ED summons BJP worker who filed plea in High Court questioning Rahul Gandhi’s citizenship
राहुल गांधी की नागरिकता विवाद पर याचिका दायर करने वाले भाजपा कार्यकर्ता को ईडी का नोटिस
AIN NEWS 1 नई दिल्ली से बड़ी खबर: भारतीय राजनीति में विवाद और आरोप-प्रत्यारोप आम बात हैं, लेकिन इस बार मामला सीधे देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी के नेता राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़ा है। कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर ने राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिशिर को 9 सितंबर को पूछताछ के लिए तलब किया है।
यह मामला सिर्फ एक कानूनी याचिका नहीं बल्कि राजनीतिक माहौल को प्रभावित करने वाला बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
ईडी ने क्यों बुलाया?
ईडी सूत्रों के अनुसार, विग्नेश शिशिर को फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के प्रावधानों के तहत बुलाया गया है। उनसे कहा गया है कि वे सभी दस्तावेज़ और सबूत पेश करें, जिनके आधार पर उन्होंने राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाए हैं।
फेमा (FEMA) एक ऐसा कानून है, जिसके अंतर्गत ईडी विदेशी मुद्रा से संबंधित उल्लंघनों की जांच करता है। इसमें व्यक्तियों और कंपनियों दोनों पर कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि शिशिर से यह भी पूछा जाएगा कि उन्हें दस्तावेज़ कैसे और कहाँ से मिले।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
जब कांग्रेस से इस विवाद पर प्रतिक्रिया मांगी गई तो पार्टी ने टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। कांग्रेस पहले भी कहती रही है कि राहुल गांधी की नागरिकता पर उठाए जा रहे सवाल सिर्फ राजनीतिक षड्यंत्र का हिस्सा हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस फिलहाल इस मामले को ज्यादा महत्व नहीं देना चाहती और अदालत की प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रही है।
हाई कोर्ट में दायर याचिका
विग्नेश शिशिर ने अपनी याचिका में दावा किया है कि उनके पास ब्रिटेन सरकार से जुड़े दस्तावेज़ और ईमेल हैं, जिनसे साबित होता है कि राहुल गांधी ब्रिटिश नागरिक हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर यह सच है तो राहुल गांधी भारत में चुनाव लड़ने और सांसद बनने के योग्य नहीं हैं।
हाई कोर्ट का आदेश
30 अगस्त को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ ने इस मामले में सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार को आदेश दिया था कि शिशिर को 24 घंटे सुरक्षा दी जाए। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ता एक प्रभावशाली व्यक्ति के खिलाफ मामला दायर कर रहे हैं और उन्हें धमकियाँ मिल रही हैं।
जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस बी. आर. सिंह की खंडपीठ ने यह भी कहा कि मामला विचार योग्य है और अदालत इसकी गंभीरता से सुनवाई करेगी।
शिशिर की शिकायत और जांच एजेंसियाँ
शिशिर ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने जून 2024 में सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर जांच शुरू हुई और वे कई बार दिल्ली जाकर एजेंसी के सामने पेश भी हुए।
उनका दावा है कि उन्होंने राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़े पुख्ता सबूत एजेंसियों को दिए हैं। अब मामला ईडी तक पहुँच चुका है, जहाँ विदेशी मुद्रा कानूनों के उल्लंघन की जांच होगी।
राजनीतिक हलचल
इस मामले ने भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है।
भाजपा कार्यकर्ताओं का दावा: राहुल गांधी का नागरिकता विवाद “राष्ट्रीय सुरक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था” से जुड़ा मुद्दा है।
कांग्रेस का रुख: यह केवल राहुल गांधी की छवि खराब करने और विपक्ष को कमजोर करने की रणनीति है।
चुनावी असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह विवाद लंबा खिंचता है तो इसका असर 2029 के लोकसभा चुनावों पर भी हो सकता है। भाजपा इसे एक बड़ा चुनावी मुद्दा बना सकती है, जबकि कांग्रेस इसे “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताकर जनता के बीच सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर सकती है।
कानूनी दृष्टिकोण
कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 84 और 102 के अनुसार, संसद सदस्य बनने के लिए व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य है।
अगर अदालत में यह साबित हो जाता है कि राहुल गांधी विदेशी नागरिक हैं, तो उनके सांसद पद पर संकट खड़ा हो सकता है। लेकिन अब तक ऐसे किसी आरोप की पुष्टि नहीं हुई है।
वरिष्ठ वकील का मत:
“यह मामला सिर्फ दस्तावेज़ों के दावे पर आधारित है। जब तक आधिकारिक तौर पर ब्रिटेन सरकार या भारत सरकार कोई ठोस सबूत पेश नहीं करती, तब तक इसे कानूनी रूप से साबित करना मुश्किल होगा।”
राहुल गांधी पर पहले भी उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल खड़े हुए हों।
2015 में भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने भी राहुल गांधी की नागरिकता पर सवाल उठाते हुए सबूत प्रस्तुत करने का दावा किया था।
उस समय भी मामला काफी सुर्खियों में आया, लेकिन सरकार और एजेंसियों की जांच के बावजूद कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
क्यों अहम है यह मामला?
1. संवैधानिक संकट: अगर आरोप सही साबित होते हैं तो राहुल गांधी संसद सदस्य बने रहने के योग्य नहीं होंगे।
2. कांग्रेस पर असर: राहुल गांधी कांग्रेस का चेहरा हैं। उन पर सवाल उठने का सीधा असर पार्टी की साख पर पड़ेगा।
3. भाजपा की रणनीति: यह विवाद भाजपा को चुनावों में बड़ा मुद्दा दे सकता है।
4. जनता की नजर: आम जनता के बीच यह मामला जिज्ञासा और चर्चा का विषय बन चुका है।
राहुल गांधी की नागरिकता विवाद से जुड़े मामले ने भारतीय राजनीति को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। एक तरफ भाजपा इसे गंभीर मुद्दा बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे बेबुनियाद आरोप करार दे रही है।
अब सबकी निगाहें 9 अक्टूबर को इलाहाबाद हाई कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई और ईडी की जांच पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर चल रहा विवाद सिर्फ राजनीतिक बयानबाज़ी तक सीमित रहता है या फिर इसका कोई ठोस कानूनी नतीजा भी निकलता है।
The Enforcement Directorate (ED) has summoned BJP worker S. Vignesh Shishir, who filed a petition in the Allahabad High Court alleging that Rahul Gandhi holds British citizenship. The matter is being investigated under the FEMA Act, with the High Court also directing 24×7 security for the petitioner. The next hearing is set for October 9. Political analysts believe the case could have major implications on Indian politics, the Congress Party’s credibility, and Rahul Gandhi’s eligibility as a Member of Parliament.


















