नमस्कार,
कल की बड़ी खबर बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या से जुड़ी रही। वहीं, दूसरी बड़ी खबर UP में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर है।
आज के प्रमुख इवेंट्स:
- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की दो दिवसीय एंटी-टेरर कॉन्फ्रेंस शुरू होगी। इसका उद्घाटन गृह मंत्री अमित शाह करेंगे।
- रेलवे का किराया आज से बढ़ेगा। 215 किमी से ज्यादा यात्रा करने वालों को हर किमी पर 1-2 पैसे ज्यादा देने होंगे।
कल की बड़ी खबरें:
बांग्लादेश में भीड़ हिंसा का एक और मामला: 7 दिन में दूसरे हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय पर हिंसा का एक और मामला सामने आया है। इस बार एक हिंदू युवक को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान 29 वर्षीय अमृत मंडल उर्फ सम्राट के रूप में हुई है।
पुलिस जानकारी के मुताबिक, अमृत मंडल होसेनडांगा गांव के एक व्यक्ति से कथित तौर पर जबरन वसूली के लिए पैसे मांगने पहुंचा था। इसी दौरान शोर मचने पर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और स्थिति बिगड़ते हुए भीड़ हिंसा में बदल गई। स्थानीय लोगों ने अमृत की बेरहमी से पिटाई की, जिसमें उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि अमृत मंडल के खिलाफ पहले से दो आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें हत्या से जुड़े आरोप भी शामिल हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
यह घटना सात दिनों में हिंदू समुदाय के खिलाफ सामने आया दूसरा गंभीर मामला है। इससे पहले 18 दिसंबर को ढाका के पास दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू युवक को भीड़ ने घेरकर मार डाला था। उस मामले में आरोप है कि झूठे ईशनिंदा के आरोप लगाकर पहले उसकी हत्या की गई और बाद में शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया गया।
• बांग्लादेश में 7 दिन के भीतर हिंदू युवक की दूसरी भीड़ हिंसा में मौत
• मृतक अमृत मंडल की पहचान, जबरन वसूली के आरोप में हुई पिटाई
• इससे पहले दीपू चंद्र दास की ईशनिंदा के आरोप में हत्या का मामला सामने आया
मोदी का विपक्ष पर हमला: कहा– हमने 370 की दीवार गिराई, आजादी के बाद उपलब्धियां सिर्फ एक परिवार के नाम रहीं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला बोला। इस अवसर पर उन्होंने जनसभा को संबोधित किया और श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं का अनावरण किया।
पीएम मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने आर्टिकल 370 जैसी बड़ी दीवार को गिराया और देश में समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद लंबे समय तक देश की उपलब्धियां केवल एक ही परिवार के नाम दर्ज होती रहीं, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने हर महापुरुष और राष्ट्रनिर्माता के योगदान को सम्मान देने का कार्य किया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले सार्वजनिक स्थानों पर सिर्फ एक परिवार से जुड़ी मूर्तियां लगाई जाती थीं, लेकिन अब देश के हर विभूति को उचित सम्मान मिल रहा है। उन्होंने इसे सोच में बदलाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती बताया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने राष्ट्रीय सुरक्षा और उत्तर प्रदेश की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लखनऊ की पहचान अब वैश्विक स्तर पर बन रही है और रक्षा क्षेत्र में शहर का योगदान लगातार बढ़ रहा है।
पीएम मोदी की प्रमुख बातें
• हमने आर्टिकल 370 हटाकर देश से एक बड़ी दीवार गिराई
• पहले उपलब्धियां और सम्मान एक ही परिवार तक सीमित थे, भाजपा ने सबको सम्मान दिया
• ब्रह्मोस मिसाइल के निर्माण से लखनऊ ने वैश्विक पहचान बनाई, ऑपरेशन सिंदूर में इसकी अहम भूमिका रही
ब्राह्मण विधायकों की बैठक पर BJP प्रदेश अध्यक्ष नाराज़, पंकज चौधरी बोले– दोबारा नहीं होनी चाहिए ऐसी पहल

उत्तर प्रदेश में भाजपा के ब्राह्मण विधायकों की बैठक को लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने नाराजगी जताई है। 23 दिसंबर को भाजपा के करीब 50 ब्राह्मण विधायकों ने लखनऊ में पीएन पाठक के आवास पर एक बैठक की थी, जिसके बाद पार्टी नेतृत्व की ओर से सख्त संदेश दिया गया है।
पंकज चौधरी ने इस बैठक में शामिल विधायकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियां दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने किसी विधायक का नाम लिए बिना सभी को समझाइश दी और कहा कि जाति या वर्ग के आधार पर अलग-अलग समूह बनाना पार्टी की विचारधारा के खिलाफ है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सिद्धांतों और आदर्शों पर चलने वाली पार्टी है और किसी भी तरह की नकारात्मक राजनीति से कार्यकर्ताओं व जनप्रतिनिधियों को दूर रहना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा परिवार या वर्ग विशेष की राजनीति में विश्वास नहीं करती और ऐसे कदम पार्टी के संविधान के अनुरूप नहीं हैं।
• 23 दिसंबर को लखनऊ में 50 ब्राह्मण विधायकों की बैठक हुई थी
• बैठक से नाराज़ प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विधायकों को चेतावनी दी
• भाजपा ने स्पष्ट किया, जाति या वर्ग आधारित राजनीति पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है
सेना के जवानों को मिली सोशल मीडिया की सशर्त अनुमति, इंस्टाग्राम पर कमेंट करने पर रोक

