धनतेरस पर क्या खरीदें और क्यों: परंपरा और सत्यता का संगम

AIN NEWS 1: धनतेरस दीपावली की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। यह दिन समृद्धि, स्वास्थ्य और सौभाग्य की कामना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की पूजा होती है। हिंदू धर्म में ऐसा विश्वास है कि अगर इस दिन कुछ विशेष वस्तुएं खरीदी जाएं तो घर में सुख-समृद्धि का वास होता है और दरिद्रता दूर रहती है। आइए जानते हैं कि धनतेरस पर कौन-सी 5 चीजें खरीदना शुभ माना गया है और इन मान्यताओं के पीछे क्या कारण हैं।
1️⃣ हल्दी – शुद्धता और लक्ष्मी का प्रतीक
हल्दी को भारतीय संस्कृति में अत्यंत पवित्र माना गया है। यह न केवल रसोई का आवश्यक हिस्सा है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी इसका विशेष स्थान है। कहा जाता है कि धनतेरस के दिन हल्दी खरीदने और पूजा में चढ़ाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
सत्यता और अर्थ:
हल्दी को शुद्धता का प्रतीक माना जाता है। यह हर मांगलिक कार्य में प्रयोग होती है, इसलिए इसे समृद्धि और शुभ आरंभ का प्रतीक समझा जाता है। इसे खरीदने से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का आगमन होता है।
2️⃣ धनिया – ‘धन’ और समृद्धि का प्रतीक
धनतेरस पर धनिया बीज खरीदने की परंपरा बहुत पुरानी है। लोग इसे खरीदकर लक्ष्मी पूजा में रखते हैं और दीपावली के बाद इसे बोते हैं। माना जाता है कि इससे घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है।
सत्यता और अर्थ:
‘धनिया’ शब्द स्वयं ‘धन’ से जुड़ा है, इसलिए इसे खरीदना शुभ माना जाता है। खेती से जुड़ी परंपराओं में बीज को समृद्धि का प्रतीक समझा गया है। यह विश्वास आज भी ग्रामीण और शहरी दोनों परिवारों में जीवित है।
3️⃣ झाड़ू – दरिद्रता दूर करने का प्रतीक
धनतेरस पर झाड़ू खरीदने की मान्यता भी विशेष है। कहा जाता है कि इस दिन नया झाड़ू खरीदकर घर की सफाई करने से मां लक्ष्मी का स्थायी वास होता है।
सत्यता और अर्थ:
झाड़ू वास्तव में स्वच्छता और अनुशासन का प्रतीक है। जब घर-आंगन स्वच्छ रहते हैं तो मन में भी सकारात्मकता बनी रहती है। यही सकारात्मक सोच सफलता और समृद्धि का मार्ग बनाती है। इस प्रकार झाड़ू का खरीदना केवल धार्मिक नहीं, बल्कि व्यवहारिक रूप से भी लाभकारी है।
4️⃣ नमक – स्थिरता और एकता का प्रतीक
कुछ जगहों पर धनतेरस के दिन नमक खरीदने की परंपरा भी मानी जाती है। विश्वास है कि ऐसा करने से परिवार में एकता बनी रहती है और जीवन में स्थिरता आती है।
सत्यता और अर्थ:
नमक हमारे जीवन का एक आवश्यक तत्व है। यह भोजन का स्वाद बढ़ाता है और स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। नमक को समृद्धि का प्रतीक मानने के पीछे यह संदेश छिपा है कि जीवन में संतुलन और स्वाद दोनों जरूरी हैं। जब परिवार में संतुलन रहता है, तब समृद्धि अपने आप आती है।
5️⃣ कौड़ी – मां लक्ष्मी की प्रिय वस्तु
कौड़ी प्राचीन काल में मुद्रा के रूप में प्रयोग होती थी। इसीलिए इसे धन और लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। धनतेरस पर कौड़ी खरीदकर घर या तिजोरी में रखने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
सत्यता और अर्थ:
कौड़ी वास्तव में संपन्नता का ऐतिहासिक प्रतीक है। यह हमें याद दिलाती है कि धन का सही उपयोग और सम्मान ही असली समृद्धि है। इसे पूजा में रखने से यह भावना मजबूत होती है कि हमें धन को केवल संग्रह नहीं, बल्कि सदुपयोग के लिए भी अपनाना चाहिए।
धनतेरस का असली संदेश
धनतेरस केवल खरीदारी का पर्व नहीं है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और नए आरंभ का प्रतीक है। यह हमें सिखाता है कि समृद्धि सिर्फ धन से नहीं, बल्कि स्वच्छता, संतुलन और सद्भाव से भी आती है।
जब हम श्रद्धा और विश्वास के साथ इन वस्तुओं को खरीदते हैं, तो हम अपने जीवन में शुभता को आमंत्रित करते हैं।
क्या इन वस्तुओं से वास्तव में धन बढ़ता है?
यह सवाल अक्सर उठता है कि क्या सचमुच इन चीजों को खरीदने से धन-वृद्धि होती है?
उत्तर यह है कि यह मान्यताएं प्रतीकात्मक हैं।
इनका उद्देश्य मन में सकारात्मक सोच, साफ-सफाई और पूजा-अर्चना की भावना को बढ़ाना है। जब मन और वातावरण दोनों शुद्ध होते हैं, तभी सुख-समृद्धि स्थायी होती है।
धनतेरस पर हल्दी, धनिया, झाड़ू, नमक और कौड़ी जैसी वस्तुएं खरीदना केवल परंपरा नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अभ्यास है जो हमें अच्छे कर्म और स्वच्छ जीवन की प्रेरणा देता है।
यह परंपराएं हमें यह सिखाती हैं कि धन का अर्थ केवल पैसा नहीं, बल्कि सकारात्मकता, स्वास्थ्य और मानसिक समृद्धि भी है।
इस धनतेरस पर इन चीज़ों को श्रद्धा के साथ खरीदें और मां लक्ष्मी से अपने घर में शांति, सौभाग्य और सुख-समृद्धि की कामना करें।
people across India celebrate the festival of wealth and prosperity by buying auspicious items like turmeric, coriander seeds, broom, salt, and cowries. These symbolic purchases are believed to attract Goddess Lakshmi’s blessings, remove negativity, and ensure success and abundance in life. Understanding the spiritual significance of Dhanteras shopping helps one follow the true tradition behind this ancient Hindu festival of prosperity.


















