अमेरिका का विवादित कदम: वेनेजुएला तट पर सैन्य विमान को नागरिक विमान बनाकर किया इस्तेमाल!

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AIN NEWS 1: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच हाल के दिनों में बढ़ता तनाव एक नए विवादित मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के तट के पास ड्रग तस्करी के नाम पर किए गए सैन्य सामरिक अभियान में ऐसा कदम उठाया है जिसने अंतरराष्ट्रीय कानूनों, युद्ध नियमों और नागरिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

समाचार एजेंसियों की रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी सैन्य विमान का इस्तेमाल सितंबर 2025 में तब किया गया था जब एक कथित मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल नाव पर हमला किया गया था। इस हमले में अमेरिका ने एक ऐसे विमान को तैनात किया जो बाहरी रूप से एक नागरिक विमान जैसा दिखता था, लेकिन आयोजन और उद्देश्य के हिसाब से वह सैन्य ऑपरेशन का हिस्सा था।

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इस विमान को पेंट करके नागरिक जैसा दिखाया गया, और इसके भीतर हथियार छिपाए गए थे, जबकि बाहरी हिस्से में उन्हें साफ तौर पर नहीं दिखाया गया। इस तरह के प्रचलन को सैन्य नियमों में ‘विश्वासघात’ (Perfidy) के तौर पर माना जाता है, क्योंकि यह दुश्मन को धोखे में डालने के लिए नागरिक पहचान का दुरुपयोग करता है। ऐसे प्रभाव से असली नागरिक विमानों को भी खतरा हो सकता है, और युद्ध कानूनों के प्रति गहरा उल्लंघन माना जाता है।

क्या हुआ था इस ऑपरेशन में?

2025 के अंत में अमेरिकी सैन्य अभियान, जिसे कुछ रिपोर्टों में Operation Southern Spear के नाम से भी जोड़ा जा रहा है, के तहत अमेरिका ने कई नावों पर हमले किए थे जिन पर आरोप था कि वे मादक पदार्थों की तस्करी कर रही थीं। इस अभियान की शुरुआत सितंबर से हुई थी और इस दौरान दर्जनों लोगों की मौत हुई।

2 सितंबर 2025 को उस अभियान में सबसे पहला एवं अहम हमला किया गया, जब मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अमेरिकी सेना ने निगरानी विमान की मदद से एक नाव को निशाना बनाया। वह विमान दिखने में एक आम नागरिक विमान की तरह था, लेकिन भीतर इसका हथियारबंद इंजिन छिपा हुआ था।

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नियमों और युद्ध कानूनों के खिलाफ क्यों?

अंतरराष्ट्रीय युद्ध नियमों, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र के कमेंट्री ऑन आर्टिकल 37 तथा पेंटागन की अपनी मिलिट्री गाइडलाइंस के तहत किसी भी सैन्य इकाई को नागरिक पहचान का उपयोग कर हमला करने से रोकने वाले प्रावधान हैं। ऐसा करना ‘विश्वासघात’ के दायरे में आता है और इससे नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है क्योंकि दुश्मन पक्ष नागरिक परिवहन साधनों पर भी हमला कर सकता है।

यूएस मिलिट्री के नियमों की एक लंबी गाइडलाइंस में स्पष्ट लिखा है कि “नागरिक के रूप में घुसपैठ करके हमला करना कानून का उल्लंघन है और इससे सभी नागरिकों को जोखिम होता है।” हालांकि सैन्य अधिकारियों की तरफ से कहा गया है कि मिशन की आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रकार के मानक और गैर-मानक विमान इस्तेमाल किए जाते हैं, लेकिन इस कदम ने विशेषज्ञों में चिंता पैदा कर दी है कि यथार्थ में क्या किया गया और क्यों किया गया।

अंतरराष्ट्रीय और कानूनी बहस

इस विवाद ने न सिर्फ युद्ध-कानून विशेषज्ञों को झकझोर दिया है, बल्कि अमेरिकी राजनीति में भी गहरा बहस छेड़ दी है। कुछ सांसद, विशेषकर अमेरिकी सीनेट में, अब यह प्रस्ताव लाने की बात कर रहे हैं कि बिना कांग्रेस के स्पष्ट अनुमोदन के वेनेजुएला के खिलाफ किसी भी आगे की सैन्य कार्रवाई को रोका जाना चाहिए।

कई कानूनी विश्लेषकों के अनुसार, नागरिक पहचान का उपयोग युद्ध के दौरान एक सैन्य कार्रवाई में धोखे के रूप में माना जाता है, और यह अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सबसे अहम सिद्धांतों के खिलाफ है। यदि सच में विमान को नागरिक के रूप में पेश कर हमला किया गया है तो यह अंतरराष्ट्रीय युद्ध अपराध की श्रेणी में भी आ सकता है।

अमेरिकी सरकार की प्रतिक्रिया

पेंटागन के प्रवक्ता ने कहा है कि अमेरिकी सेना मिशन आवश्यकताओं के अनुसार विभिन्न प्रकार के विमानों का उपयोग करती है, जिनमें कुछ को मानक दिखावट और कुछ को गैर-मानक के रूप में रखा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह कार्रवाई ड्रग तस्करी के खिलाफ एक गंभीर अभियान का हिस्सा थी। लेकिन इनके बयान ने विवाद को कम करने की बजाय और अधिक सवाल खड़े कर दिए हैं।

अमेरिकी रणनीति और विदेश नीति

यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रशासन की वेनेजुएला नीति का हिस्सा माना जाता है, जिसमें वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप लगाए गए हैं, और कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका लाया गया है। हालांकि इस प्रकार की कार्रवाई ने क्षेत्रीय तथा वैश्विक राजनीति में नई बहस भी छेड़ दी है।

अमेरिका का यह विवादित कदम — सैन्य विमान को नागरिक विमान की तरह दिखाकर इस्तेमाल करना — न केवल युद्ध नियमों को चुनौती देता है बल्कि नागरिक सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक मानदंडों पर भी बड़े प्रश्न खड़े करता है। इसे केवल एक सैन्य ऑपरेशन के रूप में नहीं देखा जा सकता, बल्कि यह अमेरिका की विदेश नीति, रणनीति और उसके अंतरराष्ट्रीय कृत्यों की जटिलता की एक चिंताजनक तस्वीर भी पेश करता है।

The US military painted an aircraft to look like a civilian plane for a controversial strike against an alleged drug-smuggling boat off the Venezuela coast, raising legal and ethical concerns under Pentagon war protocols. This action challenges international law, the laws of war and has sparked debates in the US Senate about military powers and future military action in Venezuela.

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