AIN NEWS 1: नगीना से सांसद और आजाद समाज पार्टी (ASP) के मुखिया चंद्रशेखर आज़ाद एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार विवाद की वजह उनकी पूर्व साथी डॉ. रोहिणी घावरी द्वारा सोशल मीडिया पर शेयर किया गया एक कथित ऑडियो क्लिप है, जिसमें चंद्रशेखर पर बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती और पार्टी संस्थापक कांशीराम को लेकर आपत्तिजनक बातें करने का आरोप लगाया गया है।
डॉ. रोहिणी ने एक्स (पहले ट्विटर) पर यह ऑडियो शेयर करते हुए लिखा कि “बहनजी के प्रति चंद्रशेखर की सोच बेहद घटिया है। यह बहुजन आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है।” उन्होंने दावा किया कि ऑडियो में सुनाई देने वाली आवाज़ चंद्रशेखर आज़ाद की ही है और यह बातचीत असली है।
ऑडियो में क्या कहा गया है?
तीन मिनट के इस कथित ऑडियो में चंद्रशेखर आज़ाद को मायावती और कांशीराम के रिश्ते पर टिप्पणी करते सुना जा सकता है। डॉ. रोहिणी का दावा है कि ऑडियो में चंद्रशेखर कहते हैं –
“मायावती कांशीराम को ब्लैकमेल करती थीं। उनके भाई ने एक बार कांशीराम की छाती पर पिस्टल रख दी थी।”
बातचीत के दौरान चंद्रशेखर खुद को बहुजन आंदोलन का उत्तराधिकारी बताने की बात भी करते हैं।
वह कहते हैं –
“अगर मुझे उत्तराधिकारी बनाया गया, तो मैं आजाद समाज पार्टी को बसपा में मिला दूंगा।”
रोहिणी के अनुसार, यह बातचीत यह साबित करती है कि चंद्रशेखर बहुजन आंदोलन की विचारधारा को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चंद्रशेखर अमेरिका में रहने वाले सोनू अंबेडकर की किताब “कांशीराम साहब की हत्यारन” लोगों में बांट रहे हैं, जिससे मायावती के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश हो रही है।
रोहिणी का खुला चैलेंज – “फेक साबित करो, 1 करोड़ दूंगी”
डॉ. रोहिणी ने इस ऑडियो को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई यह साबित कर दे कि यह ऑडियो फेक या एआई जनरेटेड है, तो वह 1 करोड़ रुपये का इनाम देंगी।
उनका कहना है –
“जो भी इस ऑडियो को फर्जी साबित कर देगा, मैं उसे एक करोड़ रुपये दूंगी। यह ऑडियो बहुजन आंदोलन के असली दुश्मनों को बेनकाब करता है।”
रोहिणी ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह इस मामले पर शाम 7 बजे फेसबुक लाइव आकर पूरी सच्चाई सामने रखेंगी और लोगों के सवालों के जवाब भी देंगी।
ऑडियो के कुछ प्रमुख अंश
ऑडियो क्लिप में कथित बातचीत के कुछ अंश इस प्रकार बताए जा रहे हैं –
रोहिणी: “मैंने पूरी कोशिश की थी, अगर आपने मुंह न फेरा होता तो हालात कुछ और होते।”
चंद्रशेखर: “तू कोशिश कर, मैं मिलने जरूर जाऊंगा।”
रोहिणी: “अगर मायावती कहें कि पार्टी का विलय कर दो, तो क्या करोगे?”
चंद्रशेखर: “अगर वो मुझे उत्तराधिकारी बना दें, तो मैं कर दूंगा।”
रोहिणी: “अगर वो आपको राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाना चाहें तो?”
चंद्रशेखर: “मुझे राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तराधिकारी दोनों चाहिए।”
ऑडियो के मुताबिक, चंद्रशेखर यह भी कहते हैं कि उन्होंने अपने दम पर बसपा को चुनौती देने लायक स्थिति बना ली है और मायावती को उत्तराधिकारी घोषित करने पर मजबूर कर दिया है।
बहुजन राजनीति में हलचल
इस ऑडियो के वायरल होने के बाद बहुजन राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स इस ऑडियो को लेकर बहस कर रहे हैं। कुछ लोग इसे चंद्रशेखर के खिलाफ साजिश बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि अगर यह ऑडियो असली है, तो यह बहुजन आंदोलन के लिए गहरा झटका है।
हालांकि अभी तक चंद्रशेखर आज़ाद की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पहले भी दिए थे संकेत
इससे पहले गुरुवार को डॉ. रोहिणी ने सोशल मीडिया पर दो पोस्ट शेयर करके संकेत दिए थे कि वह कोई बड़ा खुलासा करने वाली हैं। उन्होंने लिखा था –
“जो सच मैं कल दिखाने वाली हूं, उसे फेक या एआई कहकर साबित करने वाले को 1 करोड़ का इनाम मिलेगा। फर्जी नेता की उल्टी गिनती शुरू।”
उनकी यह पोस्ट वायरल होने के बाद ही लोगों में चर्चा शुरू हो गई थी कि वह किस “फर्जी नेता” की बात कर रही हैं। अब जब ऑडियो सामने आया है, तो सवाल यह है कि क्या यह ऑडियो असली है या यह किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा?
बहुजन आंदोलन पर सवाल
डॉ. रोहिणी का कहना है कि चंद्रशेखर बहुजन विचारधारा से भटक चुके हैं और अब वही लोग आंदोलन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिन पर इसके नेतृत्व की जिम्मेदारी थी। उन्होंने कहा कि “महापुरुषों के प्रति नई पीढ़ी के मन में नफरत क्यों भरी जा रही है? यह साजिश आखिर किसके इशारे पर चल रही है?”
वहीं, सोशल मीडिया पर चंद्रशेखर समर्थक इस पूरे विवाद को “चरित्र हत्या की कोशिश” बता रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव नज़दीक आने के कारण ऐसे वीडियो और ऑडियो वायरल कर राजनीतिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
चंद्रशेखर आज़ाद और डॉ. रोहिणी घावरी के बीच यह विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। बहुजन आंदोलन, जो समानता और सामाजिक न्याय के लिए जाना जाता है, अब आंतरिक कलह से गुजरता दिखाई दे रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि क्या यह ऑडियो असली साबित होगा या इसे “फेक” करार दिया जाएगा।
A major political storm has erupted after Dr. Rohini Ghavri released an alleged audio clip of MP Chandrashekhar Azad making controversial remarks about Mayawati and Kanshi Ram. The three-minute recording has shaken the Bahujan movement, with Rohini claiming it proves Azad’s betrayal of the cause. She even announced a ₹1 crore reward for anyone who can prove the audio fake or AI-generated. As debates grow online, supporters and critics are questioning the future of Bahujan politics and Azad’s leadership.


















