AIN NEWS 1: दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है और लोग दिन-भर स्मॉग की चादर में घिरे रहने को मजबूर हैं। ऐसे माहौल में पूर्व IPS अधिकारी और पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने दिल्ली में तेजी से बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने न केवल पीएम से गुहार लगाई, बल्कि एक बार फिर इस मुद्दे पर ध्यान खींचने के लिए माफी भी मांगी।

उनका संदेश उस दिन सामने आया जब राजधानी के कई हिस्सों में AQI 369 दर्ज हुआ, जो ‘बेहद खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है और स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है। पिछले दो हफ्तों से दिल्ली इसी स्थिति में जूझ रही है।
किरण बेदी की चिंता: “सर, कृपया मुझे माफ करें…”
किरण बेदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर लिखा कि उन्हें यह मुद्दा दोबारा उठाने के लिए प्रधानमंत्री से माफी मांगनी पड़ रही है, लेकिन हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि चुप रहना अब संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वह पुडुचेरी की उपराज्यपाल थीं, तब उन्होंने पीएम मोदी के नेतृत्व में होने वाले कई जूम सेशन और वर्चुअल मीटिंग्स देखीं, जिनसे अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य पूरे करने की प्रेरणा मिलती थी।
उनका कहना था कि उसी तरह का कड़ा मॉनिटरिंग मॉडल यदि दिल्ली और उसके आसपास के राज्यों—हरियाणा, पंजाब और यूपी—के लिए अपनाया जाए, तो वायु प्रदूषण से निपटने में तेज प्रगति हो सकती है।
हर महीने वर्चुअल समीक्षा बैठक की मांग
किरण बेदी ने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि वह पड़ोसी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों के साथ हर महीने ऑनलाइन समीक्षा बैठक करें।
उनका मानना है कि इससे—
अधिकारियों पर कार्य पूरा करने का दबाव बनेगा,
प्रदूषण नियंत्रण के उपायों की वास्तविक प्रगति सामने आएगी,
और आम लोगों को भरोसा मिलेगा कि केंद्र स्तर पर लगातार निगरानी हो रही है।
उन्होंने लिखा कि यदि पीएम स्वयं इस प्रक्रिया को मॉनिटर करेंगे, तो लोगों के मन में एक सकारात्मक संदेश जाएगा कि स्थिति नियंत्रण में लाई जा सकती है।
‘मन की बात’ में प्रदूषण मुद्दे को शामिल करने की अपील
किरण बेदी ने पीएम मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ का भी जिक्र किया।
उन्होंने आग्रह किया कि प्रधानमंत्री इस मंच पर वायु प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दे पर बात करें, ताकि—
बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक
हर आयु वर्ग के लोग
प्रदूषण के खतरे को समझ सकें और उसमें अपनी भूमिका निभा सकें।
उनका कहना है कि जब प्रधानमंत्री किसी मुद्दे पर बोलते हैं, तो उसका राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ता है और लोग उसे गंभीरता से लेते हैं।
“दिल्ली को भी डबल इंजन की जरूरत थी”
अपने संदेश के अंत में किरण बेदी ने लिखा कि दिल्ली को भी एक मजबूत “डबल इंजन मॉडल” की जरूरत थी, जो पिछले 10 साल में बढ़े प्रदूषण के नुकसान की भरपाई कर सके।
हालाँकि उन्होंने सीधे किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका संकेत इस ओर था कि दिल्ली और केंद्र को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
किरण बेदी लगातार दे रही हैं चेतावनी
पिछले कुछ दिनों से किरण बेदी अपने X अकाउंट के माध्यम से दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर लगातार पोस्ट करती रही हैं।
वे यह स्पष्ट कर रही हैं कि—
यह समस्या एक दिन या एक मौसम में पैदा नहीं हुई,
बल्कि दशकों की लापरवाही, असंगठित शासन और राज्यों के बीच समन्वय की कमी का परिणाम है।
उनका कहना है कि जब तक सभी संबंधित राज्य मिलकर काम नहीं करेंगे, तब तक दिल्ली प्रदूषण की समस्या से छुटकारा नहीं पा सकेगी।
दिल्ली की वर्तमान स्थिति: ‘बेहद खराब’ से लेकर ‘गंभीर’ तक
दिल्ली में पिछले दो हफ्तों से AQI लगातार ‘बेहद खराब’ (Very Poor) और ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी के बीच बना हुआ है।
सड़कों पर धुंध, सांस की जलन, थकान, खांसी और आंखों में खुजली जैसी समस्याएँ आम हो गई हैं।
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि आने वाले हफ्ते में भी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में कोई बड़ी सुधार की संभावना नहीं है।
इसका मतलब है कि खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है, बल्कि और बढ़ सकता है।
सरकारें कोशिश तो कर रही हैं, पर नतीजे बहुत धीमे
दिल्ली और NCR में प्रदूषण रोकने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं, जैसे—
निर्माण कार्य पर रोक
डीजल जेनरेटर बंद
स्मॉग टावर
पानी छिड़काव
वाहन प्रतिबंध
लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि इन उपायों का असर सीमित है, क्योंकि असली समस्या पराली जलाना, मौसम, औद्योगिक धुआं, और वाहनों की बढ़ती संख्या जैसे कारकों से जुड़ी है।
इन पर नियंत्रण तभी होगा जब सभी राज्य एक साथ होकर काम करें।
किरण बेदी का संदेश क्यों महत्वपूर्ण है?
किरण बेदी एक अनुभवी प्रशासक रही हैं। पुलिस सेवा के दौरान भी और उपराज्यपाल बनने के बाद भी उन्होंने कई सुधारात्मक कदम उठाए।
इसलिए उनका यह संदेश सिर्फ एक ट्वीट नहीं माना जा रहा, बल्कि—
एक चेतावनी,
एक सलाह,
और एक समाधान का रोडमैप
के रूप में देखा जा रहा है।
उन्होंने जो बात कही है, वह दिल्ली के हर निवासी के मन की आवाज है—
हमें राहत कब मिलेगी? और क्या सरकारें मिलकर इस समस्या का स्थायी समाधान ढूंढ़ पाएंगी?
Delhi’s air pollution crisis has intensified as the AQI continues to remain in the “very poor” category, prompting former IPS officer Kiran Bedi to apologize to PM Modi and urge immediate intervention. By calling for monthly virtual meetings with state leaders and highlighting the need for coordinated pollution control efforts, Kiran Bedi stressed that Delhi requires strong leadership and a long-term strategy to reduce smog, improve air quality, and protect public health. Key terms: Delhi air pollution, Kiran Bedi apology, PM Modi intervention, severe AQI levels, India pollution crisis.


















