AIN NEWS 1: केंद्र सरकार द्वारा लाए गए VB-G RAM G बिल को लेकर देश की राजनीति एक बार फिर गर्मा गई है। इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा सरकार विकास के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए केवल योजनाओं और संस्थानों के नाम बदलने में लगी हुई है।
आज तक चैनल से बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी केवल एक नाम नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं, जो देश के हर नागरिक के दिल और दिमाग में बसी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गांधी के नाम को हटाकर उनकी सोच को कमजोर करना चाहती है, लेकिन ऐसा करना संभव नहीं है।
VB-G RAM G बिल पर सवाल
अखिलेश यादव ने VB-G RAM G बिल को लेकर कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि इस बिल से आम जनता को क्या फायदा होगा। उन्होंने कहा कि अगर किसी योजना का उद्देश्य गरीब, मजदूर और ग्रामीण जनता की मदद करना है, तो उसका नाम बदलने से ज़्यादा ज़रूरी है कि उसकी आत्मा और कार्यप्रणाली को मजबूत किया जाए।
उन्होंने कहा,
“अगर योजनाओं का लाभ ज़मीन पर नहीं पहुंचेगा, तो चाहे नाम कुछ भी रख लिया जाए, जनता को कोई फायदा नहीं होगा।”
महात्मा गांधी की विचारधारा पर हमला?
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार गांधी की विचारधारा के विपरीत काम कर रही है। उन्होंने कहा कि गांधी जी ने हमेशा सत्य, अहिंसा, समानता और गरीबों के अधिकारों की बात की, जबकि आज की सरकार नीतियों के ज़रिये समाज को बांटने का काम कर रही है।
अखिलेश यादव के मुताबिक,
“महात्मा गांधी किसी एक पार्टी या सरकार के नहीं हैं। वह पूरे देश की आत्मा हैं। नाम बदलकर उनकी सोच को मिटाया नहीं जा सकता।”
MGNREGA और ग्रामीण रोजगार का मुद्दा
बातचीत के दौरान अखिलेश यादव ने MGNREGA का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण भारत की रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है, कभी बजट घटाकर तो कभी नाम बदलने जैसी कवायद कर के।
उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मनरेगा ने करोड़ों लोगों को रोज़गार दिया, लेकिन आज भी मजदूरों को समय पर भुगतान नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में सरकार को नए नामों की बजाय पुरानी योजनाओं को ईमानदारी से लागू करने पर ध्यान देना चाहिए।
सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल
अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सरकार का फोकस जनता की असल समस्याओं से हट चुका है। महंगाई, बेरोज़गारी, किसानों की आय और शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर सरकार के पास कोई ठोस जवाब नहीं है।
उन्होंने कहा कि,
“जब सवालों के जवाब नहीं होते, तब नाम बदल दिए जाते हैं। इससे सच्चाई नहीं बदलती।”
राजनीतिक संदेश और आगामी चुनाव
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान केवल VB-G RAM G बिल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले चुनावों से पहले सरकार की नीतियों पर सीधा हमला है। समाजवादी पार्टी लगातार यह मुद्दा उठाती रही है कि केंद्र सरकार प्रतीकों और नामों की राजनीति कर रही है, जबकि ज़मीनी हकीकत अलग है।
अखिलेश यादव ने साफ किया कि उनकी पार्टी गांधीवादी मूल्यों, सामाजिक न्याय और गरीबों के अधिकारों के लिए संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और सही समय पर जवाब देगी।
संवाददाता की खास बातचीत
इस पूरे मुद्दे पर आज तक की संवाददाता मौसमी सिंह ने अखिलेश यादव से खास बातचीत की, जिसमें उन्होंने बिना किसी संकोच के सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। यह बातचीत सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा में है और लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
Akhilesh Yadav strongly criticized the VB-G RAM G Bill during an exclusive interview with Aaj Tak, stating that the central government is focused on renaming schemes rather than improving their implementation. He emphasized that Mahatma Gandhi’s ideology cannot be erased by changing names and highlighted concerns related to MGNREGA, rural employment, and the government’s priorities. The statement has sparked political debate over the future of welfare schemes and Gandhian principles in India.






