spot_imgspot_img

आरएसएस सरकार्यवाह होसबाले बोले – जनसंख्या नीति लाना अब समय की मांग, असंतुलन रोकना जरूरी!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि देश में जल्द से जल्द एक ठोस जनसंख्या नीति (Population Policy) लागू की जाए। उनका कहना है कि अगर समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो भारत में जनसांख्यिकीय असंतुलन (Demographic Imbalance) बढ़ सकता है, जिससे लोकतंत्र की स्थिरता पर असर पड़ेगा।

मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित आरएसएस की अखिल भारतीय कार्यकारिणी बैठक के अंतिम दिन होसबाले ने यह बात पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविधता वाले देश में संतुलित जनसंख्या ही विकास की असली कुंजी है।

सरकार से स्पष्ट अपील – जनसंख्या नीति जल्द बने

होसबाले ने कहा कि केंद्र सरकार पहले भी इस विषय पर संसद और सार्वजनिक मंचों से चर्चा कर चुकी है, लेकिन अब समय आ गया है कि इसे नीति के रूप में लागू किया जाए।

उन्होंने कहा, “सरकार ने जनसंख्या नीति पर अपनी मंशा जाहिर की है। अब जरूरत इस बात की है कि इसे जल्द लागू किया जाए ताकि इसके सकारात्मक परिणाम देश को मिल सकें। जितनी जल्दी यह नीति बनेगी, उतना ही समाज के लिए फायदेमंद होगा।”

उन्होंने बताया कि यह केवल जनसंख्या नियंत्रण की बात नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य देश में समान विकास, संसाधनों का संतुलित वितरण और सामाजिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।

पीएम मोदी और वित्त मंत्री भी जता चुके हैं चिंता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस के भाषण में देश के बदलते जनसांख्यिकीय ढांचे पर चिंता व्यक्त की थी। उन्होंने कहा था कि भारत को अपनी जनसंख्या नीति को आधुनिक दृष्टिकोण से देखना होगा ताकि जनसांख्यिकीय परिवर्तन भविष्य में समस्या न बनें।

वहीं, फरवरी 2024 में अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी इस मुद्दे का जिक्र किया था। उन्होंने तेजी से बढ़ती जनसंख्या और उससे जुड़ी चुनौतियों का अध्ययन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की थी।

अब उसी कड़ी में दत्तात्रेय होसबाले का बयान आया है, जिससे यह स्पष्ट है कि आरएसएस और केंद्र सरकार दोनों इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं।

असंतुलन के तीन बड़े कारण बताए

दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि देश में असंतुलन पैदा करने वाले तीन बड़े कारण हैं –

1. घुसपैठ (Illegal Immigration)

2. धार्मिक धर्मांतरण (Religious Conversions)

3. एक ही समुदाय का दबदबा (Demographic Dominance)

उन्होंने कहा कि अगर इन तीनों पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह लोकतंत्र की स्थिरता के लिए खतरा बन सकता है।

धर्मांतरण पर चिंता, ‘घर वापसी’ पर जोर

होसबाले ने कहा कि सेवा और सहायता के नाम पर देश में धर्मांतरण तेजी से बढ़ रहा है, खासकर जनजातीय और सीमावर्ती इलाकों में। उन्होंने बताया कि वनवासी कल्याण आश्रम और विश्व हिंदू परिषद (VHP) जैसे संगठन इस समस्या को रोकने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

उनका कहना था कि पंजाब जैसे राज्यों में सिख समुदाय के बीच भी धर्मांतरण की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जो चिंताजनक है।

उन्होंने कहा, “जरूरी है कि समाज में जागरूकता और तालमेल बढ़ाया जाए ताकि धर्मांतरण को रोका जा सके और ‘घर वापसी’ यानी अपनी मूल आस्था में लौटने को प्रोत्साहन दिया जा सके।”

घुसपैठ पर भी जताई गहरी चिंता

होसबाले ने कहा कि देश के कई सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ का असर जनसंख्या के स्वरूप पर पड़ रहा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों में स्थानीय जनसंख्या अब अल्पसंख्यक स्थिति में पहुंचने लगी है, जो सामाजिक संतुलन के लिए ठीक नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्तित्व का प्रश्न है।

संघ की भूमिका और उद्देश्य

दत्तात्रेय होसबाले ने स्पष्ट किया कि संघ का उद्देश्य किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के हित में है। उन्होंने कहा कि “हम सभी धर्मों और वर्गों के लोगों का सम्मान करते हैं, लेकिन जब असंतुलन बढ़ता है तो समाज में विभाजन की स्थिति बनती है। इसलिए जनसंख्या नीति सिर्फ एक कानून नहीं बल्कि सामाजिक संतुलन का उपाय है।”

उन्होंने यह भी कहा कि संघ विभिन्न सामाजिक संगठनों के माध्यम से इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास कर रहा है ताकि लोग समझ सकें कि संतुलित जनसंख्या ही स्थायी विकास की नींव है।

दत्तात्रेय होसबाले का यह बयान न केवल आरएसएस की सोच को दर्शाता है, बल्कि यह संकेत भी देता है कि आने वाले समय में केंद्र सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून की दिशा में ठोस कदम उठा सकती है।

जनसंख्या नीति पर चर्चा एक लंबे समय से चल रही है, लेकिन अब यह चर्चा कार्रवाई के स्तर पर पहुंचती दिखाई दे रही है।

RSS Sarkaryawah Dattatreya Hosabale has urged the Indian government to introduce a new population policy to address the growing demographic imbalance in the country. Speaking at a meeting in Jabalpur, Hosabale highlighted concerns like illegal immigration, religious conversions, and demographic dominance as key threats to India’s democratic stability. He emphasized that a strong population control law is essential to ensure balanced development, national security, and cultural harmony. The call aligns with previous statements from Prime Minister Narendra Modi and Finance Minister Nirmala Sitharaman, showing that population reform is emerging as a national priority.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
scattered clouds
31 ° C
31 °
30.1 °
79 %
2.6kmh
42 %
Wed
31 °
Thu
37 °
Fri
37 °
Sat
40 °
Sun
40 °
Video thumbnail
सदन में विरोधियों पर गुस्से से दहाड़े Amit Shah, देख हैरान रह गए Owaisi ! Amit Shah Speech
11:42
Video thumbnail
सीएम योगी बोले- भारत-जापान के बीच साझा विकास, तकनीक और समृद्धि की साझेदारी
02:48
Video thumbnail
सीएम योगी बोले- प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से भारत-जापान संबंध नई ऊंचाई पर पहुंचे
02:37
Video thumbnail
ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के लिए यूपी पुलिस का नया नुकीला उपकरण
00:31
Video thumbnail
उन्नाव में Gen Alpha छात्रों का प्रदर्शन, बोले- स्कूल में टीचर नहीं हैं, परीक्षाएं कैसे देंगे?
00:30
Video thumbnail
सहारनपुर में नाले को लेकर भिड़े इमरान मसूद और आशू मलिक
01:36
Video thumbnail
Saurav Das : "युवाओं के साथ धोखा कर रही सरकार""युवाओं के साथ धोखा कर रही सरकार"
02:48
Video thumbnail
Yogi Adityanath : “यूपी की इस Opportunity का लाभ हमारे जापान के Investors अवश्य लेंगे...”
01:16
Video thumbnail
नमक की जगह मिड- डे मिला दिया कपड़े धोने वाला सर्फ
00:10
Video thumbnail
आवारा कुत्तों के आतंक से त्रस्त एक व्यक्ति कुत्ते का कॉस्ट्यूम पहनकर ही कलक्ट्रेट में पहुंच गया
00:48

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related