Why Arvind Kejriwal is Missing from Delhi After Elections? AAP’s Sanjay Singh Answers
चुनाव के बाद अरविंद केजरीवाल दिल्ली से क्यों दूर हैं? संजय सिंह ने दिया साफ जवाब
AIN NEWS 1: दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अचानक दिल्ली की राजनीति में कम दिखाई दे रहे हैं। इस पर कई राजनीतिक विश्लेषकों और जनता के बीच सवाल उठ रहे थे कि केजरीवाल कहां हैं? क्या वे राजनीति से दूरी बना रहे हैं या किसी रणनीति पर काम कर रहे हैं?
इस सवाल का जवाब खुद आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने दिया है। एक इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि अरविंद केजरीवाल कहीं “गायब” नहीं हुए हैं, बल्कि वह इस समय पार्टी के विस्तार की जिम्मेदारी को बखूबी निभा रहे हैं।
केजरीवाल की गैरमौजूदगी पर उठे सवाल
चुनावों के बाद यह चर्चा तेज हो गई थी कि अरविंद केजरीवाल दिल्ली में न तो किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे, न ही कोई प्रमुख बयान सामने आया। सोशल मीडिया पर यह सवाल उठाया जाने लगा कि वह कहां हैं, और क्यों दिल्ली की समस्याओं पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे।
संजय सिंह ने दी सफाई
इन चर्चाओं को विराम देते हुए संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा, “लोगों को यह भ्रम निकाल देना चाहिए कि केजरीवाल जी कहीं गायब हो गए हैं। वह पहले से भी ज्यादा मेहनत कर रहे हैं।”
उन्होंने बताया कि केजरीवाल इस समय गुजरात में पार्टी के संगठन को मजबूत बनाने में जुटे हैं। वे वहां की राजनीतिक स्थिति को समझते हुए ‘AAP’ को मजबूत आधार देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
गुजरात से लेकर पंजाब तक सक्रियता
संजय सिंह ने बताया कि गुजरात में ‘आप’ को शून्य से शुरू करके एक मज़बूत संगठन खड़ा करने का काम किया जा रहा है। यह कोई आसान काम नहीं है, लेकिन केजरीवाल इसे पूरी गंभीरता से कर रहे हैं।
सिर्फ गुजरात ही नहीं, पंजाब में भी पार्टी की सरकार है और वहां भी कई जमीनी मुद्दों को सुलझाने की जिम्मेदारी केजरीवाल निभा रहे हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी के विस्तार की योजना पर भी काम हो रहा है।
संगठन विस्तार है प्राथमिकता
संजय सिंह ने कहा कि अब पार्टी का लक्ष्य सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रह गया है। “अब हमारी जिम्मेदारी अलग-अलग राज्यों में पार्टी का आधार बढ़ाने की है। इसके लिए हमें अपनी रणनीति में समय-समय पर बदलाव भी करना होगा।”
उन्होंने आगे कहा, “हर समय एक ही रास्ते पर चलना राजनीति में सही नहीं होता। अब हमारी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार की दिशा में है और उसी के अनुसार रणनीति बनाई जा रही है।”
चुनाव की तैयारी का हिस्सा है यह रणनीति
संजय सिंह के अनुसार यह सब आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की तैयारी का ही हिस्सा है। “जब अगला चुनाव आएगा, तब हमारी मेहनत का नतीजा सबके सामने होगा।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि आम आदमी पार्टी अब एक राष्ट्रीय विकल्प बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए नेताओं को दिल्ली से बाहर निकलकर अन्य राज्यों में सक्रिय भूमिका निभानी पड़ रही है।
आलोचनाओं को बताया राजनीतिक शोर
केजरीवाल की अनुपस्थिति को लेकर हो रही आलोचनाओं पर संजय सिंह ने कहा कि कई बार राजनीतिक दल या सोशल मीडिया पर ऐसे भ्रम फैलाए जाते हैं जिनका हकीकत से कोई लेना-देना नहीं होता।
“किसी के न दिखने का मतलब यह नहीं कि वह काम नहीं कर रहा। अरविंद केजरीवाल लगातार यात्राओं पर हैं, लोगों से मिल रहे हैं, रणनीति बना रहे हैं और नए क्षेत्रों में पार्टी को स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं।”
दिल्ली की जिम्मेदारियों से नहीं मुंह मोड़ा
जहां कुछ लोग यह आरोप लगा रहे थे कि केजरीवाल दिल्ली की जिम्मेदारियों से पीछे हट रहे हैं, वहीं संजय सिंह ने साफ कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। “दिल्ली की समस्याओं को लेकर वे लगातार अपडेट ले रहे हैं और प्रशासनिक कामकाज पर भी नजर बनाए हुए हैं।”
राजनीति में बदलाव जरूरी
अंत में संजय सिंह ने यह भी कहा कि हर राजनीतिक दल को समय के साथ खुद को बदलना होता है। “हमेशा एक ही शैली में राजनीति नहीं की जा सकती। पार्टी को अगर आगे बढ़ाना है तो नई जगहों पर जाना, नए लोगों से जुड़ना और नए मुद्दों पर काम करना जरूरी होता है।”
अरविंद केजरीवाल की दिल्ली में कम उपस्थिति कोई लापरवाही नहीं बल्कि एक रणनीतिक राजनीतिक निर्णय है। वे इस समय गुजरात, पंजाब, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों में पार्टी के संगठनात्मक विस्तार में व्यस्त हैं। यह सब आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय विकल्प बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
संजय सिंह के अनुसार जब चुनाव नजदीक आएंगे, तब इस मेहनत के नतीजे सामने आएंगे। तब तक जनता को यह समझने की जरूरत है कि राजनीति में कई बार सामने दिखाई न देने वाले काम, असल में सबसे अहम होते हैं।
Arvind Kejriwal’s sudden absence from Delhi after the Assembly elections has raised questions. However, AAP leader Sanjay Singh clarified in an interview that Kejriwal is not missing but is actively involved in expanding the Aam Aadmi Party across India. His current focus is on building the party’s structure in Gujarat, strategizing for campaigns in Punjab and Uttar Pradesh, and ensuring a strong organizational base in states like Madhya Pradesh and Goa. This strategic move is part of Kejriwal’s larger political plan for nationwide impact.



















