AIN NEWS 1 | नैनीताल की खुशियों भरी यात्रा से लौट रहा एक परिवार उस समय हमेशा के लिए बिखर गया, जब घर पहुंचने से पहले ही उनकी कार एक भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गई। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर के बाद कार अचानक आग का गोला बन गई और कुछ ही मिनटों में खुशी का सफर मातम में बदल गया। इस दर्दनाक घटना में महिला कॉन्स्टेबल लता सिंह और उनके दो वर्षीय बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि परिवार का एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गया।
यह हादसा न केवल परिवार बल्कि पूरे इलाके के लिए गहरा सदमा बन गया है। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, वह स्तब्ध रह गया।
खुशियों से शुरू हुआ सफर, त्रासदी पर खत्म
मिली जानकारी के अनुसार, रामपुर जिले के मिलक क्षेत्र के बेहटरा गांव निवासी दान सिंह अपने परिवार के साथ नैनीताल घूमने गए थे। उनके साथ पत्नी लता सिंह, दो साल का बेटा ‘लड्डू’ और बरेली जिले के जमालपुर निवासी उनके चाचा रवि ठाकुर भी मौजूद थे।
परिवार ने नैनीताल में कुछ दिन बिताए और बुधवार रात स्विफ्ट कार से वापस घर लौट रहा था। यात्रा सामान्य थी और सभी जल्द घर पहुंचने की उम्मीद में थे। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि रास्ते में उनका सामना एक ऐसी दुर्घटना से होगा, जो उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल देगी।
काशीपुर के पास हुआ भीषण हादसा
बताया जा रहा है कि काशीपुर गांव के पास पहुंचते ही सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने कार को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के तुरंत बाद कार से धुआं निकलने लगा और कुछ ही सेकंड में उसमें आग लग गई। देखते ही देखते पूरी कार आग की लपटों में घिर गई। आसपास मौजूद लोगों ने मदद करने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी तेजी से फैल चुकी थी कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
बेटे को बचाने में मां ने गंवाई जान
हादसे के बाद कार में बैठे तीन लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे। लेकिन दो साल का मासूम बच्चा कार के अंदर ही फंस गया। अपने बच्चे को जलती कार में फंसा देखकर मां लता सिंह खुद को रोक नहीं पाईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लता सिंह अपने बेटे को बचाने के लिए दोबारा जलती कार की ओर दौड़ीं। उन्होंने बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आग की लपटें तेजी से बढ़ती चली गईं। इसी दौरान वह खुद भी आग की चपेट में आ गईं।
कुछ ही पलों में हालात इतने भयावह हो गए कि दोनों को बचाना संभव नहीं रह गया। मां और बेटे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
यह दृश्य इतना हृदयविदारक था कि वहां मौजूद लोग भी भावुक हो उठे।
महिला सिपाही थीं लता सिंह
जानकारी के अनुसार, लता सिंह उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला सिपाही के पद पर तैनात थीं और कौशांबी जिले में सेवा दे रही थीं। वह छुट्टी लेकर अपने गांव आई हुई थीं और परिवार के साथ समय बिताने के लिए नैनीताल घूमने गई थीं।
उनके सहकर्मियों और गांव के लोगों ने बताया कि लता सिंह बेहद मेहनती और मिलनसार स्वभाव की थीं। उनकी अचानक मौत की खबर से पुलिस विभाग और गांव दोनों जगह शोक की लहर दौड़ गई।
घटना के बाद मची अफरा-तफरी
हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
घायल सदस्य को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
डंपर चालक पर जांच जारी
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि डंपर की तेज रफ्तार और लापरवाही हादसे की मुख्य वजह हो सकती है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर जांच कर रही है।
डंपर चालक की तलाश भी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। अक्सर हाईवे और ग्रामीण मार्गों पर डंपर और ट्रकों की लापरवाही बड़े हादसों का कारण बनती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकी जा सकें।
गांव में पसरा मातम
जब लता सिंह और उनके बेटे की मौत की खबर गांव पहुंची, तो पूरे इलाके में शोक छा गया। परिवार के घर पर लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। हर कोई इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध नजर आया।
जिस घर में कुछ समय पहले तक खुशियों की बातें हो रही थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। एक मां का अपने बच्चे को बचाने की कोशिश करते हुए जान गंवाना लोगों की आंखें नम कर गया।
मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाला हादसा
यह हादसा केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक परिवार के सपनों के टूटने की कहानी है। एक मां का अपने बच्चे के लिए आखिरी सांस तक संघर्ष करना इस घटना को और अधिक भावुक बना देता है।
इस त्रासदी ने यह भी याद दिलाया है कि सड़क पर एक छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।
पुलिस मामले की जांच में जुटी है और प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।


















