AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने और युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अहम फैसला लिया है। गुरुवार देर रात लखनऊ में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान प्रदेश पुलिस विभाग में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी।
यह फैसला न सिर्फ राज्य के लाखों युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है, बल्कि इससे प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को भी नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य एक ऐसी पुलिस फोर्स तैयार करना है जो आधुनिक तकनीक से लैस हो, तेज़ी से काम करे और जनता के प्रति संवेदनशील हो।
🔷 भर्ती प्रक्रिया होगी पारदर्शी और समयबद्ध
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसके साथ ही, भर्ती प्रक्रिया को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार चाहती है कि उम्मीदवारों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े और जल्द से जल्द उन्हें नियुक्ति मिल सके।
🔷 किन-किन पदों पर होगी भर्ती?
इस बड़े भर्ती अभियान के तहत पुलिस विभाग के कई अहम पदों को भरा जाएगा। इनमें शामिल हैं:
उपनिरीक्षक (SI)
आरक्षी (कांस्टेबल)
रेडियो सहायक परिचालक
कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए
पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय)
अधिकारियों के अनुसार, इन पदों के लिए तैयारी शुरू हो चुकी है और कुछ भर्तियों की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है।
🔷 तकनीक आधारित होगी भर्ती
योगी सरकार भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक आधारित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की धांधली या पक्षपात की गुंजाइश न रहे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से आवेदन, परीक्षा और रिजल्ट की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाया जाएगा। इससे उम्मीदवारों को भी सुविधा होगी और सिस्टम पर भरोसा बढ़ेगा।
🚓 PRV-112 सेवा को और तेज करने की तैयारी
बैठक के दौरान आपातकालीन सेवा PRV-112 की भी समीक्षा की गई। वर्तमान में इस सेवा का औसत रिस्पॉन्स टाइम करीब 6 मिनट है, जिसे मुख्यमंत्री ने और कम करने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे:
PRV वाहनों की रणनीतिक तैनाती
लगातार गश्त और मूवमेंट
संवेदनशील क्षेत्रों (हॉटस्पॉट) में विशेष निगरानी
हर 15 दिन में रूट चार्ट की समीक्षा
सरकार का लक्ष्य है कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस टीम कम से कम समय में मौके पर पहुंचे और लोगों को तुरंत मदद मिल सके।
🔥 हर तहसील में बनेगा फायर स्टेशन
अग्निशमन और आपात सेवाओं को लेकर भी बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2025-26 में प्रदेश में करीब 42 हजार आग की घटनाओं पर काबू पाया गया और 10 हजार से अधिक आपात मामलों में त्वरित कार्रवाई की गई।
इन प्रयासों से लगभग 800 करोड़ रुपये की संपत्ति को बचाया गया।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि:
हर तहसील में फायर स्टेशन स्थापित किया जाए
“एक तहसील-एक फायर टेंडर” योजना लागू की जाए
हर जिले में आधुनिक हाइड्रोलिक फायर टेंडर उपलब्ध कराया जाए
इन कदमों से आग और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता में बड़ा सुधार होगा।
🔁 लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के होंगे तबादले
बैठक में यह भी सामने आया कि कई पुलिसकर्मी लंबे समय से एक ही जगह पर तैनात हैं, खासकर संवेदनशील स्थानों जैसे राजभवन, मुख्यमंत्री आवास और पुलिस मुख्यालय में।
मुख्यमंत्री ने ऐसे सभी कर्मियों की सूची तैयार कर उनके स्थानांतरण के निर्देश दिए हैं। इस फैसले का उद्देश्य सिस्टम में संतुलन बनाए रखना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
💻 साइबर अपराध पर सख्ती, करोड़ों की ठगी रोकी
आज के डिजिटल दौर में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इस पर नियंत्रण के लिए यूपी पुलिस लगातार काम कर रही है।
समीक्षा में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान:
425.7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को रोका गया
कुल 3.9 लाख से अधिक शिकायतें मिलीं
इनमें से 72,000 से ज्यादा मामलों में कानूनी कार्रवाई की गई
इसके अलावा, साइबर हेल्पलाइन 1930 की क्षमता भी बढ़ाई गई है। अब रोजाना कॉल हैंडलिंग की संख्या पहले के मुकाबले कई गुना बढ़ गई है।
👮 पुलिसकर्मियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण
साइबर अपराध से निपटने के लिए 65,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया गया है। इससे वे नए-नए ऑनलाइन फ्रॉड और डिजिटल अपराधों से प्रभावी तरीके से निपट सकेंगे।
योगी सरकार का यह फैसला कई मायनों में महत्वपूर्ण है। एक तरफ जहां इससे प्रदेश के लाखों युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ पुलिस और आपात सेवाओं को और अधिक मजबूत और आधुनिक बनाया जा सकेगा।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, तकनीक का इस्तेमाल, तेज़ रिस्पॉन्स सिस्टम और साइबर अपराध पर नियंत्रण—इन सभी पहलुओं को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि यूपी पुलिस आने वाले समय में और अधिक सक्षम और प्रभावी बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath has announced a major recruitment drive for over 81,000 posts in the UP Police department for the financial year 2026-27. This includes vacancies for sub-inspectors, constables, radio operators, and computer operators. The initiative aims to boost employment opportunities and strengthen law enforcement with a modern and tech-driven police force. The government has also emphasized transparency, faster PRV 112 response time, cyber crime control, and expansion of fire services across all tehsils.


















