AIN NEWS 1 | भारत के उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। गुरुवार, 21 अगस्त 2025 को इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने नामांकन दाखिल कर दिया। इस मौके पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, सांसद राहुल गांधी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव और शिवसेना (उद्धव गुट) के संजय राउत सहित कई विपक्षी दलों के दिग्गज नेता मौजूद रहे।

सुदर्शन रेड्डी का सीधा मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार और भाजपा के वरिष्ठ नेता सी.पी. राधाकृष्णन से होगा।
बी. सुदर्शन रेड्डी का नामांकन: विपक्ष का शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के दौरान विपक्षी दलों ने अपनी मजबूती और एकजुटता का प्रदर्शन किया। बी. सुदर्शन रेड्डी के नामांकन पत्र के चार सेट दाखिल किए गए, जिन पर कुल 160 सांसदों ने प्रस्तावक और अनुमोदक के रूप में हस्ताक्षर किए।
इनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, द्रमुक नेता तिरुचि शिवा और कई बड़े सांसद शामिल रहे। यह दिखाता है कि विपक्ष उपराष्ट्रपति चुनाव में पूरी तैयारी और सामूहिक समर्थन के साथ उतरा है।
कौन हैं बी. सुदर्शन रेड्डी?
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बी. सुदर्शन रेड्डी सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश रह चुके हैं।
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उन्होंने गोवा में लोकायुक्त का पद भी संभाला।
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उनका राजनीतिक करियर भले ही लंबा न हो, लेकिन उनकी कानूनी विशेषज्ञता और ईमानदार छवि विपक्ष के लिए उन्हें एक मजबूत उम्मीदवार बनाती है।
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उनका जन्म आंध्र प्रदेश (वर्तमान तेलंगाना) के रंगारेड्डी जिले में हुआ था।
एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन
दूसरी ओर, एनडीए ने सी.पी. राधाकृष्णन को अपना उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने बुधवार (20 अगस्त) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
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राधाकृष्णन तमिलनाडु के वरिष्ठ भाजपा नेता माने जाते हैं।
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उन्होंने दक्षिण भारत में पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए लंबे समय तक काम किया है।
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उनका जन्म तिरुप्पुर (तमिलनाडु) में हुआ था।
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वे पार्टी के जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर शीर्ष नेतृत्व तक एक भरोसेमंद चेहरा माने जाते हैं।
खास बात: दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से
इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में दिलचस्प पहलू यह है कि दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से आते हैं।
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सी.पी. राधाकृष्णन – तमिलनाडु से भाजपा के वरिष्ठ नेता।
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बी. सुदर्शन रेड्डी – आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) से पूर्व जज और गोवा के पूर्व लोकायुक्त।
इससे साफ है कि दक्षिण भारत की राजनीति और प्रतिनिधित्व इस बार उपराष्ट्रपति चुनाव में अहम भूमिका निभा रहा है।
जयराम रमेश ने दी जानकारी
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा की। उन्होंने बी. सुदर्शन रेड्डी के नामांकन से जुड़ा एक बयान भी पोस्ट किया। इसमें रेड्डी ने कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ निभाएंगे।
विपक्ष के लिए बड़ा दांव
इंडिया गठबंधन की ओर से बी. सुदर्शन रेड्डी का नामांकन एक बड़ा दांव माना जा रहा है। विपक्ष चाहता है कि वे इस चुनाव के जरिए न केवल सरकार के सामने अपनी ताकत दिखाएं बल्कि जनता के बीच भी यह संदेश जाए कि गठबंधन एकजुट है।
कांग्रेस और सहयोगी दलों के नेताओं का मानना है कि न्यायपालिका और संवैधानिक पदों पर अनुभव रखने वाले उम्मीदवार का चयन करना विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।
एनडीए बनाम इंडिया गठबंधन: मुकाबला दिलचस्प
इस चुनाव में एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच सीधा टकराव है।
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एनडीए – भाजपा और सहयोगी दलों के साथ।
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इंडिया गठबंधन – कांग्रेस, सपा, शिवसेना (उद्धव गुट), द्रमुक समेत कई बड़े विपक्षी दलों का समर्थन।
भले ही संख्या बल के लिहाज से एनडीए की स्थिति मजबूत है, लेकिन विपक्ष का यह प्रयास एक प्रतीकात्मक लड़ाई के रूप में देखा जा रहा है।
चुनाव कब होगा?
संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति चुनाव गुप्त मतदान से होता है और इसमें संसद के दोनों सदनों के सांसद वोट डालते हैं।
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चुनाव की तारीख जल्द ही तय होगी।
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नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग मतदान का कार्यक्रम जारी करेगा।
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025 अब रोमांचक मोड़ पर है। एक तरफ हैं भाजपा के वरिष्ठ नेता और दक्षिण भारत से मजबूत पकड़ रखने वाले सी.पी. राधाकृष्णन, और दूसरी ओर विपक्ष के उम्मीदवार, पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुदर्शन रेड्डी।
यह चुनाव सिर्फ एक संवैधानिक पद के लिए मुकाबला नहीं, बल्कि एनडीए और इंडिया गठबंधन के बीच राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन भी है। अब देखना यह होगा कि संसद के सदनों में कौन ज्यादा समर्थन जुटा पाता है और देश का अगला उपराष्ट्रपति कौन बनता है।


