भारतीय सेना के जवानों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर नई गाइडलाइंस जारी की गई हैं। इसके तहत अब जवान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का सीमित और नियंत्रित तरीके से इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई प्रतिबंध भी लगाए गए हैं।
नई गाइडलाइन के अनुसार, सेना के जवान इंस्टाग्राम पर रील, फोटो और वीडियो देख सकेंगे, लेकिन किसी भी तरह का कमेंट या प्रतिक्रिया नहीं दे पाएंगे। इसके अलावा, व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे मैसेजिंग ऐप्स पर केवल गैर-गोपनीय जानकारी साझा करने की अनुमति दी गई है।
दरअसल, बीते कुछ वर्षों में हनीट्रैप और संवेदनशील जानकारियों के लीक होने के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई थी। इसी के चलते वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने सेना के जवानों और अधिकारियों को 89 मोबाइल एप्स हटाने का आदेश दिया था। इन ऐप्स में फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिकटॉक, जूम और पबजी जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे।
उस दौरान जांच में सामने आया था कि सोशल मीडिया के माध्यम से जवानों को निशाना बनाकर हनीट्रैप के कई मामले हुए थे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ। अब नई गाइडलाइंस में संतुलन बनाते हुए सीमित उपयोग की अनुमति दी गई है।
• नई गाइडलाइंस के तहत जवान सोशल मीडिया कंटेंट देख सकेंगे
• इंस्टाग्राम पर कमेंट और प्रतिक्रिया देने की अनुमति नहीं
• 2020 में हनीट्रैप के मामलों के बाद 89 ऐप्स पर लगाया गया था प्रतिबंध
इलेक्टोरल ट्रस्ट से मिले ₹3,811 करोड़: भाजपा को 82% हिस्सा, कांग्रेस को ₹299 करोड़

वित्त वर्ष 2024–25 में इलेक्टोरल ट्रस्ट के माध्यम से राजनीतिक दलों को कुल ₹3,811 करोड़ का चंदा प्राप्त हुआ है। इस कुल राशि का सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय जनता पार्टी को मिला है, जबकि कांग्रेस को अपेक्षाकृत काफी कम धनराशि प्राप्त हुई है। यह जानकारी इलेक्टोरल ट्रस्ट की ओर से चुनाव आयोग को सौंपी गई रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा को कुल चंदे का लगभग 82 प्रतिशत यानी ₹3,112 करोड़ प्राप्त हुए हैं। वहीं कांग्रेस को ₹299 करोड़ मिले हैं, जबकि अन्य राजनीतिक दलों को कुल मिलाकर ₹101 करोड़ का योगदान मिला है। आंकड़े दर्शाते हैं कि इलेक्टोरल ट्रस्ट के जरिए मिलने वाले चंदे में भाजपा का दबदबा बना हुआ है।
गौरतलब है कि फरवरी 2024 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इलेक्टोरल बॉन्ड व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद राजनीतिक दलों को चंदा देने का प्रमुख माध्यम इलेक्टोरल ट्रस्ट बन गए हैं। इलेक्टोरल ट्रस्ट योजना वर्ष 2013 से देश में लागू है।
इलेक्टोरल ट्रस्ट एक पंजीकृत संस्था होती है, जो कॉर्पोरेट कंपनियों और व्यक्तियों से चंदा एकत्र कर उसे राजनीतिक दलों तक पहुंचाती है। इन ट्रस्टों को चंदे से जुड़ी पूरी जानकारी चुनाव आयोग को देना अनिवार्य होता है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और यह पता चलता है कि किस पार्टी को कितनी राशि प्राप्त हुई।
• 2024–25 में इलेक्टोरल ट्रस्ट से कुल ₹3,811 करोड़ का चंदा मिला
• भाजपा को सबसे अधिक ₹3,112 करोड़, कांग्रेस को ₹299 करोड़ प्राप्त हुए
• इलेक्टोरल बॉन्ड बंद होने के बाद चंदे का मुख्य माध्यम बने इलेक्टोरल ट्रस्ट
कैब ऐप्स में महिलाओं को मिलेगा फीमेल ड्राइवर चुनने का विकल्प, जेंडर चॉइस करना होगा अनिवार्य

महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कैब सेवा कंपनियों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इनके तहत ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब ऐप्स में महिलाओं को फीमेल ड्राइवर चुनने का विकल्प दिया जाएगा। इसके लिए ऐप्स में जेंडर चॉइस ऑप्शन जोड़ना अनिवार्य होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार, यात्रा पूरी होने के बाद यात्री ड्राइवर को ऐप के माध्यम से टिप दे सकेंगे और यह पूरी राशि सीधे ड्राइवर को मिलेगी। केंद्र सरकार ने इन दिशा-निर्देशों को राज्यों के जरिए लागू करने को कहा है, हालांकि नोटिफिकेशन में इसके प्रभावी होने की स्पष्ट तारीख नहीं बताई गई है।
इंडस्ट्री विशेषज्ञों का कहना है कि इस नियम को लागू करने में व्यावहारिक चुनौतियां सामने आ सकती हैं। वर्तमान में देश में महिला कैब ड्राइवरों की संख्या 5 प्रतिशत से भी कम है। ऐसे में फीमेल ड्राइवर चुनने के विकल्प के कारण खासतौर पर रात के समय कैब बुकिंग में इंतजार का समय बढ़ सकता है।
• कैब ऐप्स में महिलाओं को मिलेगा फीमेल ड्राइवर चुनने का विकल्प
• ऐप्स में जेंडर चॉइस ऑप्शन जोड़ना अनिवार्य होगा
• महिला कैब ड्राइवरों की संख्या 5% से भी कम, लागू करने में चुनौती



















