AIN NEWS 1: मुंबई से सामने आई एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। घाटकोपर इलाके में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने अपनी ही मां और पड़ोसी पर ऐसा आरोप लगाया है जिसकी कल्पना भी मुश्किल है। लड़की का कहना है कि उसकी मां और पड़ोस में रहने वाला एक पुरुष लंबे समय से उसे जबरदस्ती देह व्यापार में धकेलते रहे, ताकि वे उससे पैसे कमा सकें।

शुरुआत कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, यह सब कुछ करीब अप्रैल महीने से शुरू हुआ। उस समय लड़की अपनी पढ़ाई के साथ-साथ घर का काम कर रही थी। लेकिन धीरे-धीरे उसे महसूस हुआ कि उसकी मां और पड़ोसी का व्यवहार बदल रहा है। वे अक्सर उसे घर से बाहर किसी न किसी बहाने भेजने लगे। लड़की के मुताबिक, उसे शुरू में समझ नहीं आता था कि आखिर क्या हो रहा है। लेकिन कुछ दिनों बाद उसे मजबूर किया जाने लगा कि वह अनजान लोगों से मिले और वैसा काम करे जो उसके उम्र के किसी भी बच्चे के लिए पूरी तरह गलत और अवैध है।
लड़की ने कैसे जुटाई हिम्मत?
इतनी कम उम्र में इस तरह का अत्याचार सहना किसी के लिए भी असंभव है, लेकिन छात्रा ने कुछ समय तक यह सब चुपचाप झेलने की कोशिश की। उसे डर था कि अगर उसने किसी को बताया, तो उसे मारा जाएगा या फिर और कुछ बुरा हो सकता है।
लेकिन एक दिन स्कूल में उसकी टीचर ने उसकी उदास हालत को नोटिस किया। टीचर ने उससे बात करने की कोशिश की, और जब लड़की थोड़ी सहज हुई, तो उसने रो-रोकर अपनी सारी आपबीती बता दी। उसकी बातें सुनकर टीचर भी दंग रह गईं। तुरंत स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई और फिर पुलिस को बुलाया गया।
पुलिस कार्रवाई शुरू
छात्रा की शिकायत दर्ज करने के बाद मुंबई पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। मां और पड़ोसी दोनों पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। साथ ही, इस मामले में POCSO एक्ट की धाराएँ भी लगाई गई हैं, क्योंकि यह मामला एक नाबालिग से जुड़े यौन अपराध का है।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच तेजी से की जा रही है और लड़की का बयान चाइल्ड वेलफेयर अधिकारियों की मौजूदगी में लिया गया है। लड़की को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है ताकि उस पर कोई दबाव न बनाया जा सके।
लड़की का बयान बेहद दर्दनाक
लड़की ने पुलिस और टीचर के सामने बताया कि उसकी मां और पड़ोसी उसके साथ कैसा व्यवहार करते थे।
लड़की के शब्द थे—
“मम्मी और अंकल मुझसे जबरदस्ती कराते हैं… मुझे लोगों के पास भेजा जाता है… मैं नहीं चाहती थी, लेकिन वे मुझ पर दबाव डालते थे।”
इन बातों से साफ है कि लड़की मानसिक रूप से गहरे सदमे में है। इस तरह की घटनाएँ न केवल बच्चों की मासूमियत छीन लेती हैं, बल्कि उनके भविष्य पर भी गहरा असर डालती हैं।
परिवार और पड़ोस में है हैरानी
इस मामले के सामने आने के बाद पड़ोसियों और रिश्तेदारों में भी हैरानी है। किसी को विश्वास नहीं हो रहा कि एक मां अपनी ही बेटी के साथ ऐसा कर सकती है। कई लोगों ने बताया कि परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था, लेकिन ऐसी हरकत किसी भी हाल में सही नहीं ठहराई जा सकती।
कुछ पड़ोसियों का कहना है कि उन्होंने कई बार उस पुरुष पड़ोसी को घर आते-जाते देखा था, लेकिन उन्हें इस बात की भनक नहीं थी कि इतनी बड़ी घटना घर के अंदर घट रही है।
महिला और बाल सुरक्षा संगठनों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
जैसे ही मामला मीडिया में आया, कई महिला और बाल अधिकार संगठनों ने मुंबई पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर सजा मिलनी चाहिए ताकि समाज में इसे लेकर एक सख्त संदेश जाए।
स्कूल की भूमिका प्रशंसनीय
इस पूरे मामले में लड़की की टीचर की संवेदनशीलता और तत्परता बेहद महत्वपूर्ण रही। अगर टीचर ने समय पर इस बात को गंभीरता से न लिया होता, तो शायद यह मामला कभी सामने ही नहीं आता।
स्कूल प्रशासन ने लड़की को हर संभव सहयोग देने की बात कही है और उसके लिए काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जा रही है।
जांच जारी
पुलिस इस मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या इस गिरोह में और लोग शामिल थे या नहीं। अगर अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उन पर भी सख्त कार्रवाई होगी।
समाज के लिए बड़ा सबक
यह घटना हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि बच्चों की सुरक्षा केवल घर तक सीमित नहीं हो सकती। कई बार अपराधी वही होते हैं जिन पर हम सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं। इसलिए बच्चों के व्यवहार, मानसिक स्थिति और उनकी बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
A shocking incident from Mumbai has raised serious concerns about child safety, where a minor schoolgirl alleged that her mother and a male neighbor forced her into prostitution for money. The Mumbai Police have registered a case under IPC and the POCSO Act and initiated a detailed investigation. This report highlights key facts, the girl’s statement, police action, and the broader issue of child abuse and exploitation, making it crucial for awareness and


















