AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में कांग्रेस की चर्चित नेत्री पूनम पंडित और उनके मंगेतर, समाजवादी पार्टी नेता दीपक गिरी, एक गंभीर मामले में कानूनी मुसीबत में घिर गए हैं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में दोनों नेताओं के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज होने से राजनीतिक माहौल अचानक गर्म हो गया है। यह मामला न सिर्फ सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना, बल्कि प्रशासनिक हलकों में भी गहरी हलचल पैदा कर गया है।
शिकायत की शुरुआत कैसे हुई?
पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पल्लवपुरम क्षेत्र में रहने वाली एक महिला अफसर, जो पराग डेयरी में कार्यरत हैं, ने पुलिस से शिकायत की। इस महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी नेता दीपक गिरी ने उनके साथ शारीरिक और मानसिक शोषण किया, उनसे रुपये लिए और बाद में उनसे दूरी बना ली। इसके अलावा महिला अधिकारी ने यह भी दावा किया कि दीपक गिरी ने उनके साथ भावनात्मक धोखा किया और इसी वजह से वह मानसिक तनाव में आ गईं।
महिला की शिकायत धीरे-धीरे मेरठ से लेकर लखनऊ तक कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों तक पहुंची, जिसके बाद यह मामला अचानक सुर्खियों में आ गया। राजनीतिक हलकों में भी इस आरोप ने हलचल मचा दी, क्योंकि दीपक गिरी पिछले कुछ समय से लगातार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे हैं और विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखते रहे हैं।
मामला और उलझा जब सामने आई पूनम पंडित की सगाई
शिकायत की गर्मी के बीच यह खबर सामने आई कि दीपक गिरी ने बुलंदशहर के स्याना इलाके की रहने वाली, चर्चित कांग्रेस नेत्री पूनम पंडित से सगाई कर ली है। जैसे ही यह जानकारी सार्वजनिक हुई, विवाद और गहराता चला गया।
महिला अफसर ने आरोप लगाया कि दीपक गिरी ने उनसे रिश्ते निभाने का वादा किया था, लेकिन अचानक पूनम पंडित से सगाई कर ली, जिससे वह खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही हैं। सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर दो धाराएं बन गईं—कुछ लोग महिला अफसर के समर्थन में आए तो कुछ ने इसे राजनीतिक साजिश बताया।
अब सामने आया नया मोड़: प्रोफेसर ने लगाए बड़े आरोप
इस बीच, चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालय में तैनात एक प्रोफेसर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि उनके नाम से एक फर्जी शपथ पत्र तैयार किया गया और उस दस्तावेज़ को सोशल मीडिया पर वायरल कर उनके चरित्र को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। प्रोफेसर का आरोप है कि इस फर्जी दस्तावेज़ को बनाने और प्रसारित करने में पूनम पंडित और दीपक गिरी दोनों शामिल हैं।
प्रोफेसर ने यह भी कहा कि इस तरह की हरकत उनके सामाजिक और पेशेवर जीवन को नुकसान पहुंचाने के लिए की गई है। उनका दावा है कि फर्जी शपथ पत्र में उनसे संबंधित कई गलत और भ्रामक बातें लिखी गई थीं, ताकि मामले में राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
शिकायत के बाद पुलिस ने गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया, जिसमें धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और जालसाजी शामिल हैं। अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि फर्जी दस्तावेज़ किसने तैयार किया, किसने इसे वायरल किया और इसके पीछे वास्तविक मंशा क्या थी।
राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज
जैसे ही मामला मीडिया में आया, यह उत्तर प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया। पूनम पंडित पहले भी कई बार अपने बयानों और आंदोलनों की वजह से सुर्खियों में रही हैं। दूसरी तरफ, दीपक गिरी भी सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता और राजनीतिक टिप्पणियों के कारण जाने जाते हैं।
इस केस ने दोनों नेताओं की छवि पर सवाल उठाए हैं और राजनीतिक विरोधियों ने इसे तुरंत मुद्दा बनाकर निशाना साधना शुरू कर दिया है। कांग्रेस और सपा दोनों ही पार्टियों के स्थानीय कार्यकर्ता इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि विपक्षी दल इसे “राजनीति की गिरती नैतिकता” का उदाहरण बता रहे हैं।
जांच के बाद ही सच्चाई सामने आएगी
फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों से पूछताछ कर रही है। फर्जी शपथ पत्र किसने तैयार किया? क्या इसे किसी राजनीतिक उद्देश्य से वायरल किया गया? क्या शिकायतकर्ता महिला अधिकारी के आरोपों का संबंध इस मामले से है? यह सभी सवाल जांच के बाद ही साफ हो पाएंगे।
हालांकि इतना तय है कि इस विवाद ने मेरठ की राजनीति में हलचल मचा दी है और आने वाले दिनों में इससे जुड़े और नए खुलासे सामने आ सकते हैं।
In Meerut, a major controversy erupted after a fraud and IT Act case was registered against Congress leader Poonam Pandit and SP leader Deepak Giri. According to the complaint, a fake affidavit was allegedly created and circulated on social media to harm a professor’s reputation. This high-profile case has intensified the political atmosphere in Uttar Pradesh, drawing attention to issues of online fraud, reputation damage, and political rivalry. Keywords such as Meerut fraud case, Poonam Pandit, Deepak Giri, fake affidavit, UP political news make this topic widely searchable and highly relevant.


















