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सिर्फ 2 रुपये की बढ़ोतरी से जोमैटो को 15 करोड़ रुपये का मुनाफा, जानिए कंपनी का पूरा गेम प्लान

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AIN NEWS 1 | फूड डिलीवरी ऐप जोमैटो (Zomato) और उसकी क्विक कॉमर्स सर्विस ब्लिंकिट (Blinkit) की पेरेंट कंपनी एटरनल ने एक बड़ा फैसला लिया है। कंपनी ने मंगलवार को घोषणा की कि अब प्लेटफॉर्म फीस 10 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये कर दी गई है। पहली नजर में यह मामूली 2 रुपये की बढ़ोतरी लग सकती है, लेकिन इसका असर करोड़ों में है।

क्यों बढ़ाई गई प्लेटफॉर्म फीस?

जोमैटो ने सबसे पहले अगस्त 2023 में प्लेटफॉर्म फीस लागू की थी, जब ग्राहकों से 2 रुपये चार्ज किए जाते थे। इसके बाद धीरे-धीरे यह शुल्क बढ़ता गया और अब सितंबर 2025 से यह 12 रुपये हो गया है।

इस फैसले के पीछे कंपनी का सीधा मकसद है—लाभप्रदता बढ़ाना और बिजनेस का विस्तार करना। भले ही 2 रुपये की बढ़ोतरी छोटी लगे, लेकिन कंपनी हर दिन लगभग 25 लाख ऑर्डर पूरे करती है। इस हिसाब से सिर्फ प्लेटफॉर्म फीस से ही उसे रोजाना करीब 15 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई हो सकती है।

वार्षिक आधार पर यह आय 180 से 200 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यही वजह है कि कंपनी इस कदम को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा मान रही है।

ग्राहकों की नाराजगी भी

जहां एक तरफ कंपनी इसे गेम-चेंजर बता रही है, वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों में नाराजगी बढ़ रही है। कई यूजर्स का कहना है कि जोमैटो पर पहले जितने डिस्काउंट और ऑफर्स मिलते थे, अब वे धीरे-धीरे कम हो रहे हैं। इसके साथ ही प्लेटफॉर्म चार्ज लगातार बढ़ाना ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है

कंपनी की कमाई और मुनाफे का हाल

हाल ही में जारी जून तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक, जोमैटो का शुद्ध मुनाफा घटकर 25 करोड़ रुपये रह गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 253 करोड़ रुपये था।

हालांकि राजस्व में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल के 4,206 करोड़ रुपये से बढ़कर इस बार 7,167 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह बढ़ोतरी खासतौर पर ब्लिंकिट और अन्य नए कारोबार में आक्रामक निवेश के कारण हुई है।

इसका मतलब साफ है कि भले ही शुद्ध मुनाफे में गिरावट आई हो, लेकिन कंपनी दीर्घकालिक लाभ के लिए मजबूत नींव बना रही है।

प्लेटफॉर्म फीस का सफर – कब और कैसे बढ़ी?

  • अगस्त 2023 – पहली बार 2 रुपये फीस लागू हुई।

  • 2023 के अंत तक – प्लेटफॉर्म चार्ज बढ़ाकर 3 रुपये किया गया।

  • 1 जनवरी 2024 – फीस बढ़कर 4 रुपये हो गई।

  • 31 दिसंबर 2023 – अस्थायी तौर पर फीस 9 रुपये की गई।

  • इसके बाद – स्थायी रूप से प्लेटफॉर्म चार्ज 10 रुपये हुआ।

  • सितंबर 2025 – कंपनी ने फीस को बढ़ाकर 12 रुपये कर दिया।

यह क्रम बताता है कि कंपनी हर साल धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म चार्ज में इजाफा कर रही है और इसे अपने बिजनेस मॉडल का हिस्सा बना चुकी है।

क्या है जोमैटो का आगे का प्लान?

विशेषज्ञों का मानना है कि जोमैटो भविष्य में भी धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म फीस को एडजस्ट करता रहेगा। इसका मकसद है निवेशकों को भरोसा दिलाना कि कंपनी न सिर्फ रेवेन्यू कमा रही है बल्कि लॉन्ग-टर्म प्रॉफिट की दिशा में आगे बढ़ रही है।

कंपनी फूड डिलीवरी से लेकर क्विक कॉमर्स सेक्टर में बड़ी हिस्सेदारी बनाने की कोशिश कर रही है। इसके अलावा, तकनीक और लॉजिस्टिक्स पर लगातार निवेश कर रही है ताकि डिलीवरी समय घटे और ग्राहक अनुभव बेहतर हो।

सिर्फ 2 रुपये की प्लेटफॉर्म फीस बढ़ोतरी जोमैटो के लिए करोड़ों रुपये का मुनाफा लेकर आ रही है। हालांकि ग्राहक इस फैसले से पूरी तरह खुश नहीं हैं, लेकिन कंपनी के लिए यह एक बड़ा राजस्व स्रोत बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी ग्राहकों की नाराजगी और निवेशकों की उम्मीदों के बीच कैसे संतुलन बनाती है।

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