AIN NEWS 1: देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिनी जाने वाली यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में इस वर्ष राजस्थान के अनुज अग्निहोत्री ने पहला स्थान हासिल कर पूरे देश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। कठिन मेहनत, निरंतर प्रयास और मजबूत आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इस मुकाम को हासिल किया। परिणाम घोषित होने के बाद अनुज ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब उन्होंने अपना रिजल्ट देखा तो वह खुशी से चिल्ला उठे थे।
रिजल्ट देखकर यकीन नहीं हुआ
अनुज अग्निहोत्री ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब उन्होंने यूपीएससी का परिणाम देखा, उस समय उनके माता-पिता भी उनके साथ मौजूद थे। रिजल्ट स्क्रीन पर देखते ही कुछ पल के लिए उन्हें भरोसा ही नहीं हुआ कि उन्होंने देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया है।
उन्होंने बताया कि उस समय घर का माहौल बेहद भावुक और खुशियों से भरा हुआ था। उनके माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू थे और परिवार के सभी सदस्य बेहद गर्व महसूस कर रहे थे। अनुज ने कहा कि यह पल उनके जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा।
तीसरे प्रयास में मिली सफलता
अनुज अग्निहोत्री की यह सफलता एक दिन में हासिल नहीं हुई। इसके पीछे कई सालों की कड़ी मेहनत और धैर्य छिपा है। उन्होंने बताया कि यह उनका तीसरा प्रयास था। इससे पहले भी उन्होंने परीक्षा दी थी, लेकिन मनचाही सफलता नहीं मिल पाई थी।
उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी तैयारी को और बेहतर बनाया। अनुज का मानना है कि यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतरता और धैर्य सबसे जरूरी होते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार असफलता मिलती है, लेकिन अगर इंसान खुद पर भरोसा बनाए रखे तो सफलता जरूर मिलती है।
रोजाना 8 घंटे करते थे पढ़ाई
अनुज ने अपनी तैयारी के बारे में बताते हुए कहा कि उन्होंने पढ़ाई के लिए एक अनुशासित दिनचर्या बनाई हुई थी। वह रोजाना करीब 8 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे।
उनका मानना है कि यूपीएससी की तैयारी में केवल लंबे समय तक पढ़ना जरूरी नहीं होता, बल्कि सही रणनीति के साथ पढ़ाई करना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने सिलेबस को अच्छी तरह समझा और उसी के अनुसार अपनी तैयारी की।
अनुज ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का गहराई से अध्ययन किया। इसके साथ ही उन्होंने करंट अफेयर्स, अखबार और स्टैंडर्ड किताबों पर विशेष ध्यान दिया। नियमित रूप से उत्तर लिखने का अभ्यास भी उनकी तैयारी का अहम हिस्सा था।
परिवार का मिला पूरा सहयोग
अनुज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और परिवार को दिया। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने हमेशा उनका हौसला बढ़ाया और हर परिस्थिति में उनका साथ दिया।
उन्होंने कहा कि यूपीएससी की तैयारी एक लंबा और चुनौतीपूर्ण सफर होता है, जिसमें कई बार निराशा भी होती है। ऐसे समय में परिवार का समर्थन बेहद महत्वपूर्ण होता है। उनके परिवार ने उन्हें हमेशा सकारात्मक सोच बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
संतुलित जीवनशैली को मानते हैं जरूरी
अनुज अग्निहोत्री का मानना है कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक संतुलन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि तैयारी के दौरान उन्होंने खुद को पूरी तरह पढ़ाई में डुबो देने के बजाय संतुलित जीवनशैली अपनाई।
वह समय-समय पर ब्रेक लेते थे, जिससे उनका मन और दिमाग तरोताजा बना रहता था। अनुज का कहना है कि लगातार पढ़ाई करने से थकान और तनाव बढ़ सकता है, इसलिए बीच-बीच में आराम करना भी जरूरी है।
चाट खाना है पसंद
अपनी पढ़ाई और तैयारी के अलावा अनुज ने अपने शौक के बारे में भी खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि उन्हें चाट खाना बेहद पसंद है। जब भी उन्हें समय मिलता है, वह चाट का आनंद जरूर लेते हैं।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे शौक इंसान को खुश रखते हैं और तनाव कम करने में मदद करते हैं। यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा की तैयारी के दौरान ऐसे छोटे-छोटे पल बहुत मायने रखते हैं।
युवाओं के लिए दिया खास संदेश
अनुज अग्निहोत्री ने यूपीएससी की तैयारी कर रहे युवाओं को एक खास संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए सबसे जरूरी चीज धैर्य और निरंतर मेहनत है।
उन्होंने कहा कि कई बार असफलता मिलने पर लोग निराश हो जाते हैं, लेकिन असफलता को सीख के रूप में लेना चाहिए। अगर कोई उम्मीदवार अपनी गलतियों को पहचानकर उन्हें सुधारता है, तो सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
अनुज का मानना है कि हर उम्मीदवार को अपनी रणनीति खुद बनानी चाहिए। दूसरों की रणनीति से प्रेरणा जरूर ली जा सकती है, लेकिन हर व्यक्ति की परिस्थितियां और क्षमता अलग होती हैं।
यूपीएससी परीक्षा क्यों मानी जाती है सबसे कठिन
यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन उनमें से बहुत कम लोग ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं।
इस परीक्षा में उम्मीदवारों की ज्ञान, विश्लेषण क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और व्यक्तित्व की भी जांच की जाती है। यही कारण है कि इसे देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण परीक्षा माना जाता है।
मेहनत और विश्वास से हासिल की मंजिल
अनुज अग्निहोत्री की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है जो यूपीएससी की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने साबित कर दिया कि अगर इंसान लगातार मेहनत करे और खुद पर भरोसा बनाए रखे, तो किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
उनकी सफलता यह भी दिखाती है कि असफलता अंत नहीं होती, बल्कि यह सफलता की दिशा में एक नया कदम हो सकती है।
Anuj Agnihotri from Rajasthan has secured All India Rank 1 in the UPSC Civil Services Examination, one of the toughest competitive exams in India. In an exclusive interview, the UPSC topper revealed that he studied around 8 hours daily and cleared the exam in his third attempt. His inspiring UPSC success story highlights the importance of consistent preparation, strong strategy, and determination. The UPSC results once again show how dedication and disciplined study can help candidates achieve top ranks in the Civil Services Exam.


















