AIN NEWS 1: मेरठ के किठौर क्षेत्र में सोमवार देर रात ऐसा नज़ारा देखने को मिला, जिसने पूरे जिले को हिला दिया। जेल से रिहा होने के बाद कुछ आरोपियों ने सड़कों पर जिस तरह से अपनी ताक़त का दिखावा किया, उसने स्थानीय लोगों में डर और नाराज़गी दोनों ही बढ़ा दी। अब इस पूरे मामले में बड़ा कदम उठाते हुए हाईकोर्ट ने सभी की जमानत रद्द कर दी है और उन्हें दोबारा जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

रिहाई के बाद “शक्ति प्रदर्शन”
हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जैसे ही आरोपी जेल से बाहर आए, वातावरण अचानक बदल गया। सिर्फ साधारण रिहाई नहीं, बल्कि एक बड़े राजनीतिक नेता जैसी एंट्री की तैयारी की गई थी।
लंबा काफिला, महंगी लग्जरी कारें, तेज़ आवाज़ में हूटर बजाती SUVs और उनके पीछे चल रहे समर्थकों की भारी भीड़—यह सब मिलकर सड़कों पर अराजकता जैसा माहौल बना रहे थे।
लोगों के मुताबिक, ऐसा लग रहा था जैसे किसी मंत्री का रोड शो निकल रहा हो। कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए जिनमें आतिशबाज़ी भी दिखाई दे रही है। कई जगहों पर ट्रैफ़िक रुका, दुकानों की शटर हिले और स्थानीय लोग घरों से बाहर निकलकर यह तमाशा देखते रहे।
लोगों में दहशत, पुलिस की सक्रियता बढ़ी
स्थानीय निवासियों ने पुलिस को बताया कि हूटर, शोर और आतिशबाज़ी ने माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना दिया था। कई लोग अपने बच्चों को लेकर चिंतित रहे।
पुलिस ने तुरंत संबंधित वीडियोज़, CCTV फुटेज और गवाहों के बयान एकत्र करने शुरू कर दिए।
किठौर कोतवाली पुलिस द्वारा की गई त्वरित रिपोर्ट के आधार पर पूरा मामला हाईकोर्ट के संज्ञान में आया। यह साफ हुआ कि रिहाई के बाद सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने और कानून का मज़ाक उड़ाने जैसा कृत्य हुआ है।
हाईकोर्ट ने लिया कड़ा एक्शन — जमानत रद्द
विडियोज़ वायरल होने और पुलिस रिपोर्ट सामने आने के बाद अदालत ने इस मुद्दे को बेहद गंभीरता से लिया।
अदालत ने कहा कि—
रिहाई के बाद ऐसे कृत्य स्वीकार्य नहीं
किसी भी आरोपी को कानून से ऊपर नहीं समझा जा सकता
इस तरह का शक्ति प्रदर्शन न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है
इसी आधार पर सभी आरोपियों की जमानत रद्द कर दी गई।
अब सभी को फिर से जेल भेजा जा रहा है और उनकी निगरानी बढ़ा दी गई है।
पुलिस ने किया कार्रवाई का ऐलान
मेरठ पुलिस और किठौर पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि सड़कों पर गुंडागर्दी, शोर-शराबा या कानून हाथ में लेने वालों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी।
पुलिस की ओर से कहा गया है:
वीडियो में दिख रहे हर वाहन की पहचान की जा रही है
हूटर लगी गाड़ियों पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी
किसी भी तरह के अवैध काफिले, पटाखेबाज़ी और दहशत फैलाने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे, इसलिए कठोर कदम उठाना ज़रूरी था।
लोगों ने कहा — “कानून सभी के लिए बराबर होना चाहिए”
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया भी सामने आई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि—
“साधारण नागरिक ऐसी हरकत करे तो तुरंत कार्रवाई होती है, फिर ये लोग क्यों बच जाएँ?”
“गुंडागर्दी का दिखावा बंद होना चाहिए, अदालत का यह फैसला सही है।”
कुल मिलाकर घटना ने पुलिस, प्रशासन और आम जनता सभी को परेशान किया और इस वजह से कोर्ट का सख्त आदेश आया।
अब आगे क्या?
▪️ सभी आरोपियों को दोबारा जेल भेजा जाएगा
▪️ उनके खिलाफ नई धाराओं में कार्रवाई हो सकती है
▪️ उनके समर्थकों और काफिले में शामिल गाड़ियों की भी जांच जारी है
▪️ भविष्य में इस तरह के अराजक जश्न रोकने के लिए पुलिस नई गाइडलाइन भी लागू कर सकती है
यह मामला यह संदेश देता है कि:
“जेल से रिहाई के बाद किसी भी तरह का सार्वजनिक शक्ति प्रदर्शन कानून व्यवस्था को नुकसान पहुंचाता है और उसे सहन नहीं किया जाएगा।”
किठौर की यह घटना सिर्फ एक इलाके की नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है।
The Kithaur incident in Meerut has created major headlines after several accused men celebrated their jail release with hooliganism, luxury car convoys, loud sirens, and fireworks. The High Court cancelled their bail after reviewing viral videos and police reports. This detailed report explains how the Meerut Police took swift action, why the accused are being sent back to jail, and what this means for law and order in Uttar Pradesh. The story highlights rising concerns about public safety and strict enforcement by authorities.



















