AIN NEWS 1: जयपुर में ट्रैफिक नियमों को लेकर पुलिस इस बार बिल्कुल सख्त मोड में है। शहर में लगातार बढ़ रहे नियमों के उल्लंघन, तेज रफ्तार और गाड़ियों पर अवैध बदलाव को देखते हुए पुलिस ने एक बड़ा अभियान चलाया। इस अभियान के तहत सिर्फ तीन दिनों में कुल 141 वाहनों को जब्त कर लिया गया। इनमें से 100 चार पहिया वाहन और 41 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
पुलिस ने साफ कहा है कि सड़क पर अब ‘स्टाइल’ नहीं, बल्कि ‘कानून’ चलेगा। ट्रैफिक नियमों का पालन न करने वालों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कार्रवाई इसलिए भी जरूरी मानी जा रही है क्योंकि हाल के दिनों में शहर में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं जहाँ युवा बिना हेलमेट बाइक चलाते हैं, गाड़ियों पर काली फिल्म लगाकर नियमों को खुलेआम चुनौती देते हैं और हाईवे पर बिना किसी डर के रेसिंग करते नजर आते हैं।
क्यों चलाया गया यह अभियान?
ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन अब आम बात बन गया था। कई वाहन मालिक गाड़ियों पर इतनी गहरी ब्लैक फिल्म चढ़ा रहे थे कि अंदर बैठे लोगों को देख पाना असंभव था। ऐसे वाहनों का इस्तेमाल अपराधी भी अक्सर फरार होने या पहचान छुपाने के लिए करते हैं।
इसके अलावा, कई लोग अपनी कारों और बाइक्स पर अवैध मॉडिफिकेशन करा रहे थे—जिससे न सिर्फ अन्य वाहन चालकों को खतरा होता है, बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी कई गुना बढ़ जाती है।
अवैध ब्लैक फिल्म पर बड़ी कार्रवाई
इस अभियान में सबसे ज्यादा मामले काली फिल्म वाले वाहनों के सामने आए। गाड़ियों पर 70% से ज्यादा गहरी फिल्म लगाना मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्म है और देशभर में प्रतिबंधित है। पुलिस ने ऐसे 100 से अधिक वाहनों को चिन्हित कर उन्हें मौके से ही जब्त कर लिया।
कई कार मालिकों ने दलील दी कि फिल्म धूप और गर्मी से बचने के लिए लगाई गई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि सुरक्षा और कानून सर्वोपरि हैं। किसी भी परिस्थिति में वाहन मानक नियमों से बाहर नहीं हो सकते।
दोपहिया वाहनों पर भी कार्रवाई
पुलिस ने 41 दोपहिया वाहनों को भी सीज किया है। इनमें ज्यादातर बाइकें थीं जिन पर
नंबर प्लेट सही नहीं थी
साइलेंसर बदला हुआ था
हेलमेट के बिना राइडिंग हो रही थी
ट्रिपल राइडिंग की जा रही थी
पुलिस का कहना है कि युवा बाइकर्स नियमों को हल्के में लेते हैं, जबकि इसी लापरवाही के कारण हादसे अधिक होते हैं। इसलिए यह कदम सड़क सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी था।
“बर्दाश्त नहीं होगा”—जयपुर पुलिस की कड़ी चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अब किसी को भी ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने की छूट नहीं है।
उनका कहना है—
“कानून सबके लिए बराबर है। नियम तोड़ने वालों को कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए। सड़क पर अवैध स्टंट, काली फिल्म, मॉडिफाइड साइलेंसर—अब किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।”
सामाजिक सुरक्षा भी एक बड़ा कारण
सिर्फ ट्रैफिक व्यवस्था के लिए ही नहीं, बल्कि शहर की सुरक्षा के लिए भी यह अभियान बेहद महत्वपूर्ण था। काली फिल्म लगी गाड़ियों और बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों का उपयोग कई आपराधिक घटनाओं में देखा गया है।
ऐसे वाहन न सिर्फ पुलिस जांच को मुश्किल बनाते हैं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा करते हैं।
लोगों की प्रतिक्रिया कैसी रही?
जहाँ कुछ वाहन चालकों ने पुलिस की इस कार्रवाई को अचानक और कड़ा बताया, वहीं अधिकतर नागरिकों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि शहर की सड़कों पर बढ़ते शोर, स्टंट और नियमों की अनदेखी को रोकना बेहद जरूरी था।
सोशल मीडिया पर भी #JaipurPolice के इस अभियान को काफी समर्थन मिला है। कई लोगों ने लिखा कि – “अगर नियम सबके लिए एक जैसे हैं, तो कार्रवाई भी होनी चाहिए।”
आगे क्या होगा?
पुलिस ने यह भी साफ किया है कि यह अभियान सिर्फ तीन दिनों का नहीं है। आने वाले समय में भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
विशेष टीमें चौक-चौराहों पर तैनात रहेंगी और
अवैध मॉडिफिकेशन
तेज रफ्तार
नशे में ड्राइविंग
बदले हुए साइलेंसर
बिना हेलमेट
काली फिल्म
जैसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
क्या संदेश देना चाहती है पुलिस?
पुलिस का मुख्य संदेश बेहद स्पष्ट है—
“सड़कें सभी की हैं। सुरक्षित रहना हम सबकी जिम्मेदारी है। नियमों का पालन करें, और अपने साथ दूसरों की जान को भी खतरे में न डालें।”
Jaipur Police has launched a strict crackdown against Motor Vehicle Act violations, seizing 141 vehicles in just three days. This major action targets illegal black window films, modified silencers, unsafe riding, and unauthorized car modifications across Jaipur. The initiative aims to improve road safety, reduce crime risks, and create awareness among motorists. With keywords like Jaipur Police action, vehicle seizure, black film violation, road safety Rajasthan, this article highlights how strict enforcement is reshaping traffic discipline in the city.


















