spot_imgspot_img

दुनिया के 9 सबसे ताकतवर परमाणु देश: जानें कितने एटमी हथियार हैं भारत, अमेरिका और रूस के पास

spot_img

Date:

AIN NEWS 1 | परमाणु हथियारों की होड़ आज भी दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा बनी हुई है। कभी ईरान और इजरायल के बीच हुए हमलों ने तीसरे विश्व युद्ध की आशंका को जन्म दिया था। उस वक्त अमेरिका ने दावा किया था कि उसने तेहरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। हालांकि ईरान ने इसे झूठा बताया, लेकिन इससे यह सवाल जरूर उठा कि आखिर दुनिया के पास कितने न्यूक्लियर हथियार हैं और किन देशों के पास सबसे ज्यादा हैं?

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की ईयरबुक 2025 के मुताबिक, जनवरी 2025 तक दुनिया के सिर्फ 9 देशों के पास कुल 12,241 परमाणु हथियार मौजूद हैं। इन देशों में भारत भी शामिल है। रिपोर्ट बताती है कि भले ही वैश्विक मंचों पर परमाणु हथियारों को सीमित करने की बातें हो रही हों, लेकिन हकीकत में देश अपने न्यूक्लियर कार्यक्रमों को और आधुनिक बना रहे हैं

दुनिया के 9 परमाणु हथियार संपन्न देश

क्रमांक देश परमाणु हथियारों की संख्या स्थिति
1 अमेरिका (USA) 5,177 दुनिया का सबसे शक्तिशाली परमाणु देश, हथियारों का तेजी से आधुनिकीकरण कर रहा है
2 रूस (Russia) 5,459 सबसे बड़ा न्यूक्लियर आर्सेनल, कई हथियार हाई अलर्ट पर रखे गए
3 चीन (China) 600 नए मिसाइल सिस्टम विकसित कर रहा है, परमाणु हथियारों की संख्या लगातार बढ़ा रहा है
4 फ्रांस (France) 290 यूरोप का अग्रणी परमाणु देश, NATO का प्रमुख सदस्य
5 ब्रिटेन (UK) 225 ट्राइडेंट मिसाइल सिस्टम पर निर्भर, सीमित लेकिन अत्याधुनिक स्टॉक
6 भारत (India) 180 “नो फर्स्ट यूज़” नीति का पालन करता है, मिसाइल रेंज और सटीकता बढ़ाने पर ध्यान
7 पाकिस्तान (Pakistan) 170 भारत के खिलाफ परमाणु संतुलन बनाए रखने की रणनीति अपनाता है
8 इजरायल (Israel) 90 औपचारिक रूप से परमाणु शक्ति नहीं मानता, लेकिन एटॉमिक क्षमता रखता है
9 उत्तर कोरिया (North Korea) 50 मिसाइल परीक्षणों के चलते वैश्विक चिंता का केंद्र बना हुआ है

 वैश्विक स्तर पर परमाणु हथियारों की स्थिति

SIPRI रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में 3,912 परमाणु हथियार ऐसे हैं जो मिसाइलों और एयरक्राफ्ट पर तैनात हैं। इनमें से लगभग 2,100 हथियार हाई अलर्ट पर रखे गए हैं — यानी इन्हें कुछ ही मिनटों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
रूस और अमेरिका के पास अब भी कुल वैश्विक परमाणु हथियारों का लगभग 90% हिस्सा है, जो विश्व सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चिंता है।

न्यूक्लियर मॉडर्नाइजेशन की होड़

रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी नौ परमाणु शक्तियां — अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन, भारत, पाकिस्तान, इजरायल और उत्तर कोरिया — अपने-अपने न्यूक्लियर मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम पर काम कर रही हैं।
इन देशों का मकसद पुराने हथियारों को नई तकनीक से अपग्रेड करना, सटीकता और मारक क्षमता को बढ़ाना है।
अमेरिका और रूस तो हाइपरसोनिक मिसाइलों जैसी अगली पीढ़ी की परमाणु प्रणालियों का विकास कर रहे हैं, जबकि चीन ने हाल ही में कई नई परमाणु मिसाइलें और सबमरीन आधारित लॉन्च सिस्टम तैनात किए हैं।

