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SIR फॉर्म में ये गलती पड़ सकती है भारी: दो जगह वोटर नाम होने पर जेल तक का खतरा!

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AIN NEWS 1: देशभर में इस समय वोटर लिस्ट का SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) चल रहा है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग पूरे देश की मतदाता सूची को नए सिरे से जांचता और अपडेट करता है। ऐसे में हर मतदाता को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि आपने किसी भी तरह की गलत जानकारी दी या एक गंभीर गलती दोहरा दी, तो उसके परिणाम में जुर्माना भी देना पड़ सकता है और जेल भी जाना पड़ सकता है।

SIR क्या है और क्यों जरूरी है?

SIR यानी Special Intensive Revision, वह प्रक्रिया है जिसमें चुनाव आयोग मतदाताओं की पहचान की ताज़ा पुष्टि करता है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि—

कोई भी व्यक्ति दो अलग-अलग जगह वोटर न बना हो,

किसी मृत व्यक्ति का नाम सूची में न रहे,

जिन लोगों ने पता बदला है उनका रिकॉर्ड अपडेट हो,

नए पात्र मतदाताओं को लिस्ट में शामिल किया जाए।

इस दौरान BLO (बूथ स्तर अधिकारी) घर-घर जाकर पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच करते हैं। इसलिए सही और सटीक जानकारी देना जरूरी है।

सबसे बड़ी गलती – दो जगह से SIR फॉर्म भरना

बहुत से लोग नौकरी, पढ़ाई या काम की वजह से अपने पैतृक घर से दूर रहते हैं। कई बार वे:

नई जगह अपना वोटर कार्ड बनवा लेते हैं

जबकि पैतृक जगह पर उनका पुराना नाम पहले से मौजूद रहता है

जब SIR का समय आता है, तब लोग दोनों जगह से फॉर्म भर देते हैं।

👉 यही गलती बेहद खतरनाक साबित होती है!

क्यों?

क्योंकि SIR फॉर्म जमा करते समय आपको यह घोषणा करनी होती है कि आप केवल एक ही विधानसभा क्षेत्र के मतदाता हैं। यदि जांच में यह पाया जाता है कि आपने गलत जानकारी दी है या जानकारी छिपाई है, तो यह कानूनन अपराध माना जाता है।

क्या सच में जेल हो सकती है?

हाँ।

यदि आपका नाम दो अलग-अलग जगह वोटर लिस्ट में है और आपने दोनों जगह से SIR फॉर्म जमा कर दिया, तो यह Representation of the People’s Act, 1950 की धारा 31 के तहत अपराध है।

इसमें आपको—

एक साल तक की जेल,

या जुर्माना,

या फिर दोनों सजा मिल सकती हैं।

इसलिए इस गलती को भूलकर भी न करें।

अगर आपका नाम दो जगह दर्ज है तो क्या करें?

अगर किसी वजह से आपका नाम दो अलग-अलग स्थानों की मतदाता सूची में है, तो घबराने की जरूरत नहीं। आप इसे आसानी से ठीक कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए एक जरूरी कदम उठाना होगा—

फॉर्म-7 भरकर एक जगह से नाम हटवाएं।

फॉर्म-7 क्या होता है?

फॉर्म-7 वह फॉर्म है जिसके माध्यम से आप वोटर लिस्ट से अपना (या किसी और का) नाम हटवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें आप बताते हैं कि:

आप स्थायी रूप से दूसरे स्थान पर शिफ्ट हो गए हैं,

या आपका नाम गलती से दो जगह दर्ज हो गया है,

या आप अब उस क्षेत्र के मतदाता नहीं हैं।

इसी फॉर्म के आधार पर BLO और चुनाव आयोग आपका पुराना नाम हटा देते हैं।

कौन फॉर्म-7 भर सकता है?

यह फॉर्म—

खुद आवेदक,

या उसका कोई रिश्तेदार (जैसे माता-पिता, पति/पत्नी, गार्जियन)

भर सकता है।

फॉर्म-7 कैसे भरें?

फॉर्म-7 भरते समय आपको ये जानकारी देनी होती है:

1. अपना पूरा नाम

2. EPIC नंबर (मतदाता पहचान संख्या)

3. मोबाइल नंबर (आपका या किसी रिश्तेदार का)

4. नाम हटाने का कारण (उपलब्ध विकल्पों में से टिक करना होता है)

किस कारण से नाम हटाया जा सकता है?

फॉर्म-7 में नाम हटाने के लिए कई उचित कारण दिए होते हैं, जैसे—

मतदाता की मृत्यु

दो जगह नाम दर्ज होना

किसी दूसरी जगह स्थायी रूप से शिफ्ट होना

मतदाता की आयु अभी 18 वर्ष पूरी न होना

व्यक्ति भारत का नागरिक न होना

इनमें से सही कारण पर टिक कर आवेदन जमा किया जाता है।

डिक्लेरेशन बेहद महत्वपूर्ण है

फॉर्म-7 के अंत में एक ‘डिक्लेरेशन’ होता है, जिसमें आपको यह लिखना होता है कि फॉर्म में दी गई सारी जानकारी आपके ज्ञान और विश्वास के अनुसार सही है।

यदि इस हिस्से में गलत जानकारी दी गई या कोई तथ्य छिपाया गया, तो यह भी Representation of People’s Act, 1950 की धारा 31 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें एक साल तक की सजा हो सकती है।

अंत में ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें

1. दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना अपराध नहीं है, लेकिन इसे ठीक न करना अपराध बन जाता है।

2. दोनों जगह से SIR फॉर्म भरने पर जेल तक हो सकती है।

3. एक जगह से नाम हटवाने के लिए तुरंत फॉर्म-7 भरें।

4. BLO से संपर्क कर सही प्रक्रिया पूरी करें।

5. किसी भी तरह की गलत या झूठी जानकारी न दें।

फॉर्म-7 भरकर आप अपनी वोटर लिस्ट एंट्री को कानूनी रूप से सही कर सकते हैं और किसी भी तरह की सजा या परेशानी से बच सकते हैं।

The Special Intensive Revision (SIR) of the voter list in India is a crucial process for maintaining accurate voter records. Many citizens unknowingly commit a major mistake by submitting SIR forms from two different locations, leading to dual voter registration. This error can result in legal action under Section 31 of the Representation of the People’s Act, 1950, including jail or fine. Understanding the rules, using Form-7 to delete duplicate entries, updating your voter information, and following Election Commission guidelines can help you stay safe and maintain a correct voter ID record.

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