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UPPCL नए बिजली कनेक्शन शुल्क 2026: लोड और दूरी के आधार पर फिक्स चार्ज, जानिए पूरी नई व्यवस्था

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AIN NEWS 1 | नए बिजली कनेक्शन को लेकर उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए गए हैं। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने नए बिजली कनेक्शन के लिए लोड और दूरी के आधार पर शुल्क की निश्चित दरें तय कर दी हैं। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब बिजली कनेक्शन के लिए अनुमानित लागत बताकर अलग-अलग रकम वसूलने की गुंजाइश कम हो जाएगी।

UPPCL के इस निर्णय का उद्देश्य बिजली कनेक्शन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और उपभोक्ताओं से होने वाली अनियमित वसूली को रोकना है। नई व्यवस्था के तहत अब उपभोक्ता पहले से ही यह जान सकेंगे कि उनके बिजली लोड और लाइन की दूरी के आधार पर कितना शुल्क देना होगा।

नए बिजली कनेक्शन के लिए तय शुल्क व्यवस्था

नई नीति के अनुसार बिजली कनेक्शन शुल्क अब दो मुख्य मानकों पर आधारित होगा। पहला बिजली लोड यानी उपभोक्ता कितने किलोवाट या किलोवोल्ट एम्पियर का कनेक्शन ले रहा है और दूसरा बिजली लाइन या पोल की दूरी। इन दोनों मानकों के आधार पर UPPCL ने शुल्क की दरें तय कर दी हैं।

पहले की व्यवस्था में नए बिजली कनेक्शन के लिए अधिशासी अभियंता, खंड अभियंता और अवर अभियंता उपभोक्ताओं को अनुमानित लागत बताते थे। इस अनुमानित बजट में कई बार वास्तविक खर्च से अधिक राशि बताई जाती थी, जिससे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ता था।

नई फिक्स चार्ज प्रणाली लागू होने के बाद अब बिजली विभाग के अधिकारियों के लिए मनमानी लागत बताना कठिन होगा। इससे उपभोक्ताओं को पहले से स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी और बिजली कनेक्शन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

सभी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर लागू होगी नई व्यवस्था

UPPCL द्वारा तय की गई यह नई शुल्क व्यवस्था सभी प्रकार के बिजली उपभोक्ताओं पर लागू होगी। इसमें घरेलू कनेक्शन, वाणिज्यिक कनेक्शन और अन्य श्रेणी के नए बिजली कनेक्शन शामिल हैं।

इसका सीधा लाभ उन लोगों को मिलेगा जो नए घर, दुकान या संस्थान के लिए बिजली कनेक्शन लेना चाहते हैं। अब उन्हें पहले से यह स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी कि बिजली कनेक्शन के लिए कितना भुगतान करना होगा।

पोल और लाइन शिफ्टिंग के लिए भी दर तय करने की मांग

बिजली उपभोक्ताओं और जानकारों का मानना है कि UPPCL को पोल शिफ्टिंग और बिजली लाइन शिफ्टिंग के लिए भी निश्चित दरें तय करनी चाहिए। कई मामलों में उपभोक्ताओं का आरोप है कि वास्तविक खर्च कम होने के बावजूद अधिक राशि बताई जाती है।

उदाहरण के तौर पर कई बार लगभग पांच हजार रुपये के काम को पचास हजार रुपये तक बताया जाता है। यदि इन कार्यों के लिए भी निर्धारित दरें तय कर दी जाएं तो बिजली विभाग की प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी हो सकती है।

नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद

UPPCL द्वारा लागू की गई नई शुल्क व्यवस्था से बिजली कनेक्शन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। फिक्स चार्ज सिस्टम लागू होने से उपभोक्ता पहले से ही शुल्क की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अनावश्यक भुगतान से बच सकेंगे।

यह कदम उत्तर प्रदेश में बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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