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ऑनलाइन गेमिंग बिल क्यों जरूरी था? केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा खुलासा

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AIN NEWS 1 | पिछले कुछ वर्षों में भारत में ऑनलाइन गेमिंग एक तेजी से बढ़ता हुआ उद्योग बन गया है। मोबाइल और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ लाखों यूजर्स रोज़ाना विभिन्न ऐप्स और वेबसाइट्स पर गेम खेलते हैं। इस सेक्टर में हर दिन हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन होता है। लेकिन इसके साथ ही कई गंभीर समस्याएं भी सामने आ रही हैं, खासकर ऑनलाइन मनी गेमिंग को लेकर।

इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग बिल संसद में पेश किया, जो लोकसभा और राज्यसभा दोनों में पारित हो चुका है। इसका नाम रखा गया है—“प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल”

तीन प्रमुख सेगमेंट्स—कौन से होंगे प्रमोट, कौन से रेगुलेट?

केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ABP न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि ऑनलाइन गेमिंग मुख्य रूप से तीन हिस्सों में बंटा है:

  1. ई-स्पोर्ट्स

  2. ऑनलाइन सोशल गेमिंग

  3. ऑनलाइन मनी गेमिंग

मंत्री ने कहा कि पहले दो सेगमेंट—ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेमिंग—को सरकार बढ़ावा देना चाहती है। ये ऐसे गेम्स हैं जिनका मकसद शिक्षा, रिक्रिएशन और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है। जबकि ऑनलाइन मनी गेमिंग यानी पैसे वाले खेलों ने समाज में कई समस्याएं पैदा की हैं।

ऑनलाइन मनी गेमिंग क्यों खतरनाक?

वैष्णव ने साफ कहा कि पैसे से जुड़े गेम समाज के लिए नुकसानदायक साबित हो रहे हैं।

  • युवा इन खेलों की लत के शिकार हो रहे हैं।

  • मध्यमवर्गीय परिवार अपनी कमाई खो देते हैं।

  • कई बार हालात इतने बिगड़ जाते हैं कि खिलाड़ी सुसाइड तक कर लेते हैं।

हाल ही में एक 8 साल के बच्चे की आत्महत्या का मामला सामने आया था, जिसने पूरे देश को झकझोर दिया।

सांसदों और विधायकों की मांग

आईटी मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर संसद और विधानसभा दोनों जगह जनप्रतिनिधियों की लगातार मांग थी। लगभग हर राज्य से सांसद और विधायक चाहते थे कि इस पर सख्त कानून बने। लोकसभा के स्पीकर ने भी इस विषय पर लंबी बहस कराने की बात कही थी, क्योंकि उनके पास भी ऐसे मामलों की शिकायतें पहुंचती थीं।

भारत को बनाना है गेमिंग हब

सरकार का यह भी मानना है कि भारत के पास गेम डेवलपमेंट और क्रिएटिव टेक्नोलॉजी में बड़ा टैलेंट बेस है। इसलिए, ऐसे गेम्स को प्रोत्साहित किया जाएगा जो शिक्षा, कौशल और मनोरंजन से जुड़े हों। सरकार चाहती है कि भारत सिर्फ उपभोक्ता ही नहीं, बल्कि गेम बनाने वाला हब भी बने।

समाज पर असर और सरकार का कदम

सरकार का संदेश स्पष्ट है—

  • सकारात्मक गेमिंग को बढ़ावा मिलेगा।

  • हानिकारक मनी गेमिंग पर सख्त नियंत्रण होगा।

  • युवाओं को लत और परिवारों को बर्बादी से बचाना सरकार की प्राथमिकता है।

केंद्रीय मंत्री वैष्णव के शब्दों में, “यह कानून केवल पाबंदी के लिए नहीं, बल्कि भारत को सुरक्षित और रचनात्मक गेमिंग कल्चर देने के लिए है।”

ऑनलाइन गेमिंग बिल का मकसद सिर्फ नियंत्रण नहीं, बल्कि संतुलन है। एक तरफ जहां यह कानून युवाओं को बर्बादी से बचाएगा, वहीं दूसरी तरफ भारत को एक वैश्विक गेमिंग डेस्टिनेशन बनाने की दिशा में भी मजबूत कदम है।

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