AIN NEWS 1: संभल हिंसा के बाद लगातार सुर्खियों में बने हुए उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एएसपी अनुज चौधरी एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। इस बार वजह कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि उनका गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचना है। मंदिर में उनकी मौजूदगी और पूजा-अर्चना की तस्वीरें सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
गुरु गोरखनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा
जानकारी के मुताबिक, एएसपी अनुज चौधरी हाल ही में गोरखपुर पहुंचे, जहां उन्होंने गुरु गोरखनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन और पूजा की। यह वही मंदिर है, जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है। मंदिर परिसर में अनुज चौधरी को शांत भाव से पूजा करते देखा गया।
हालांकि, इस दौरे को लेकर पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सोशल मीडिया पर तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह विषय तेजी से वायरल हो गया।
संभल हिंसा से जुड़ा रहा है नाम
गौरतलब है कि संभल हिंसा के दौरान एएसपी अनुज चौधरी की भूमिका को लेकर वे पहले ही सुर्खियों में रह चुके हैं। हिंसा के बाद दर्ज हुए मामलों, पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक निर्णयों को लेकर उनके नाम की लगातार चर्चा होती रही है। कुछ वर्गों ने उनकी कार्यशैली की सराहना की, तो कुछ ने सवाल भी खड़े किए।
संभल हिंसा के बाद का यह पूरा मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि धीरे-धीरे राजनीतिक बहस का विषय बन गया।
FIR आदेश और पुलिस की अपील से बढ़ा विवाद
इस पूरे प्रकरण में उस समय नया मोड़ आया, जब अदालत द्वारा एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया। अदालत के इस आदेश के बाद पुलिस ने ऊपरी अदालत में अपील दाखिल की, जिसे लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई।
विपक्षी दलों ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे सत्ता के दबाव से जोड़ने की कोशिश की। वहीं, सत्तारूढ़ दल और पुलिस प्रशासन की ओर से कहा गया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी कदम उठाए जा रहे हैं।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर भाजपा और पुलिस दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों से बयान जारी कर कहा कि कानून का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है।
अखिलेश यादव का आरोप था कि कुछ मामलों में पुलिस निष्पक्षता से काम नहीं कर रही और अदालत के आदेशों को चुनौती देने का तरीका सवालों के घेरे में है। उनके बयान के बाद यह मुद्दा सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक बहस में बदल गया।
भाजपा और सरकार का पलटवार
अखिलेश यादव के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने भी पलटवार किया। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष हर संवेदनशील मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करता है। उनका दावा है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था पहले से कहीं बेहतर है और पुलिस स्वतंत्र रूप से अपना काम कर रही है।
भाजपा का यह भी कहना है कि किसी अधिकारी का धार्मिक स्थल पर जाना उसका निजी आस्था का विषय है, जिसे राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
धार्मिक दौरे को लेकर अलग-अलग नजरिया
एएसपी अनुज चौधरी के गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचने को लेकर सोशल मीडिया पर भी दो तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कुछ लोग इसे आध्यात्मिक और व्यक्तिगत आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे मौजूदा विवादों के संदर्भ में प्रतीकात्मक कदम मान रहे हैं।
हालांकि, जानकारों का मानना है कि किसी भी सरकारी अधिकारी का धार्मिक स्थल पर जाना असामान्य नहीं है, लेकिन जब वह अधिकारी पहले से किसी विवाद से जुड़ा हो, तो ऐसे दौरे स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाते हैं।
प्रशासनिक हलकों में भी हलचल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रशासनिक स्तर पर भी चर्चाएं तेज हैं। संभल हिंसा मामले में आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे, अदालत में पुलिस की अपील पर क्या फैसला आएगा और राजनीतिक दबाव का प्रशासन पर कितना असर पड़ेगा—ये सभी सवाल फिलहाल खुले हुए हैं।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस प्रशासन मामले को पूरी सतर्कता के साथ संभालने की कोशिश कर रहा है, ताकि कानूनी प्रक्रिया और सार्वजनिक विश्वास दोनों बनाए रखे जा सकें।
आगे क्या?
फिलहाल, एएसपी अनुज चौधरी का गोरखनाथ मंदिर दौरा एक धार्मिक यात्रा के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन संभल हिंसा और एफआईआर विवाद के चलते यह यात्रा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गई है।
आने वाले दिनों में अदालत का रुख, पुलिस की अपील पर फैसला और राजनीतिक दलों के अगले बयान इस पूरे मामले की दिशा तय करेंगे। इतना तय है कि संभल हिंसा से जुड़ा यह मामला अभी लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला है।
ASP Anuj Chaudhary, who gained national attention after the Sambhal violence, recently visited the Gorakhnath Temple in Gorakhpur, a prominent religious site associated with Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath. His visit comes amid ongoing controversy over court-ordered FIRs, police appeals, and sharp political reactions from leaders like Akhilesh Yadav. The Sambhal violence case continues to trigger debates on law enforcement, political accountability, and administrative neutrality in Uttar Pradesh.


















