AIN NEWS 1: नोएडा के सेक्टर-150 में हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर शहरी विकास और निर्माण स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस हादसे में युवा इंजीनियर युवराज मेहता की जान चली गई, जिसने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। मामला सामने आते ही उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे गंभीरता से लिया और जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कड़े कदम उठाए।

🔹 कैसे हुआ हादसा?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, नोएडा सेक्टर-150 में एक निर्माणाधीन परियोजना के पास खुले और बिना बैरिकेडिंग वाले गड्ढे में गिरने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि यह गड्ढा लंबे समय से खुला पड़ा था और न तो वहां चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे और न ही कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों और बिल्डर से इस खतरे को लेकर शिकायत की थी, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई।

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🔹 परिवार का दर्द और सवाल

युवराज मेहता के परिजनों का कहना है कि यह हादसा नहीं बल्कि लापरवाही से हुई मौत है। परिवार ने साफ शब्दों में कहा कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते, तो आज युवराज जिंदा होते।

परिजनों की मांग थी कि सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।

🔹 योगी सरकार का त्वरित एक्शन

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन और पुलिस हरकत में आई।

हादसे के लिए जिम्मेदार बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया

नोएडा अथॉरिटी के लापरवाह अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई

संबंधित इंजीनियरों और अफसरों से जवाब तलब किया गया

सरकार ने साफ कर दिया कि विकास के नाम पर लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

🔹 नोएडा अथॉरिटी पर गिरी गाज

जांच में सामने आया कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन किया गया था। इसके बाद नोएडा अथॉरिटी के कुछ अधिकारियों को निलंबित किया गया, जबकि कुछ का तबादला कर दिया गया।

सरकार का संदेश स्पष्ट है—जो जिम्मेदार है, वही जवाबदेह होगा।

🔹 सुरक्षा ऑडिट के आदेश

भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए सरकार ने नोएडा सहित पूरे प्रदेश में:

सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं का सुरक्षा ऑडिट

खुले गड्ढों की तत्काल बैरिकेडिंग

चेतावनी बोर्ड और लाइटिंग अनिवार्य

लापरवाह बिल्डरों पर भारी जुर्माना

जैसे निर्देश जारी किए हैं।

🔹 पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई

यूपी पुलिस ने इस मामले में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से मौत की धाराओं में केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान यदि और भी दोषी सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई होगी।

🔹 प्रशासन की सख्त चेतावनी

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अब कोई भी बिल्डर या अधिकारी नियमों की अनदेखी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

नोएडा प्रशासन ने नागरिकों से भी अपील की है कि अगर कहीं निर्माण स्थल पर खतरा दिखे, तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

🔹 जनता में गुस्सा और उम्मीद

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा जरूर है, लेकिन सरकार की त्वरित कार्रवाई से यह उम्मीद भी जगी है कि अब सिस्टम में सुधार होगा।

लोगों का कहना है कि अगर हर मामले में इसी तरह सख्ती दिखाई जाए, तो ऐसी घटनाओं पर रोक लग सकती है।

🔹 एक मौत, कई सबक

युवराज मेहता की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही का आईना है। यह घटना प्रशासन, बिल्डरों और आम नागरिकों—सभी के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।

योगी सरकार की कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रदेश में कानून से ऊपर कोई नहीं है और आम नागरिक की जान की कीमत सबसे ज्यादा है।

The tragic death of engineer Yuvraj Mehta in Noida Sector 150 has led to strict action by the Yogi Adityanath government. In the Noida engineer death case, the builder was arrested, officials of Noida Authority were punished, and a comprehensive safety audit of construction sites was ordered. This decisive action highlights the Uttar Pradesh government’s zero tolerance policy towards negligence, illegal construction practices, and public safety violations in Noida and across the state.

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