AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को 2047 तक एक विकसित प्रदेश बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक अनोखी पहल शुरू की है, जिसके तहत अब हर आम नागरिक अपनी राय और सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेगा। इस अभियान का नाम है – “समर्थ उत्तर प्रदेश – विकसित उत्तर प्रदेश @2047″।
बुधवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने इस पोर्टल और क्यूआर कोड को लॉन्च किया। उन्होंने कहा –
“उत्तर प्रदेश का भविष्य जनता के सपनों और विचारों पर आधारित होगा। इसलिए हमें यह समझना होगा कि हम आने वाले दो दशकों में कैसा उत्तर प्रदेश देखना चाहते हैं।”
जनता की राय से बनेगा विकास का खाका
इस पहल का सबसे बड़ा मकसद है कि विकास योजनाओं में सिर्फ सरकार ही नहीं बल्कि जनता भी बराबरी की भागीदार बने। इसके लिए https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर सुझाव देने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
साथ ही, शहरों और गांवों के सार्वजनिक स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे। इन्हें स्कैन करके लोग सीधे अपनी राय दर्ज कर सकेंगे।
अच्छा सुझाव, मिलेगा पुरस्कार
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन नागरिकों के सुझावों को सबसे बेहतर और उपयोगी माना जाएगा, उन्हें सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा।
यह पुरस्कार सिर्फ एक प्रोत्साहन नहीं, बल्कि यह संदेश भी होगा कि सरकार जनता की आवाज़ को सचमुच अहमियत देती है।
युवाओं और स्टार्टअप पर खास ध्यान
मुख्यमंत्री योगी ने कानपुर आईआईटी में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा –
“अगर हमें उत्तर प्रदेश को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना है, तो हमें युवाओं और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करना होगा। विशेष रूप से डीपटेक स्टार्टअप्स भविष्य के विकास में अहम भूमिका निभाएंगे।”
इसके लिए गौतम बुद्ध नगर में प्रदेश का पहला डीपटेक सेंटर स्थापित किया जा रहा है। सीएम ने आईआईटी कानपुर से अपील की कि वह इस सेंटर का नेतृत्व करे और इसे उत्कृष्ट बनाए। उन्होंने कहा कि इस काम में डीआरडीओ (DRDO) और इसरो (ISRO) की भी मदद ली जाएगी।
विशेषज्ञों की राय
लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. अशोक मिश्रा का मानना है –
“यह पहल अभूतपूर्व है। इससे जनता को लगेगा कि उसकी राय मायने रखती है। अगर सुझावों को गंभीरता से लागू किया गया, तो निश्चित ही 2047 तक यूपी की तस्वीर बदल सकती है।”
गाजियाबाद के समाजसेवी अनिल वर्मा कहते हैं –
“अब तक योजनाएं ऊपर से नीचे आती थीं, लेकिन यह पहला मौका है जब सरकार सीधे जनता से राय ले रही है। यह लोकतंत्र को और मजबूत बनाएगा।”
युवाओं की उम्मीदें
नोएडा की इंजीनियरिंग छात्रा निधि श्रीवास्तव कहती हैं –
“मैं चाहती हूं कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप और आईटी सेक्टर में भी बेंगलुरु और हैदराबाद की तरह जाना जाए। अगर सरकार इस दिशा में कदम बढ़ाए, तो लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा।”
वाराणसी के मेडिकल छात्र आयुष तिवारी कहते हैं –
“हम चाहते हैं कि प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं और मजबूत हों। यदि यह सुनिश्चित हो जाए, तो हमें बाहर पढ़ाई या इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा।”
ग्रामीण जनता की सोच
बस्ती जिले के किसान रामनिवास कहते हैं –
“हमारे लिए सबसे जरूरी है कि खेती लाभकारी बने। सरकार से मेरी अपील है कि सिंचाई की बेहतर व्यवस्था हो और छोटे किसानों को तकनीक का फायदा मिले।”
कन्नौज की महिला उद्यमी रेखा यादव का कहना है –
“महिलाओं के लिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देना चाहिए। अगर हमें सही सहयोग मिले तो हम घर बैठे ही प्रदेश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे सकती हैं।”
कैसे दें सुझाव?
1. ऑनलाइन पोर्टल – samarthuttarpradesh.up.gov.in पर जाकर अपनी राय दर्ज करें।
2. क्यूआर कोड – शहरों और गांवों में लगाए गए कोड स्कैन करके तुरंत सुझाव भेजें।
3. अवधि – यह अभियान एक माह तक चलेगा।
4. पुरस्कार – चुने गए सुझावों को न केवल लागू किया जाएगा बल्कि सुझाव देने वालों को सम्मानित भी किया जाएगा।
क्यों है यह पहल खास?
आम जनता को सीधे नीति निर्माण में भागीदारी का अवसर
युवाओं, किसानों, महिलाओं और उद्यमियों की राय को महत्व
2047 तक विकसित भारत और उत्तर प्रदेश की दिशा तय करना
स्टार्टअप और नई तकनीक को बढ़ावा देना
लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करना
उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल सिर्फ एक पोर्टल लॉन्च करने तक सीमित नहीं है। यह जनता को यह एहसास दिलाने का प्रयास है कि वह सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि प्रदेश के भविष्य की असली भागीदार है।
अगर लोग सक्रिय रूप से इसमें हिस्सा लें और अपने विचार साझा करें, तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के मानचित्र पर भी एक विकसित और आत्मनिर्भर प्रदेश के रूप में उभर सकता है।
The Government of Uttar Pradesh has launched the “Samarth Uttar Pradesh – Viksit Uttar Pradesh @2047” campaign to involve citizens in shaping the future of the state. Through the dedicated suggestion portal and QR code system, people can share ideas for making Uttar Pradesh a developed and self-reliant state by 2047. Chief Minister Yogi Adityanath highlighted the importance of youth, startups, and citizen participation in building a strong development vision. The government also announced rewards for the best suggestions, ensuring that innovative and practical ideas are implemented in policy-making.



















