AIN NEWS 1 | गाज़ियाबाद में शनिवार को महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर संविधान निर्माता और सामाजिक समता के अग्रणी नेता डॉ. भीमराव अंबेडकर को श्रद्धांजलि दी गई। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के जिला अध्यक्ष डॉ. आलोक गुप्ता ने पश्चिम उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष पवन वर्मा के नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ अंबेडकर पार्क, नवयुग मार्केट, गाज़ियाबाद पहुंचकर बाबा साहेब की प्रतिमा पर विशेष रूप से तैयार कराई गयी माला और पुष्पांजलि अर्पित की गयी |
यह आयोजन अम्बेडकरवादी मूल्यों—समान अधिकार, सामाजिक न्याय, शिक्षा और मानव गरिमा—की याद दिलाने वाला रहा, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समर्थक शामिल हुए।
माल्यार्पण से शुरू हुआ कार्यक्रम, दो मिनट का मौन रखा गया
सुबह कार्यक्रम का आरंभ बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर उनके जीवन, संघर्ष और विचारों को नमन किया गया।
इस दौरान डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा—
“डॉ. अंबेडकर ने जिस भारत का सपना देखा था, वह समानता और न्याय पर आधारित था। हमें उनकी शिक्षाओं को केवल याद नहीं करना चाहिए, बल्कि उन्हें व्यवहार में उतारना चाहिए।”
अंबेडकर विचारधारा पर संवाद
कार्यक्रम में डॉ. अंबेडकर के सामाजिक और संवैधानिक योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने इन प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला—
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संविधान में शामिल स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल सिद्धांत
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हाशिए पर रहे समुदायों के उत्थान के लिए उनका जीवनभर संघर्ष
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शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा साधन मानने का दृष्टिकोण
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आधुनिक भारत के आर्थिक और सामाजिक ढांचे पर उनका प्रभाव
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मानवाधिकारों के लिए चलाए गए ऐतिहासिक सुधार आंदोलन
सबका मत था कि आज के समय में अम्बेडकरवाद को फिर से समाज के केंद्र में लाने की आवश्यकता है।
गाज़ियाबाद में आयोजन को लेकर उत्साह
नवयुग मार्केट का अंबेडकर पार्क हमेशा से सामाजिक चेतना का प्रतीक रहा है।
आज के कार्यक्रम में महिलाओं, युवाओं, वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
“जय भीम” और “जय भारत” के नारों के बीच पूरा वातावरण बाबा साहेब के प्रति सम्मान और एकजुटता की भावना से भरा रहा।
LJP (रामविलास) का संकल्प
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) सामाजिक न्याय आधारित राजनीति की अपनी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
जिला अध्यक्ष डॉ. आलोक गुप्ता ने कहा कि आने वाले महीनों में पार्टी—
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संविधान जागरूकता अभियान
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सामाजिक न्याय से जुड़े आयोजन
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युवाओं के लिए शिक्षात्मक कार्यक्रम
आयोजित करेगी ताकि बाबा साहेब के विचार समाज की जड़ तक पहुंच सकें।
महापरिनिर्वाण दिवस: ऐतिहासिक और दार्शनिक महत्व
6 दिसंबर 1956 को डॉ. अंबेडकर का निधन हुआ था, जिसके बाद यह दिन महापरिनिर्वाण दिवस के रूप में मनाया जाता है।
बौद्ध दर्शन में “परिनिर्वाण” का अर्थ है – अंतिम मुक्ति या मोक्ष, और इसी संदर्भ में देशभर में यह दिवस श्रद्धा और जागरूकता दोनों रूपों में मनाया जाता है।
आज भी लाखों लोग इस दिन को सामाजिक चेतना और समानता के संदेश के रूप में अपनाते हैं।
अंबेडकर के विचार आज भी प्रासंगिक
कार्यक्रम में इन महत्वपूर्ण संदेशों को दोहराया गया—
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जातिगत भेदभाव की समाप्ति
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शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का मार्ग बनाना
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महिलाओं को बराबरी के अधिकार देना
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संविधान की मूल भावना को जीवन में उतारना
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आर्थिक और सामाजिक समानता की स्थापना
कार्यकर्ताओं ने कहा कि आधुनिक भारत को वास्तव में समावेशी बनाने के लिए अंबेडकर की विचारधारा ही सही दिशा दिखा सकती है।
स्थानीय स्तर पर सकारात्मक प्रतिक्रिया

गाज़ियाबाद के निवासियों ने इस आयोजन को एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल बताया।
लोगों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज को संविधान और उसके मूल्यों की याद दिलाते हैं, विशेषकर युवाओं में जागरूकता बढ़ाने का काम करते हैं।
महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल श्रद्धांजलि का अवसर नहीं, बल्कि एक संकल्प भी रहा कि बाबा साहेब के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में न्याय, समानता और मानवाधिकारों की रक्षा की जाएगी।
LJP (रामविलास) के जिलाध्यक्ष डॉ. आलोक गुप्ता और उनके संगठन द्वारा किया गया यह आयोजन दिखाता है कि डॉ. अंबेडकर की विचारधारा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है जितनी उनके समय में थी।
























