

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