spot_imgspot_img

भारत-फ्रांस साझेदारी को नई उड़ान: पीएम मोदी का ऐलान — एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ने वाला हेलीकॉप्टर भारत में बनेगा

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | भारत और फ्रांस के रिश्तों ने एक बार फिर नई ऊंचाई छू ली है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई अहम घोषणाएं करते हुए दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को भविष्य की वैश्विक स्थिरता और तकनीकी प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान सबसे बड़ा ऐलान उस हेलीकॉप्टर परियोजना को लेकर किया गया, जिसे भारत और फ्रांस मिलकर विकसित करेंगे और जो माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और फ्रांस का संबंध सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि भरोसे, तकनीक, नवाचार और साझा मूल्यों पर आधारित साझेदारी है। उन्होंने इस रिश्ते को “ग्लोबल स्टेबिलिटी और प्रोग्रेस की पार्टनरशिप” बताया।

भारत-फ्रांस रिश्ते: दशकों पुरानी दोस्ती, नई दिशा

संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने कहा कि फ्रांस भारत के सबसे पुराने और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदारों में से एक रहा है। समय के साथ दोनों देशों के संबंध रक्षा, अंतरिक्ष, ऊर्जा, शिक्षा, तकनीक और व्यापार जैसे कई क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं।

उन्होंने कहा कि आज दोनों देश अपने रिश्तों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के रूप में आगे बढ़ा रहे हैं, जिसका उद्देश्य सिर्फ द्विपक्षीय सहयोग नहीं बल्कि वैश्विक शांति और विकास को मजबूत करना है।

पीएम मोदी के अनुसार, राष्ट्रपति मैक्रों के नेतृत्व में भारत-फ्रांस संबंधों में नई ऊर्जा और गहराई आई है, जिससे सहयोग के नए अवसर पैदा हुए हैं।

एवरेस्ट की ऊंचाई तक उड़ान भरने वाला हेलीकॉप्टर

प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे चर्चित हिस्सा रहा H-125 हेलीकॉप्टर प्रोजेक्ट। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और फ्रांस मिलकर दुनिया का पहला ऐसा हेलीकॉप्टर बनाएंगे, जो माउंट एवरेस्ट जैसी अत्यधिक ऊंचाई पर भी सुरक्षित उड़ान भर सकेगा।

उन्होंने कहा कि यह हेलीकॉप्टर भारत में निर्मित होगा और बाद में इसे वैश्विक बाजार में निर्यात भी किया जाएगा। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़ा कदम मानी जा रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी ऊंचाई पर उड़ान भरने वाले हेलीकॉप्टरों की जरूरत आपदा राहत, सैन्य संचालन, पर्वतीय बचाव अभियान और मेडिकल इमरजेंसी में बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस परियोजना से भारत को एयरोस्पेस क्षेत्र में तकनीकी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से बढ़ेगी रफ्तार

प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में यूरोपीय संघ के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से भारत और फ्रांस के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलेगी।

उनके मुताबिक, आर्थिक सहयोग बढ़ने से उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे और दोनों देशों की कंपनियां एक-दूसरे के बाजार में आसानी से काम कर सकेंगी।

सहयोग से ही होता है नवाचार

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के दौर में नवाचार अलग-थलग रहकर नहीं, बल्कि सहयोग से संभव होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर रिसर्च, इंडस्ट्री और टेक्नोलॉजी को जोड़ने का काम करेंगे।

उन्होंने छात्रों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के बीच आदान-प्रदान कार्यक्रमों को आसान बनाने की भी घोषणा की। इससे नई पीढ़ी को वैश्विक स्तर पर सीखने और काम करने का अवसर मिलेगा।

शिक्षा, तकनीक और AI में नई पहल

दोनों देशों के बीच कई नए संस्थान स्थापित करने की भी घोषणा की गई। इनमें शामिल हैं:

  • हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए इंडो-फ्रेंच सेंटर

  • डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी सहयोग केंद्र

  • एयरोनॉटिक्स स्किलिंग के लिए नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये संस्थान भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किए जा रहे हैं और युवाओं को नई तकनीकों में प्रशिक्षित करेंगे।

वैश्विक चुनौतियों पर साझा रुख

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीएम मोदी ने दुनिया में बढ़ती अनिश्चितता और संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन, पश्चिम एशिया और इंडो-पैसिफिक जैसे क्षेत्रों में शांति बनाए रखना आज वैश्विक प्राथमिकता है।

भारत और फ्रांस दोनों ने शांति प्रयासों का समर्थन जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को खत्म करना दोनों देशों का साझा लक्ष्य है।

सांस्कृतिक संबंधों को भी मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री मोदी ने घोषणा की कि फ्रांस में जल्द ही स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र खोला जाएगा। इसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, दर्शन और विचारों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है।

उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक जुड़ाव दोनों देशों के लोगों को और करीब लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ

प्रधानमंत्री ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस और इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत और फ्रांस मिलकर वैश्विक विकास और हरित ऊर्जा को बढ़ावा दे रहे हैं।

उनके अनुसार, यह साझेदारी केवल वर्तमान के लिए नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्थिर और सुरक्षित भविष्य बनाने की दिशा में काम कर रही है।

नई शुरुआत का संकेत

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत और फ्रांस एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देशों की साझेदारी आने वाले वर्षों में वैश्विक स्थिरता, तकनीकी प्रगति और आर्थिक विकास की मजबूत ताकत बनेगी।

विशेषज्ञ मानते हैं कि हेलीकॉप्टर निर्माण से लेकर AI और शिक्षा तक फैला यह सहयोग भारत-फ्रांस संबंधों को अगले स्तर पर ले जाएगा और भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनने की दिशा में मदद करेगा।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
34.1 ° C
34.1 °
34.1 °
24 %
3.6kmh
75 %
Mon
34 °
Tue
42 °
Wed
41 °
Thu
40 °
Fri
39 °

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related