AIN NEWS 1: दिल्ली में लगातार बिगड़ती हवा ने एक बार फिर राजनीति को गरमा दिया है। राजधानी की हवा इस कदर जहरीली हो चुकी है कि सांस लेना तक मुश्किल होता जा रहा है। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) कई इलाकों में खतरनाक स्तर तक पहुंच गया है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों की सेहत पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सचिवालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन की अगुवाई आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज ने की। पार्टी कार्यकर्ता हाथों में थाली-चम्मच लेकर सचिवालय पहुंचे और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि दिल्ली की मौजूदा सरकार राजधानी के सबसे बड़े संकट—प्रदूषण—पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
Nitish Kumar hijab controversy: कार्यक्रम के दौरान CM Nitish Kumar ने हटाया लड़की का हिजाब ..मचा बवाल
“सांस लेना भी हो गया मुश्किल”
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कहा कि दिल्ली की जनता इस समय एक गंभीर स्वास्थ्य आपदा से जूझ रही है। हवा में मौजूद जहरीले कण लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयानबाज़ी तक सीमित है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब AQI खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, तब सरकार को सड़क पर उतरकर समाधान निकालना चाहिए था, न कि फाइलों में योजनाएं दबाकर बैठना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भाजपा सरकार प्रदूषण पर सिर्फ राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही।
थाली-चम्मच बजाकर जताया विरोध
AAP कार्यकर्ताओं ने थाली-चम्मच बजाकर प्रतीकात्मक रूप से सरकार को “जगाने” की कोशिश की। पार्टी नेताओं का कहना था कि यह प्रदर्शन सरकार की “नींद तोड़ने” के लिए किया गया है, ताकि वह प्रदूषण जैसी गंभीर समस्या को प्राथमिकता दे।
नारेबाजी के दौरान “AQI तुमको जाना पड़ेगा”, “दिल्ली को सांस चाहिए”, और “प्रदूषण से मुक्ति दो” जैसे नारे लगाए गए। पूरे इलाके में कुछ देर के लिए माहौल पूरी तरह राजनीतिक हो गया।
भाजपा सरकार पर सीधे आरोप
आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद से ही प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कई अहम फैसलों को या तो टाल दिया गया या फिर आधे-अधूरे तरीके से लागू किया गया। AAP नेताओं का कहना है कि पहले की सरकारों ने स्मॉग टावर, इलेक्ट्रिक बसें, और ग्रीन एनर्जी जैसे उपायों पर काम किया था, लेकिन मौजूदा सरकार ने उन योजनाओं को ठंडे बस्ते में डाल दिया।
सौरभ भारद्वाज ने यह भी कहा कि जब दिल्ली में AQI “गंभीर” श्रेणी में पहुंच जाता है, तब सरकार की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। स्कूलों, दफ्तरों और निर्माण कार्यों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश होने चाहिए, जो फिलहाल नजर नहीं आ रहे।
जनता की परेशानी बनी मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं ने आम लोगों की परेशानियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि प्रदूषण की वजह से बच्चों को खांसी-जुकाम, आंखों में जलन और सांस की दिक्कत जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए तो यह स्थिति और भी खतरनाक हो चुकी है।
AAP का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
राजनीतिक बयानबाज़ी तेज
इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी जहां भाजपा सरकार को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहरा रही है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे सर्दियां बढ़ेंगी और AQI का स्तर और खराब होगा, प्रदूषण दिल्ली की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन सकता है।
आगे क्या?
आम आदमी पार्टी ने साफ कर दिया है कि अगर सरकार ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो पार्टी भविष्य में और बड़े आंदोलन कर सकती है। AAP नेताओं का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत है और दिल्ली की जनता की सेहत के लिए वे हर स्तर पर आवाज उठाते रहेंगे।
दिल्ली में प्रदूषण कोई नया मुद्दा नहीं है, लेकिन हर साल यह समस्या और गंभीर होती जा रही है। सवाल यही है कि क्या सरकार और राजनीतिक दल मिलकर इसका स्थायी समाधान निकाल पाएंगे, या फिर हर साल इसी तरह प्रदूषण पर सियासत होती रहेगी।
Delhi is facing a severe air pollution crisis as AQI levels continue to remain in the dangerous category. The Aam Aadmi Party has protested against the BJP-led Delhi government, accusing it of failing to control air pollution and protect public health. The Delhi AQI situation has become a major political issue, with rising concerns over air quality, public safety, and government accountability.


















