AIN NEWS 1 | उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पुलिस विभाग को गहरे सदमे में डाल दिया। गोरखपुर पुलिस की एक टीम दबिश देकर वापस लौट रही थी, तभी उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। इस हादसे में दरोगा संतोष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि महिला दरोगा समेत चार अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पूरे पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
कैसे हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, गोरखपुर पुलिस की टीम एक मामले में कार्रवाई करने के लिए महराजगंज क्षेत्र में गई थी। दबिश पूरी करने के बाद सभी पुलिसकर्मी सरकारी स्कॉर्पियो वाहन से वापस गोरखपुर लौट रहे थे।
रास्ते में अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ गया और तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे की आवाज काफी दूर तक सुनाई दी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पुलिसकर्मियों को वाहन से बाहर निकालने की कोशिश की।
दरोगा संतोष कुमार की मौके पर मौत
हादसे में सबसे ज्यादा चोट दरोगा संतोष कुमार को लगी। टक्कर इतनी तेज थी कि उन्हें गंभीर सिर और सीने की चोटें आईं। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
संतोष कुमार की मौत की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में शोक फैल गया। साथी पुलिसकर्मियों ने बताया कि वह बेहद कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के अधिकारी थे।
महिला दरोगा समेत चार पुलिसकर्मी घायल
इस दुर्घटना में महिला दरोगा, एक वरिष्ठ उपनिरीक्षक (सीनियर एसआई), दो कॉन्स्टेबल और वाहन चालक घायल हो गए। सभी को अलग-अलग स्तर की चोटें आई हैं।
घायलों को पहले नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद कुछ को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
हादसे की वजह क्या रही?
प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अधिकारी अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं। वाहन की तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि दुर्घटना चालक की गलती, सड़क की स्थिति या वाहन में किसी खराबी की वजह से हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस सड़क पर हादसा हुआ, वहां कई जगह मोड़ और गड्ढे हैं, जिससे तेज गति में वाहन नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
मौके पर मचा हड़कंप
हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राहगीरों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। कुछ लोगों ने घायल पुलिसकर्मियों को पानी पिलाया और उन्हें संभालने की कोशिश की।
कुछ ही देर में स्थानीय पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और राहत कार्य शुरू किया गया। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की मदद से सड़क से हटाया गया ताकि यातायात बहाल किया जा सके।
पुलिस विभाग में शोक
दरोगा संतोष कुमार की मौत से गोरखपुर पुलिस लाइन में शोक का माहौल है। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि संतोष कुमार एक समर्पित अधिकारी थे और हमेशा अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते थे।
सहकर्मियों के अनुसार, वह अक्सर कठिन परिस्थितियों में भी शांत रहकर काम करते थे और टीम के साथियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
संतोष कुमार के निधन की सूचना उनके परिवार तक पहुंचते ही घर में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार और रिश्तेदारों ने सरकार से उचित सहायता और सम्मानजनक श्रद्धांजलि की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने भी शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं और ऐसे हादसे बेहद दुखद हैं।
पुलिसकर्मियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने पुलिसकर्मियों की यात्रा सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अक्सर लंबी ड्यूटी और लगातार यात्रा के कारण पुलिस कर्मियों को थकान का सामना करना पड़ता है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस वाहनों की नियमित जांच, ड्राइवरों के लिए विश्राम व्यवस्था और सुरक्षित ड्राइविंग प्रोटोकॉल को और मजबूत करने की जरूरत है।
जांच जारी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। वाहन की स्पीड, सड़क की स्थिति, चालक की स्थिति और तकनीकी पहलुओं की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि ड्यूटी पर निकले पुलिसकर्मी भी जोखिम भरी परिस्थितियों से गुजरते हैं। कानून व्यवस्था बनाए रखने के दौरान उन्हें कई तरह के खतरे झेलने पड़ते हैं।
दरोगा संतोष कुमार की मौत सिर्फ एक अधिकारी का नुकसान नहीं, बल्कि उस परिवार का दर्द है जिसने अपना एक सदस्य खो दिया और उस सिस्टम की भी क्षति है जो जनता की सुरक्षा के लिए लगातार काम करता है।


















