Powered by : PIDIT KO NYAY ( RNI - UPBIL/25/A1914)

spot_imgspot_img

नवरात्रि से दिवाली तक देश में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, भारतीय उत्पादों की चमक से मंद पड़ी चीन की मांग!

spot_img

Date:

AIN NEWS 1: भारत का खुदरा (Retail) बाजार इस बार त्योहारी सीजन में नई ऊँचाइयों पर पहुँच गया है। नवरात्रि से लेकर दिवाली तक का यह समय न सिर्फ उत्सवों से भरा रहा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए भी खुशियों की लहर लेकर आया। आंकड़ों के मुताबिक, इस साल देशभर में रिकॉर्ड ₹5.4 लाख करोड़ के माल (goods) और ₹65,000 करोड़ की सेवाओं (services) की बिक्री हुई। यह अब तक का सबसे बड़ा उत्सव सीजन सेल (Festive Sales) रिकॉर्ड माना जा रहा है।

त्योहारी सीजन में बाजारों की रौनक देखते ही बन रही थी। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े शॉपिंग मॉल और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक हर जगह ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, गहने, सजावटी वस्तुएं, मिठाइयां और वाहन—हर सेक्टर में बिक्री में भारी इजाफा देखने को मिला।

सबसे खास बात यह रही कि इस बार लोगों ने विदेशी उत्पादों की बजाय “मेड इन इंडिया” वस्तुओं को अधिक प्राथमिकता दी। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 87% उपभोक्ताओं ने भारतीय निर्मित वस्तुएं खरीदीं, जिससे चीन समेत अन्य देशों से आयातित उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

यह बदलाव सिर्फ खरीदारी के पैटर्न में नहीं बल्कि सोच में भी दिखाई दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वोकल फॉर लोकल” और “स्वदेशी दिवाली” के आह्वान ने जनता के दिलों में गहरी जगह बनाई। देशवासियों ने बड़ी संख्या में स्थानीय उत्पादों को अपनाकर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस कदम बढ़ाया.

भारतीय उत्पादों की बढ़ी मांग, छोटे व्यापारियों को मिला सहारा

स्थानीय बाजारों में इस बार छोटे कारोबारियों के चेहरे पर मुस्कान थी। हस्तनिर्मित दीपक, मिट्टी के दीये, हैंडमेड सजावट और स्वदेशी मिठाइयों की बिक्री में पिछले साल की तुलना में लगभग 40% की वृद्धि हुई। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक, लोगों ने अपने बजट का बड़ा हिस्सा देशी उत्पादों पर खर्च किया।

दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर और वाराणसी जैसे शहरों में स्वदेशी वस्त्रों और गहनों की बिक्री में भी बड़ा उछाल देखने को मिला। वहीं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर “Made in India” टैग वाले उत्पादों की डिमांड कई गुना बढ़ गई।

‘स्वदेशी दिवाली’ ने जगाई आर्थिक उम्मीदें

त्योहारी बिक्री के इस रिकॉर्ड से न केवल बाजारों में जान आई है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़े हैं और MSME सेक्टर (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) को बड़ा प्रोत्साहन मिला है।

उद्योग जगत के विश्लेषकों के अनुसार, आने वाले समय में यह रुझान भारत को एक आत्मनिर्भर बाजार के रूप में और अधिक मजबूत करेगा। “वोकल फॉर लोकल” अभियान अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि आर्थिक क्रांति का प्रतीक बनता जा रहा है।

उपभोक्ता रुझान में बड़ा बदलाव

इस बार त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं ने न केवल खरीदारी की मात्रा बढ़ाई, बल्कि सोच-समझकर खरीदारी की। महंगे विदेशी गिफ्ट्स के बजाय भारतीय हैंडीक्राफ्ट्स, इको-फ्रेंडली सजावट और पारंपरिक मिठाइयों को तरजीह दी गई। इससे पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण कारीगरों दोनों को बढ़ावा मिला।

ग्राहकों ने यह भी महसूस किया कि स्थानीय उत्पाद न केवल गुणवत्ता में बेहतर हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी योगदान देते हैं।