भारत की परमाणु नीति: शांति के साथ शक्ति

भारत का दृष्टिकोण बाकी देशों से कुछ अलग है।
भारत ‘नो फर्स्ट यूज’ (पहले इस्तेमाल न करने) की नीति पर चलता है, यानी भारत कभी पहले परमाणु हमला नहीं करेगा।
भारत का ध्यान मिसाइल रेंज बढ़ाने और सटीकता सुधारने पर है, जिससे वह अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत बना सके।
भारत की परमाणु ताकत में अग्नि और पृथ्वी मिसाइल श्रृंखला जैसी कई उन्नत प्रणालियाँ शामिल हैं।

भारत अपने परमाणु हथियारों को रोकथाम (deterrence) के रूप में देखता है, न कि हमले के साधन के रूप में। यही कारण है कि वैश्विक समुदाय भारत की नीति को जिम्मेदार परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता देता है।

पुराने हथियार नष्ट, पर नए बन रहे हैं

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ देशों ने बीते सालों में पुराने और रिटायर हो चुके हथियारों को नष्ट किया है।
हालांकि, उतनी ही तेजी से नए हथियारों का निर्माण भी हो रहा है, जिससे कुल संख्या लगभग स्थिर बनी हुई है।
इसका मतलब यह है कि दुनिया अब भी परमाणु युद्ध के खतरे से बाहर नहीं निकली है।

परमाणु हथियारों पर बढ़ती वैश्विक चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दुनिया के शक्तिशाली देश अपने हथियारों को नष्ट करने की ठोस नीति नहीं अपनाते, तब तक तीसरे विश्व युद्ध का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होगा।
रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-ईरान तनाव और एशिया में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने इस खतरे को और बढ़ा दिया है।

संयुक्त राष्ट्र और SIPRI जैसी संस्थाएं लगातार चेतावनी दे रही हैं कि बढ़ते न्यूक्लियर आर्सेनल से न सिर्फ सुरक्षा संकट गहराता है बल्कि मानवता पर भी गंभीर खतरा मंडराता है।

2025 में दुनिया तकनीकी रूप से बहुत आगे बढ़ चुकी है, लेकिन परमाणु हथियारों की दौड़ यह बताती है कि हम अब भी भय और शक्ति की राजनीति से बाहर नहीं निकले हैं।
यदि देश इन हथियारों पर नियंत्रण नहीं रखते, तो आने वाली पीढ़ियां असुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ेंगी।
इसलिए वैश्विक मंचों पर केवल नारे नहीं, बल्कि ठोस ‘न्यूक्लियर डिसआर्मामेंट पॉलिसी’ की जरूरत है, ताकि शांति और मानवता दोनों का अस्तित्व बना रहे।

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
clear sky
38.6 ° C
38.6 °
38.6 °
23 %
2.8kmh
1 %
Sat
40 °
Sun
42 °
Mon
43 °
Tue
40 °
Wed
43 °
Video thumbnail
Ghaziabad Mahindra शोरूम के फर्जीवाड़े का पर्दाफाश, लोगो ने लगा दिया शोरूम पर ताला ?
08:33
Video thumbnail
पुणे NDA की पासिंग आउट परेड में सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का बड़ा बयान
00:27
Video thumbnail
टिंडर पर प्रेम जाल में फंसी जज, आशिक ने की 52 लाख की ठगी !
07:14
Video thumbnail
Yogi Adityanath
00:21
Video thumbnail
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी: रेलवे के बिजलीकरण से हर साल 180 करोड़ लीटर डीजल की बचत
00:17
Video thumbnail
Allahabad High Court: पुलिस की मनमानी पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! जानिए नया नियम
04:03
Video thumbnail
दिल्ली में नीति आयोग की बड़ी बैठक
00:19
Video thumbnail
इजरायल से PM मोदी को बधाईबेंजामिन नेतन्याहू ने दी शुभकामनाएं
00:50
Video thumbnail
राम मंदिर दान विवाद पर नया मोड़बृजभूषण बोले— "सच बोलने की हिम्मत नहीं है"
00:29
Video thumbnail
राम मंदिर दान विवाद पर महंत कमल नयन दास का बड़ा बयान"जांच करने वाले खुद बेइमान,ये क्या करेंगे जांच?"
00:56

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related

Morning News Brief: ट्रम्प बोले- भारतीय जहाजों को ईरान से बचाया; एक ग्राहक को 200 लीटर से ज्यादा डीजल नहीं; मस्क 174 देशों से...

नमस्कार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका...