AIN NEWS 1: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर एक खबर तेजी से वायरल हो रही है कि अब बिना FASTag वाली गाड़ियों से नेशनल हाईवे पर दोगुना टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा। बहुत से ड्राइवरों और ट्रक मालिकों ने राहत की सांस ली, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है। NHAI (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने स्पष्ट किया है कि दोगुना टोल चार्ज का नियम अभी भी पूरी तरह लागू है और इसमें किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई है।

वायरल खबर का सच क्या है
सोशल मीडिया पोस्ट और कुछ वेबसाइटों पर दावा किया जा रहा था कि सरकार ने अब बिना FASTag वाले वाहनों से दोगुना टोल वसूलना बंद कर दिया है। ये दावा पूरी तरह भ्रमित और झूठा है। NHAI की आधिकारिक वेबसाइट और प्रेस रिलीज़ में स्पष्ट रूप से लिखा है कि यदि कोई वाहन बिना FASTag हाईवे पर आता है, या FASTag गलत तरीके से चिपकाया गया है, तो उससे डबल टोल फीस ली जाएगी।
दरअसल, FASTag सिस्टम को सरकार ने टोल प्लाजा पर ट्रैफिक कम करने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए लागू किया था। अगर किसी वाहन में टैग नहीं है या सही से स्कैन नहीं हो पा रहा है, तो इससे सिस्टम की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। इसलिए नियम है कि ऐसे वाहनों से दोगुनी फीस ली जाए, ताकि लोग नियमों का पालन करें।
NHAI ने क्या कहा है?
NHAI की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक —
“यदि कोई वाहन बिना FASTag या गलत तरीके से लगाए गए FASTag के साथ टोल प्लाज़ा की ETC (इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन) लेन में प्रवेश करता है, तो उससे दोगुना टोल शुल्क लिया जाएगा।”
यह नियम राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण और संग्रह) अधिसूचना, 2008 के तहत लागू है और इसमें हाल ही में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
इसके अलावा, NHAI ने सभी टोल प्लाज़ा पर “स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP)” भी लागू किया है, जिसके अनुसार —
अगर FASTag विंडशील्ड पर ठीक से चिपका नहीं है,
टैग खराब या ब्लॉक हो चुका है,
या स्कैनर उसे पढ़ नहीं पा रहा,
तो वाहन को ETC लेन में आने की अनुमति नहीं होगी, और अगर वह आ जाता है, तो डबल टोल देना होगा।
कोर्ट का भी समर्थन
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में इस नियम को कानूनी और उचित बताया है। अदालत ने एक जनहित याचिका खारिज करते हुए कहा कि दोगुना टोल चार्ज का नियम लोगों को अनुशासन में रखने और ई-टोल सिस्टम को सफल बनाने के लिए जरूरी है। अदालत ने माना कि ये नीति देश में डिजिटल हाईवे प्रणाली को मजबूत बनाती है।
क्यों जरूरी है FASTag
FASTag केवल एक टोल कार्ड नहीं, बल्कि डिजिटल इंडिया मिशन का अहम हिस्सा है। यह वाहन मालिकों को लंबी लाइनों से बचाता है और नकद भुगतान की झंझट खत्म करता है। इसके कई फायदे हैं:
1. समय की बचत: टोल पर रुकना नहीं पड़ता।
2. पारदर्शिता: टोल भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड मिलता है।
3. कम प्रदूषण: गाड़ियों के रुकने से फ्यूल और उत्सर्जन कम होता है।
4. सरल रिचार्ज: मोबाइल ऐप या बैंक से रिचार्ज किया जा सकता है।
इसलिए सरकार चाहती है कि सभी वाहन FASTag से लैस हों।
क्या होगा अगर FASTag गलत तरीके से लगा है?
कई बार लोग FASTag को कार के अंदर कहीं भी लगा देते हैं, जिससे स्कैनर उसे पढ़ नहीं पाता। ऐसा टैग “नॉन-अफिक्स्ड FASTag” की श्रेणी में आता है। NHAI के नियमों के अनुसार, ऐसे टैग वाले वाहन से भी डबल टोल चार्ज लिया जाएगा।
इसलिए FASTag को हमेशा विंडशील्ड के अंदर, पीछे के शीशे के पास ऊपर की ओर चिपकाना चाहिए ताकि स्कैनर उसे आसानी से पढ़ सके।
FASTag से जुड़ी सामान्य गलतियां
टैग किसी अन्य वाहन से लिंक किया गया है।
बैंक खाते में बैलेंस नहीं है।
मोबाइल नंबर अपडेट नहीं किया गया।
टैग बार-बार स्कैन न होने पर हटाकर नया खरीद लिया गया, लेकिन पुराना टैग डिलीट नहीं किया गया।
इन गलतियों से बचने के लिए FASTag से जुड़ा मोबाइल ऐप या बैंक पोर्टल नियमित रूप से चेक करते रहना चाहिए।
NHAI की अपील
NHAI ने सभी ड्राइवरों और वाहन मालिकों से अपील की है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके वाहनों में वैध और सक्रिय FASTag लगा हो। अगर कोई टैग खराब है या निष्क्रिय हो गया है, तो उसे तुरंत बदलवाएं।
NHAI ने यह भी कहा है कि किसी भी टोल प्लाज़ा पर विवाद की स्थिति में ड्राइवर शिकायत दर्ज करा सकते हैं या NHAI हेल्पलाइन 1033 पर कॉल कर सकते हैं।
भविष्य में क्या बदलाव हो सकते हैं
सरकार “GPS आधारित टोल सिस्टम” पर काम कर रही है, जिससे आने वाले वर्षों में फिजिकल FASTag की जरूरत खत्म हो सकती है। वाहन का टोल सीधे GPS और डिजिटल मैपिंग से अपने आप कटेगा। लेकिन तब तक, मौजूदा नियम यानी बिना FASTag पर दोगुना टोल का प्रावधान जारी रहेगा।
साफ है कि “बिना FASTag गाड़ियों से अब दोगुना टोल नहीं लिया जाएगा” जैसी वायरल खबर पूरी तरह झूठी है। NHAI ने इस पर कोई नई घोषणा नहीं की है। पुराने नियम के मुताबिक —
बिना FASTag वाहन या
गलत तरीके से लगाया गया टैग
दोनों ही स्थितियों में दोगुना टोल चार्ज देना होगा।
इसलिए अगली बार जब आप हाईवे पर जाएं, तो यह सुनिश्चित करें कि आपका FASTag सही तरीके से लगा और सक्रिय हो। यह न केवल आपकी जेब बल्कि आपके समय और ईंधन — तीनों की बचत करेगा।
The National Highways Authority of India (NHAI) has clarified that vehicles without FASTag or with improperly affixed tags will continue to pay double toll charges on Indian highways. The FASTag system ensures smooth electronic toll collection, reducing congestion and promoting digital payments. Despite viral social media claims, the double toll rule remains unchanged. Drivers are advised to affix valid FASTag correctly to avoid penalties and delays at toll plazas.


















