AIN NEWS 1: अगर आप भी FASTag का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। सरकार ने अब एक नया नियम लागू किया है, जिसके तहत KYC (Know Your Customer) के बाद अब KYV (Know Your Vehicle) वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य हो गया है। अगर आपने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की, तो टोल प्लाजा पर आपका FASTag काम नहीं करेगा और आपको नकद में टोल शुल्क देना पड़ सकता है।

KYV क्या है और क्यों जरूरी है?
अब तक FASTag की पहचान ग्राहक (KYC) के आधार पर होती थी, लेकिन कई मामलों में इसके गलत इस्तेमाल की शिकायतें सामने आईं। कुछ लोग दूसरे वाहनों पर FASTag का उपयोग कर टोल टैक्स बचा रहे थे। उदाहरण के तौर पर, कई ट्रक ड्राइवर कार के लिए जारी FASTag का इस्तेमाल कर रहे थे, जिससे सरकार को नुकसान और सिस्टम में गड़बड़ी हो रही थी।
इसी तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने KYV सिस्टम शुरू किया है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि FASTag केवल उसी वाहन पर इस्तेमाल हो, जिसके नाम पर वह जारी किया गया है।
KYV वेरिफिकेशन न कराने पर क्या होगा?
अगर आपने KYV वेरिफिकेशन नहीं कराया है, तो FASTag आपके वाहन पर सक्रिय नहीं रहेगा। यानी टोल प्लाजा पर स्कैन करते समय FASTag डिवाइस काम नहीं करेगा। इस स्थिति में आपको पूरा टोल शुल्क नकद में देना पड़ेगा और आपको लाइन में लगकर समय भी बर्बाद करना पड़ेगा।
इसलिए, अगर आप फास्ट और कैशलेस ट्रैवल का आनंद लेना चाहते हैं, तो जल्द से जल्द अपना KYV वेरिफिकेशन करवा लें।
KYV वेरिफिकेशन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
KYV प्रक्रिया सरल है, लेकिन इसके लिए आपको कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। इनकी डिजिटल कॉपी (स्कैन) अपने पास रखें:
1. गाड़ी की RC (रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) की स्कैन कॉपी
2. गाड़ी का नंबर (VRN – Vehicle Registration Number)
3. चेसिस नंबर
4. आपके मोबाइल नंबर से लिंक FASTag की पूरी जानकारी
कैसे करें FASTag का KYV वेरिफिकेशन? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)
1. बैंकिंग ऐप या FASTag पोर्टल खोलें:
जिस बैंक या प्लेटफॉर्म (जैसे Paytm, ICICI Bank, HDFC, Axis Bank, Amazon Pay, Airtel Payments Bank आदि) से आपने FASTag लिया है, उसके ऐप या वेबसाइट पर जाएं।
2. KYV या FASTag Verification ऑप्शन चुनें:
ऐप में ‘KYV’ या ‘FASTag Vehicle Verification’ नाम का विकल्प सर्च करें।
3. वाहन की तस्वीरें अपलोड करें:
अपनी गाड़ी की कुछ साफ और स्पष्ट तस्वीरें अलग-अलग एंगल से अपलोड करें।
सबसे जरूरी – एक फोटो ऐसी होनी चाहिए जिसमें गाड़ी की विंडशील्ड पर लगा FASTag स्पष्ट दिख रहा हो।
4. RC की स्कैन कॉपी अपलोड करें:
अपनी गाड़ी की RC का स्कैन अपलोड करें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि FASTag उसी गाड़ी पर लगा है।
5. वेरिफिकेशन सबमिट करें:
सभी जानकारी अपलोड करने के बाद ‘सबमिट’ या ‘सेंड’ पर टैप करें।
6. स्टेटस ट्रैक करें:
वेरिफिकेशन प्रक्रिया में लगभग 7 दिन का समय लग सकता है। एक बार यह पूरा हो जाने पर आपके लिंक्ड मोबाइल नंबर पर नोटिफिकेशन आ जाएगा।
आप अपने बैंकिंग ऐप या FASTag पोर्टल पर जाकर भी KYV का स्टेटस चेक कर सकते हैं।
किन बातों का रखें ध्यान
यह वेरिफिकेशन हर तीन साल में दोहराना जरूरी होगा।
केवल वाहन के मालिक या अधिकृत व्यक्ति ही वेरिफिकेशन कर सकता है।
अगर वाहन बेचा गया है, तो नए मालिक को नया FASTag जारी करवाना होगा।
गलत डॉक्यूमेंट या फोटो अपलोड करने पर वेरिफिकेशन रिजेक्ट हो सकता है।
क्यों जरूरी है KYV वेरिफिकेशन?
FASTag के जरिए रोजाना लाखों वाहनों से टोल टैक्स लिया जाता है। लेकिन हाल के समय में कई मामलों में देखा गया कि लोग टोल शुल्क बचाने के लिए गलत टैग का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे न सिर्फ सरकार को नुकसान हो रहा था बल्कि असली वाहन मालिकों के लिए भी परेशानी खड़ी हो रही थी।
KYV सिस्टम के आने से अब यह पूरी तरह सुनिश्चित हो जाएगा कि एक FASTag केवल उसी वाहन से जुड़ा रहेगा, जिससे धोखाधड़ी और गड़बड़ी पर रोक लगेगी।
मदद या जानकारी के लिए
अगर KYV प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, तो आप अपने FASTag जारी करने वाले बैंक की हेल्पलाइन पर संपर्क कर सकते हैं। साथ ही NHAI हेल्पलाइन नंबर 1033 पर भी कॉल करके जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
सरकार का यह कदम पारदर्शिता बढ़ाने और FASTag सिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
अगर आप भी बिना रुकावट टोल पार करना चाहते हैं, तो आज ही अपने वाहन का KYV वेरिफिकेशन पूरा करें।
यह प्रक्रिया आसान है और इसे घर बैठे ही पूरा किया जा सकता है — बस कुछ जरूरी दस्तावेज और सही जानकारी आपके पास होनी चाहिए।
The Government of India has made FASTag KYV Verification mandatory to prevent misuse and fraud at toll plazas. Under the new rule, every FASTag user must verify their vehicle details through the Know Your Vehicle (KYV) process. The verification ensures that the FASTag is used only on the registered vehicle. Users can complete the KYV online via their bank or FASTag provider’s app by uploading the RC, vehicle photos, and other details. Without KYV verification, FASTag will not work at toll booths, and drivers will have to pay toll charges in cash. This initiative by NHAI aims to enhance transparency and eliminate fraudulent practices in India’s toll system.


















