AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक चौंकाने वाली लेकिन जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। यहां आबकारी विभाग ने करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की एक्सपायर बीयर और व्हिस्की को पूरी तरह नष्ट करवा दिया। यह कार्रवाई पिलखुआ स्थित एक लॉजिस्टिक पार्क में की गई, जहां लंबे समय से रखी गई शराब की बड़ी खेप की वैधता समाप्त हो चुकी थी।
📌 कैसे सामने आया मामला?
जानकारी के अनुसार, हापुड़ जिले में विभिन्न शराब ठेकों और डिपो से जुड़ा यह स्टॉक लंबे समय से गोदामों में रखा हुआ था। समय सीमा (Expiry Date) खत्म हो जाने के बावजूद यह शराब न तो बाजार में बेची जा सकती थी और न ही इसका कोई वैकल्पिक उपयोग संभव था। जब इसकी जांच की गई, तो पाया गया कि हजारों बोतलें और बीयर के केन एक्सपायर हो चुके हैं।
आबकारी विभाग ने इस पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी। इसके बाद आबकारी आयुक्त की औपचारिक अनुमति मिलने पर इस शराब को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू की गई।
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🏭 कहां और कैसे नष्ट की गई शराब?
यह पूरी कार्रवाई पिलखुआ के लॉजिस्टिक पार्क में की गई। सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए भारी मशीनरी मंगाई गई। प्रशासन की निगरानी में शराब की बोतलों और बीयर के केन को खुले मैदान में फैलाया गया और फिर उन पर रोलर चलवाकर पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
इस दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि:
कोई भी बोतल या केन सुरक्षित न बचे
शराब का दुरुपयोग न हो
पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का पालन किया जाए
🚨 क्यों जरूरी थी यह कार्रवाई?
एक्सपायर शराब न केवल कानूनी रूप से अवैध होती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती है। यदि ऐसी शराब किसी भी तरह बाजार में पहुंच जाए, तो इससे आम लोगों की जान को खतरा हो सकता है।
इसी वजह से आबकारी नियमों में साफ प्रावधान है कि एक्सपायर हो चुकी शराब को न तो बेचा जा सकता है और न ही स्टोर करके रखा जा सकता है। उसे तय प्रक्रिया के तहत नष्ट करना ही एकमात्र विकल्प होता है।
👮 प्रशासन की सख्ती का संदेश
इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती और पारदर्शिता के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में अवैध या एक्सपायर शराब को बाजार में आने नहीं दिया जाएगा।
एक आबकारी अधिकारी के अनुसार,
“यह कार्रवाई पूरी तरह नियमों के तहत की गई है। एक्सपायर शराब को नष्ट करना जरूरी था ताकि किसी भी तरह का दुरुपयोग रोका जा सके।”
📊 कितनी थी शराब की मात्रा?
हालांकि प्रशासन ने बोतलों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की, लेकिन अनुमान के मुताबिक:
हजारों बीयर के केन
व्हिस्की की बड़ी संख्या में बोतलें
कुल अनुमानित कीमत: लगभग ₹2.5 करोड़
इतनी बड़ी मात्रा में शराब का नष्ट होना यह भी दिखाता है कि स्टॉक मैनेजमेंट में लापरवाही कितनी महंगी साबित हो सकती है।
⚖️ शराब कारोबारियों के लिए चेतावनी
यह घटना शराब कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। यदि समय रहते स्टॉक की सही निगरानी न की जाए, तो न सिर्फ आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
आबकारी विभाग ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसी जांचें जारी रहेंगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
🧠 आम लोगों के लिए क्या सीख?
इस पूरे घटनाक्रम से आम लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश निकलता है—
कभी भी एक्सपायरी डेट देखे बिना शराब या कोई भी खाद्य-पेय पदार्थ न खरीदें।
कई बार सस्ती कीमत के लालच में लोग ऐसी चीजें खरीद लेते हैं, जो सेहत के लिए खतरनाक हो सकती हैं।
🔍 आगे क्या?
प्रशासन अब जिले के अन्य गोदामों और ठेकों पर भी नजर रखे हुए है। आने वाले समय में और भी स्टॉक की जांच की जा सकती है, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी को पहले ही रोका जा सके।
The excise department in Hapur, Uttar Pradesh, destroyed expired liquor worth ₹2.5 crore after receiving approval from senior officials. The action included crushing thousands of beer cans and whisky bottles using heavy machinery at a logistics park in Pilkhuwa. This move highlights strict enforcement against expired and illegal liquor in UP and reflects the administration’s commitment to public safety and regulatory compliance.


















