AIN NEWS 1: दिल्ली में हुए कार ब्लास्ट मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए कश्मीर के रहने वाले डॉक्टर बिलाल नसीर मल्ला को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी ने जांच को एक नए मोड़ पर ला दिया है, क्योंकि एजेंसी के अनुसार बिलाल न केवल आरोपी आतंकी उमर को पनाह दे रहा था, बल्कि उसने जांच को कमजोर करने के लिए सबूत मिटाने की भी कोशिश की। इस मामले में अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिससे यह साफ हो रहा है कि यह साजिश काफी गहरी और संगठित थी।

घटना कैसे हुई थी?
कुछ समय पहले दिल्ली में एक कार में धमाका हुआ था, जिसने राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। शुरुआती जांच ने इस घटना को एक बड़े आतंकी नेटवर्क से जुड़ा पाया। इसके बाद NIA ने अलग-अलग राज्यों में छापेमारी शुरू की और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, एजेंसी को कई अहम सुराग मिले जो सीधे कश्मीर की ओर इशारा कर रहे थे।
डॉक्टर बिलाल नसीर मल्ला की भूमिका
NIA के मुताबिक, गिरफ्तारी किए गए बिलाल नसीर मल्ला आतंकी गतिविधियों से जुड़े उमर नाम के शख्स के काफी करीबी थे। मल्ला ने उमर को सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराए और उसके लिए नेटवर्क को तैयार करने में मदद की। केवल इतना ही नहीं, उसके ऊपर ये भी आरोप है कि उसने धमाके के बाद ऐसे सबूत नष्ट किए जो NIA की जांच के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे।
जांच एजेंसी को विश्वास है कि बिलाल मल्ला सिर्फ मदद ही नहीं कर रहा था, बल्कि आतंकी गतिविधियों की जानकारी रखता था और योजनाओं से परिचित था। इसी कारण उसे गिरफ्तार कर उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
आठ गिरफ्तारियां – नेटवर्क कितना बड़ा था?
इस मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां बता रही हैं कि यह पूरी घटना अकेले किसी व्यक्ति का काम नहीं थी। इसमें कई लोग अलग-अलग भूमिकाओं में शामिल रहे — किसी ने पनाह दी, किसी ने धन की व्यवस्था की, कोई आतंकी सामग्री पहुंचाने में लगा था, जबकि कुछ लोग तकनीकी सहायता दे रहे थे।
NIA की रिपोर्ट्स में कहा गया है कि यह एक संगठित मॉड्यूल था, जिसे दिल्ली और कश्मीर दोनों जगह से ऑपरेट किया जा रहा था। कुछ गिरफ्तार लोगों से यह भी जानकारी मिली है कि योजना काफी पहले से तैयार हो चुकी थी और इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।
सबूत कैसे मिटाए गए?
जांच के दौरान सामने आया कि धमाके के बाद कई डिजिटल और भौतिक सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की गई थी। इसमें फोन डेटा डिलीट करना, चैट हिस्ट्री मिटाना और लोकेशन ट्रैकिंग छुपाने जैसी गतिविधियाँ शामिल थीं। NIA का दावा है कि इस काम में डॉक्टर बिलाल मल्ला की सक्रिय भूमिका थी।
एजेंसी का कहना है कि यदि समय रहते छापेमारी नहीं की जाती तो कई अहम सबूत हमेशा के लिए खत्म हो सकते थे। फिलहाल NIA की टीम डिजिटल डिवाइस, बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल्स और लोकेशन डेटा जैसी कई तकनीकी चीजों की गहन जांच कर रही है।
कश्मीर कनेक्शन – क्यों बढ़ी चिंता?
इस पूरे केस में कश्मीर कनेक्शन सामने आने से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ गई है। क्योंकि इससे ये संकेत मिलता है कि राजधानी में घटित घटना किसी स्थानीय गैंग की नहीं, बल्कि एक बड़े आतंकवादी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकती है।
NIA को शक है कि पकड़े गए आरोपी सिर्फ “फुट सोल्जर” हैं और पीछे कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इस साजिश को दिशा दे रहे थे। एजेंसी इस दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं कर रही।
पूरे केस का अब तक का सार
दिल्ली कार ब्लास्ट मामले में NIA की बड़ी कार्रवाई
कश्मीरी डॉक्टर बिलाल नसीर मल्ला गिरफ्तार
उन पर आतंकी उमर को पनाह देने का आरोप
सबूत मिटाने में भी कथित भूमिका
अब तक 8 गिरफ्तारियां
जांच में सामने आया संगठित मॉड्यूल
कश्मीर से मजबूत लिंक मिल रहे हैं
एजेंसी का कहना है कि आने वाले समय में इस केस में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। क्योंकि हर गिरफ्तारी से जांच के नए-नए पहलू सामने आ रहे हैं, जो इस पूरी साजिश को और गहराई से जोड़कर दिखा रहे हैं।
आगे क्या?
NIA अब इस नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना चाहती है। एजेंसी का फोकस उन मास्टरमाइंड्स को पकड़ना है जो पर्दे के पीछे से इस मॉड्यूल को चला रहे थे। दिल्ली में हुए ब्लास्ट ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं और इसलिए इस मामले को बेहद संवेदनशील मानते हुए तेज गति से जांच की जा रही है।
डॉक्टर बिलाल नसीर मल्ला की गिरफ्तारी इस केस की सबसे अहम कड़ी साबित हो सकती है। उससे होने वाली पूछताछ में मिल रही जानकारियाँ आगे की कार्रवाई को तेज करने में मदद कर रही हैं।
The National Investigation Agency (NIA) has made a significant breakthrough in the Delhi car blast case by arresting Kashmiri doctor Bilal Naseer Malla, who allegedly provided shelter to terrorist Umar and attempted to destroy crucial evidence. With eight arrests already made, the investigation has uncovered a well-organized terror network operating between Delhi and Kashmir. The arrest of Bilal Naseer Malla marks a major step forward for the NIA investigation, strengthening the case against the extremists involved in planning and executing the blast.


