चीन के उत्पादों की मांग में गिरावट

त्योहारी सीजन के दौरान चीन से आयातित इलेक्ट्रॉनिक्स, लाइट्स और सजावटी वस्तुओं की बिक्री में भारी गिरावट दर्ज की गई। जहां पहले दुकानदार बड़ी मात्रा में चीनी सामान मंगाते थे, वहीं इस बार उन्होंने भारतीय निर्माताओं पर भरोसा जताया।

इस बदलाव का सबसे बड़ा असर चीन के सस्ते त्योहार उत्पादों की बिक्री पर पड़ा, जो पहले भारतीय बाजार में बड़ी हिस्सेदारी रखते थे।

आर्थिक विशेषज्ञों की राय

आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़ा सिर्फ बिक्री का नहीं, बल्कि भारत की बदलती सोच का प्रतीक है। उपभोक्ताओं की प्राथमिकता अब “लोकल प्रोडक्ट्स” की ओर बढ़ रही है, जिससे घरेलू उद्योगों को नया जीवन मिल रहा है।

रिटेल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, यह पहली बार है जब भारतीय उपभोक्ताओं ने इतने बड़े स्तर पर स्वदेशी उत्पादों को अपनाया है।

भविष्य की दिशा

यह रुझान बताता है कि आने वाले वर्षों में भारत का खुदरा बाजार और भी मजबूत हो सकता है। यदि “वोकल फॉर लोकल” अभियान इसी गति से आगे बढ़ता रहा, तो भारत न केवल आत्मनिर्भर बनेगा बल्कि वैश्विक खुदरा शक्ति के रूप में भी उभरेगा।

त्योहारी मौसम की यह रिकॉर्ड बिक्री भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रेरणादायक संदेश लेकर आई है—जब जनता आत्मनिर्भरता को अपनाती है, तो देश अपने आप सशक्त बनता है।

India’s retail sector witnessed record festive sales between Navratri and Diwali 2025, reaching ₹5.4 lakh crore in goods and ₹65,000 crore in services. About 87% of consumers preferred Indian-made products, leading to a sharp decline in Chinese imports. Prime Minister Narendra Modi’s call for “Vocal for Local” and “Swadeshi Diwali” inspired citizens to support the Made in India movement, boosting local industries and strengthening India’s economy during this festive season.

spot_img
spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

spot_imgspot_img

Share post:

New Delhi
haze
21.1 ° C
21.1 °
21.1 °
73 %
1.5kmh
0 %
Fri
29 °
Sat
30 °
Sun
31 °
Mon
32 °
Tue
32 °
Video thumbnail
LIVE: PM Modi ने Bharat Mandapam में आयोजित नेताओं के पूर्ण सत्र और कार्य भोज में भाग लिया
22:04
Video thumbnail
Yogi Adityanath #shotrs #viral
00:30
Video thumbnail
Maithili Thakur ने सदन में भयंकर गुस्से में Tejashwi Yadav को लताड़ा, टोका-टाकी करने लगे ओसामा!
09:13
Video thumbnail
जिसने JPNIC बनाया उसे अपनी पार्टी से निकालो... - Akhilesh Yadav
01:16
Video thumbnail
Yogi Adityanath on Babri Masjid and Vande Matram : 'वंदे मातरम्' का जो विरोध करेगा...'
02:50
Video thumbnail
Yati Narsinghanand Giri on UGC, demands UGC Rollback
00:57
Video thumbnail
जब Akhilesh के मंत्री ने पंडित को बनाया खान, सदन में मजेदार अंदाज़ में Yogi ने जमकर ले ली मौज!
08:10
Video thumbnail
सिख सांसद को गद्दार बोलने पर संसद में Modi ने जो बोला उसे कभी नहीं भूलेगा पूरा सिख समुदाय!
10:15
Video thumbnail
बात ब्राह्मणों के अपमान की आई भड़के Yogi और Raja Bhaiya ने दिया करारा जवाब! Yogi | Brahman
11:38
Video thumbnail
सदन में Abbas Ansari के भाषण के बाद CM Yogi का ऐसा बयान, हिल गया पूरा विपक्ष !
11:16

Subscribe

spot_img
spot_imgspot_img

Popular

spot_img

More like this
Related