AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश में आम नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर राज्य सरकार ने जनसुनवाई प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ तौर पर निर्देश जारी किए हैं कि प्रदेश के सभी जिलों में प्रत्येक कार्यदिवस पर जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अपने-अपने कार्यालयों में बैठकर आम जनता की समस्याओं को सुनेंगे और उनके समाधान की प्रक्रिया शुरू करेंगे।

सरकार का मानना है कि जनसुनवाई जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था तभी सफल हो सकती है, जब जिला स्तर के शीर्ष प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी स्वयं लोगों की शिकायतें सुनें और उन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसी उद्देश्य से यह समय निर्धारित किया गया है, ताकि आम जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े।
राजधानी लखनऊ का रुख कर रहे हैं फरियादी
हालांकि सरकार द्वारा पहले भी जनसुनवाई व्यवस्था को मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन हाल के दिनों में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर राजधानी लखनऊ पहुंच रहे हैं। इससे यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि कई जिलों में जनसुनवाई को लेकर अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती जा रही है और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों से आने वाले लोग अपनी समस्याओं को लेकर लंबी दूरी तय कर राजधानी तक पहुंच रहे हैं। इनमें भूमि विवाद, पुलिस से संबंधित शिकायतें, राजस्व मामलों में देरी, पेंशन, आवास योजना, राशन कार्ड, चिकित्सा सुविधाओं की कमी और अन्य प्रशासनिक समस्याएं शामिल हैं। ऐसे मामलों में जब जिला स्तर पर सुनवाई नहीं होती, तो लोग राज्य मुख्यालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर हो जाते हैं।
सरकार ने दिखाई सख्ती, अब होगी सीधी मॉनिटरिंग
जिलों में जनसुनवाई को लेकर सामने आ रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने अब इस पूरी प्रक्रिया की सीधी निगरानी करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत जनसुनवाई के निर्धारित समय के दौरान संबंधित अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जोड़ा जाएगा।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अपने कार्यालय में मौजूद रहकर जनता की शिकायतें सुन रहे हैं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दे रहे हैं। यदि किसी जिले में अधिकारी अनुपस्थित पाए जाते हैं या जनसुनवाई में कोताही बरतते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जा सकती है।
जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक जवाबदेही तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी, बल्कि शिकायतों के निस्तारण में तेजी आने की भी उम्मीद है। आम लोगों को भी अब यह भरोसा मिलेगा कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जा रहा है और समाधान के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों का रिकॉर्ड भी डिजिटल माध्यम से सुरक्षित रखा जाएगा, जिससे आगे की कार्रवाई की स्थिति की निगरानी की जा सके। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस जिले में कितनी शिकायतें आईं और उनका समाधान कितनी जल्दी किया गया।
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा राहत
सरकार की इस पहल से खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। अक्सर देखा जाता है कि दूरस्थ गांवों के निवासी अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए कई दिनों तक सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाते रहते हैं। अब जब डीएम और एसएसपी स्वयं जनसुनवाई के लिए निर्धारित समय पर उपलब्ध रहेंगे, तो लोगों को जिला मुख्यालय से ही समाधान मिलने की संभावना बढ़ेगी।
इससे न केवल समय और संसाधनों की बचत होगी, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।
पारदर्शिता और प्रभावशीलता बढ़ाने की कोशिश
जनसुनवाई प्रक्रिया की वीडियो मॉनिटरिंग से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आएगी। अधिकारियों की कार्यशैली पर नजर रखी जा सकेगी और शिकायतों के समाधान की गति में भी सुधार होगा। इससे शासन स्तर पर यह आकलन करना आसान हो जाएगा कि कौन से जिले बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और किन जिलों में सुधार की जरूरत है।
राज्य सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक उत्तरदायी और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू होती है, तो आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए राजधानी का रुख करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
The Uttar Pradesh government has issued strict directives to strengthen the public grievance redressal system by mandating daily public hearings by District Magistrates (DM) and Senior Superintendents of Police (SSP) from 10 AM to 12 PM on every working day. To ensure accountability and improve district-level complaint resolution, the Chief Minister’s Office has decided to monitor officials through video conferencing during Jan Sunwai hours. This initiative aims to enhance transparency, administrative efficiency, and timely resolution of citizen complaints across all districts in UP.


















