AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले से पुलिस विभाग के भीतर महिला कर्मियों की कार्यस्थल सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। सदर कोतवाली में तैनात महिला कॉन्स्टेबल मेनका चौहान ने अपने ही थाने के प्रभारी निरीक्षक पर अभद्र व्यवहार, मानसिक उत्पीड़न और अनुचित टिप्पणियां करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस घटना ने विभाग के अंदर अनुशासन और महिला सुरक्षा के मुद्दों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

छुट्टी मांगने पर शुरू हुआ विवाद
महिला कॉन्स्टेबल मेनका चौहान का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी बीमार मां को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए एक दिन की छुट्टी मांगी, तो थानाध्यक्ष ने उनकी परिस्थिति को समझने के बजाय छुट्टी देने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने कथित रूप से अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया।
मेनका के अनुसार, यह मामला सिर्फ छुट्टी न मिलने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बाद उनके साथ व्यवहार और भी अधिक असहज हो गया।
निजी तौर पर बात करने का दबाव
कॉन्स्टेबल ने आरोप लगाया कि प्रभारी निरीक्षक द्वारा उन पर निजी मोबाइल नंबर पर बातचीत करने के लिए दबाव बनाया जाता था। उन्होंने यह भी दावा किया कि अधिकारी उन्हें “जीजा” कहकर संबोधित करने के लिए कहते थे, जिसका उन्होंने विरोध किया। इस विरोध के बाद उनके प्रति अधिकारी का रवैया और अधिक कठोर हो गया।
मेनका का कहना है कि उन्होंने हमेशा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन किया है और कभी भी अनुशासनहीनता नहीं की, लेकिन जब उन्होंने इस प्रकार की निजी मांगों को मानने से इनकार किया, तो उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा।
ड्यूटी करने के बावजूद अनुपस्थित दर्ज
महिला कॉन्स्टेबल का यह भी आरोप है कि छुट्टी स्वीकृत न होने के बावजूद वह समय पर ड्यूटी पर पहुंचीं। इसके बावजूद उनकी उपस्थिति दर्ज नहीं की गई और उन्हें अनुपस्थित दिखा दिया गया।
जब उन्होंने दोबारा छुट्टी के लिए अनुरोध किया, तो उनके साथ कथित रूप से गाली-गलौज की गई। उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्हें मारने के लिए दौड़ाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से काफी आहत हुईं।
पांच साल की बेटी के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंचीं
घटना के बाद मेनका चौहान अपनी पांच वर्षीय बेटी को साथ लेकर बस्ती रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजय त्यागी के कार्यालय पहुंचीं। यहां वह अपनी आपबीती सुनाते हुए भावुक हो गईं और गेट पर ही रो पड़ीं।
उन्होंने पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत उच्चाधिकारियों को सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। डीआईजी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच कराने और आवश्यक विभागीय कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
2019 बैच की कॉन्स्टेबल हैं मेनका
मेनका चौहान वर्ष 2019 बैच की कॉन्स्टेबल हैं और मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बड़हलगंज क्षेत्र की निवासी हैं। उनके पति भी पुलिस विभाग में कार्यरत बताए जा रहे हैं।
वर्तमान में इस पूरे मामले को लेकर विभाग के भीतर हलचल है और माना जा रहा है कि जल्द ही आंतरिक जांच शुरू की जा सकती है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई संभव है।
A serious case of alleged workplace harassment has surfaced in Basti district of Uttar Pradesh, where a woman constable posted at Sadar Kotwali has accused SHO Dinesh Chandra Chaudhary of verbal abuse, inappropriate remarks, and professional misconduct after she requested leave to attend to her ailing mother. The constable, Menka Chauhan, claims she was pressured for personal interaction and was marked absent despite reporting to duty. The matter reached DIG Sanjeev Tyagi after the constable approached his office with her young daughter seeking justice. A departmental inquiry is likely to be initiated in this Uttar Pradesh police harassment case.


















