AIN NEWS 1: दिल्ली-NCR में साइबर अपराध लगातार नए-नए रूपों में सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में गाजियाबाद से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक PhD स्कॉलर को ऑनलाइन दुल्हन खोजने के चक्कर में 49 लाख रुपये खोने पड़े। यह घटना न सिर्फ पीड़ित के लिए बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो आजकल मैट्रिमोनियल साइट्स या सोशल मीडिया के जरिए जीवनसाथी तलाश रहे हैं।

ऑनलाइन लाइफ पार्टनर की तलाश और शुरुआत हुई पहचान
गाजियाबाद के वैशाली में रहने वाला यह युवक एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय से PhD कर रहा है। पढ़ाई के साथ-साथ परिवार के दबाव और अपनी निजी इच्छा के चलते वह कुछ समय से मैट्रिमोनियल साइट्स पर प्रोफाइल देख रहा था। उसे उम्मीद थी कि वह किसी समझदार, सुलझी हुई और अपने जैसे विचारों वाली लड़की से मुलाकात कर पाएगा।
इसी तलाश के दौरान उसे एक महिला की प्रोफाइल मिली। प्रोफाइल में उसकी फोटो, योग्यता और लाइफस्टाइल देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि वह किसी अच्छी और प्रतिष्ठित पृष्ठभूमि से है। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, और धीरे-धीरे यह बातचीत चैट से फोन कॉल और फिर वीडियो कॉल तक पहुंच गई।
धीरे-धीरे बढ़ा भरोसा और चाल शुरू हुई
महिला ने बातों-बातों में खुद को एक बड़ी कंपनी में काम करने वाली बताया। उसने दावा किया कि वह जल्दी ही भारत आने वाली है ताकि दोनों परिवार आपस में मिल सकें। पीड़ित को लगा कि अब उसकी शादी की तलाश सही दिशा में जा रही है।
जब भावनाएं गहरी हो गईं, तभी शुरू हुआ असली खेल।
महिला ने एक दिन फोन कर बताया कि उसका कुछ सामान एयरपोर्ट पर अटका हुआ है। उसने कहा कि कस्टम विभाग शुल्क मांग रहा है और वह इस वक्त पैसे अरेंज नहीं कर पा रही है। उसने भरोसा दिलाया कि भारत आने के बाद वह तुरंत पैसे लौटा देगी।
शुरू में पीड़ित युवक को थोड़ा संदेह हुआ, लेकिन महिला बार-बार रोते हुए फोन करती रही। उसने कहा कि अगर सामान रिलीज नहीं हुआ तो वह मुश्किल में पड़ जाएगी। भरोसे और भावनाओं में बहकर युवक ने पैसे भेज दिए।
एक बार नहीं, कई बार भेजने पड़े पैसे
पहली बार भेजने के बाद महिला ने फिर एक नया कारण बता दिया—कभी कस्टम क्लियरेंस, कभी टैक्स, कभी पेनाल्टी, तो कभी किसी अफसर को रिश्वत देने का बहाना। हर बार वह यह दिखाती रही कि वह बहुत परेशान है और उसके पास कोई नहीं है।
युवक यह समझ नहीं पाया कि यह एक सोची-समझी ठगी की स्क्रिप्ट है। वह बार-बार उसके इमोशंस से खेलती रही। कुल मिलाकर उसने अलग-अलग तरीकों से 49 लाख रुपये उस महिला द्वारा बताए गए बैंक अकाउंट्स में भेज दिए।
जब बात सिर से ऊपर गई, तब टूटा भ्रम
जब महिला ने आखिरी बार और पैसे मांगे तो युवक को लगा कि कुछ गड़बड़ है। उसने महिला द्वारा बताए गए एयरपोर्ट अधिकारियों को फोन करने की कोशिश की, लेकिन कोई भी नंबर असली नहीं निकला। कुछ ही देर में उसकी चैट और कॉल भी बंद होने लगीं।
तभी उसे यकीन हुआ कि यह पूरी बातचीत एक साइबर ठगी का हिस्सा थी। उसके होश उड़ गए क्योंकि वह न सिर्फ अपने पैसे बल्कि अपने भरोसे के साथ भी धोखा खा चुका था।
साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
जैसे-तैसे हिम्मत जुटाकर युवक ने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बैंक डिटेल, मोबाइल नंबर और चैट हिस्ट्री अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। शुरुआती जांच से पता चला कि महिला की प्रोफाइल फेक थी और पूरी योजना किसी संगठित साइबर गैंग ने चलाई थी।
कई बैंक अकाउंट फर्जी दस्तावेज पर खोले गए थे। पैसे तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर होकर क्रिप्टो या हवाला नेटवर्क में भेज दिए गए। इस तरह के गैंग विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करते हैं ताकि लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो जाए।
साइबर पुलिस की चेतावनी
पुलिस का कहना है कि ऐसे केस NCR में बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर युवाओं और परिवारों को निशाना बनाया जा रहा है। अपराधी भावनाओं का फायदा उठाकर विश्वास बनाते हैं और फिर बड़ी रकम हड़प लेते हैं।
साइबर टीम ने लोगों को सलाह दी है कि:
किसी भी ऑनलाइन परिचित से पैसे की मांग होने पर तुरंत सतर्क हो जाएं
एयरपोर्ट, कस्टम या किसी सरकारी संस्था से जुड़े भुगतान की पुष्टि हमेशा आधिकारिक वेबसाइट से करें
वीडियो कॉल या फोटो देखकर भरोसा न करें, क्योंकि यह भी एडिटेड हो सकता है
मैट्रिमोनियल साइट्स पर मिलने वाले संपर्कों की पूरी बैकग्राउंड जांच करें
किसी भी अनजान व्यक्ति को बड़ी रकम भेजने से पहले परिवार से बात करें
पीड़ित की मानसिक स्थिति और समाज पर असर
इस घटना से पीड़ित युवक सदमे में है। उसने न सिर्फ अपनी मेहनत की कमाई खोई, बल्कि एक रिश्ते की उम्मीद में काफी भावनात्मक रूप से भी टूट चुका है। यह मामला उस बढ़ती सामाजिक समस्या का संकेत है, जहाँ अकेलेपन, भावनात्मक जरूरतों और डिजिटल दुनिया पर बढ़ते भरोसे का अपराधी फायदा उठा रहे हैं।
A PhD scholar in Ghaziabad became a victim of a major matrimonial site fraud, losing nearly Rs 49 lakh to a woman who trapped him emotionally and financially. As online matchmaking platforms grow in popularity, such cyber fraud cases in Delhi-NCR, especially Ghaziabad, are increasing rapidly. This article explains how the scam unfolded, the techniques used by the fraudster, and why users must stay alert while interacting on online matrimony sites.


















