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दिल्ली हाईकोर्ट ने अंजना ओम कश्यप के नाम से चल रहे फर्जी यूट्यूब चैनल पर दिया स्थायी बैन!

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AIN NEWS 1: दिल्ली हाईकोर्ट ने आजतक (TV Today Network Ltd.) की वरिष्ठ एंकर अंजना ओम कश्यप के पक्ष में एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने उस यूट्यूब चैनल पर स्थायी निषेधाज्ञा (permanent injunction) जारी की है, जो नकली वीडियो क्लिप, डीप-फेक (deepfake) अवतार और उनकी पहचान की नकल का इस्तेमाल कर रही थी। यह चैनल उनकी प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व का गलत तरीके से लाभ उठा रहा था।

मामला क्या था?

आजतक और अंजना ओम कश्यप ने कोर्ट में दावा लगाया था कि एक यूट्यूब चैनल (जिसका नाम लगभग “AnajanaomKashya” था) उनके समाचार क्लिप, फोटो और डीप-फेक वीडियो बना कर लोगों को यह भ्रामक संदेश दे रहा था कि ये उनकी आधिकारिक सामग्री है। अदालत ने पाया कि ये चैनल उनकी छवि और पहचान का अनधिकृत रूप से दुरुपयोग कर रहा था।

TV Today Network की याचिका में कहा गया कि यह न सिर्फ बौद्धिक संपत्ति के उल्लंघन (intellectual property rights) का मामला है, बल्कि उनकी “व्यक्तित्व अधिकार” (personality rights) का भी उल्लंघन हो रहा है।

कोर्ट की सुनवाई और पहले कदम

20 जून 2025 को, दिल्ली हाईकोर्ट (न्यायमूर्ति प्रतिभा एम. सिंह की बेंच) ने अस्थायी (ad-interim) निषेधाज्ञा जारी की थी। कोर्ट ने गूगल (YouTube की पैरेंट कंपनी) को निर्देश दिया कि वह उस संदिग्ध चैनल को 48 घंटे के भीतर हटा दे। इसके अलावा, चैनल संचालक की “मूल सदस्य जानकारी” (Basic Subscriber Information – BSI) भी दो हफ्तों के अंदर साझा करने का आदेश दिया गया था।

कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि भविष्य में ऐसे और भी पेज बनाए गए तो उनका URL plaintiffs (आजतक / कश्यप) को दिया जाए ताकि उन्हें हटाया जा सके।

साथ ही, गूगल से यह भी अनुरोध किया गया था कि वह उस नकली चैनल की कमाई (revenue) की जानकारी कोर्ट को दे।

मुख्य निर्णय: स्थायी निषेधाज्ञा

हालांकि शुरुआती आदेश अस्थायी थे, लेकिन अब दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थायी निषेधाज्ञा का फैसला सुनाया है। जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने माना कि नकली यूट्यूब चैनल ने कश्यप की तस्वीरें, नाम, वीडियो क्लिप और कथित “समाचार प्रस्तुतियाँ” गलत तरीके से इस्तेमाल की हैं, जिससे यह प्रतीत होता था कि वे स्वयं उत्पन्न और प्रकाशित कर रही हैं।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस तरह के नकली चैनल, विशेष रूप से जब वे किसी प्रसिद्ध संस्था या व्यक्तित्व नाम का उपयोग करते हैं, भारी नुकसान और गलत सूचना फैलाने का कारण बन सकते हैं क्योंकि उनके पास कोई संपादकीय नियंत्रण (editorial control) नहीं होता।

नालायक़ पक्ष (defendant) ने कोर्ट में पेश नहीं किया — यानि चैनल संचालक ने कोर्ट में हाजिरी नहीं दी और कोई वकील भी नहीं लाया। इस वजह से मामला ex-parte (एकतरफा) सुनवाई में गया।

न्यायमूर्ति करिया ने फैसला देते हुए कहा कि उस यूट्यूब चैनल संचालक को कश्यप का नाम, चेहरा, आवाज़ या उनकी पहचान से मिलने वाला कोई भी प्रयोग आगे नहीं करना चाहिए। अदालत ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि वे भविष्य में किसी भी समान नकली चैनल, प्रोफ़ाइल या डीप-फेक कंटेंट बनाने से परहेज़ करें।

गूगल (YouTube) की भूमिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने देखा कि Google / YouTube ने पहले ही अस्थायी आदेश का अनुपालन किया था — उन्होंने उस खाता / चैनल को हटाया था। इसलिए, इस अंतिम आदेश के बाद गूगल के खिलाफ अतिरिक्त कार्रवाई की जरूरत नहीं मानी गई।

चूंकि पहले से ही चैनल हटा दिया गया था और गूगल ने उसकी जानकारी प्रस्तुत की थी, इसलिए कोर्ट ने यह भी कहा कि आगे की सुनवाई में Google पर अतिरिक्त निर्देश देने की आवश्यकता नहीं है।

फैसले का महत्व

यह फैसला डिजिटल युग में व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम है। आजकल डीप-फेक तकनीक आसानी से पहचान नकल कर सकती है, जिससे किसी की प्रतिष्ठा और विश्वसनीयता पर ख़तरा बढ़ जाता है। इस मामले में, कोर्ट ने साफ संदेश दिया है: किसी की छवि या नाम का गलत या अनधिकृत उपयोग केवल मनोरंजन या मुनाफे का साधन नहीं हो सकता — यह अवैध है।

यह निर्णय पत्रकारों, पब्लिक फिगर्स और मीडिया संगठनों के लिए एक मिसाल है कि वे अपनी पहचान और कंटेंट की सुरक्षा के लिए कानूनी सहारा ले सकते हैं। इसके अलावा, यह उन प्लेटफॉर्म्स के लिए चेतावनी भी है कि उन्हें ऐसे नकली खाते और डीप-फेक सामग्री पर नजर रखनी चाहिए और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए।

दिल्ली हाईकोर्ट ने अंजना ओम कश्यप और आजतक न्यूज़ चैनल की याचिका पर स्थायी निषेधाज्ञा दी।

यह फैसला उस फर्जी यूट्यूब चैनल के खिलाफ है जो उनकी पहचान की नकल करता था, डीप-फेक वीडियो बनाता था और मिशिग जानकारी फैला रहा था।

गूगल / YouTube को पहले ही चैनल हटाने का आदेश मिला था, और अब आगे ऐसी नकलों पर पूरी तरह रोक लगी है।

कोर्ट ने भविष्य में किसी भी समान चैनल या कंटेंट उत्पन्न करने पर रोक भी लगाई है — खासकर उन लोगों के लिए जो किसी की प्रतिष्ठा का गलत इस्तेमाल करना चाहते हैं।

The Delhi High Court has granted a permanent injunction to Aaj Tak anchor Anjana Om Kashyap against a fake YouTube channel that was using her name, image, and deepfake videos without consent. This ruling protects her personality rights and intellectual property, and sends a clear message about misuse of identity online.

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