AIN NEWS 1: मुंबई की राजनीति का सबसे बड़ा रणक्षेत्र माने जाने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनावों में इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्त बढ़त बना ली है। शुरुआती रुझानों और अब तक आए नतीजों के अनुसार, बीजेपी ने न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है। ऐसा माना जा रहा है कि इस बार BMC की सत्ता पर बीजेपी का कब्जा लगभग तय है।
हालांकि, इस बड़ी जीत के बीच मुंबई की कलीना विधानसभा सीट से एक ऐसा नतीजा सामने आया है, जिसने सभी को चौंका दिया है। यहां कांग्रेस उम्मीदवार ट्यूलिप मिरांडा ने बीजेपी प्रत्याशी ज्योति उपाध्याय को महज 7 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की। यह मुकाबला इतना करीबी रहा कि जीत के तुरंत बाद बीजेपी ने मतगणना प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए री-काउंटिंग (दोबारा वोटों की गिनती) की मांग कर दी।
🔍 कलीना सीट पर क्यों खास रहा मुकाबला?
कलीना सीट मुंबई की उन सीटों में गिनी जाती है, जहां मुकाबला हमेशा दिलचस्प रहता है। यहां कांग्रेस और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली। मतगणना के हर राउंड में दोनों उम्मीदवारों के बीच वोटों का अंतर बेहद कम रहा। कई बार ऐसा लगा कि बीजेपी उम्मीदवार बाज़ी मार सकती हैं, लेकिन अंतिम राउंड में कांग्रेस उम्मीदवार ट्यूलिप मिरांडा ने बाज़ी पलट दी।
सिर्फ 7 वोटों से मिली इस जीत ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और सटीकता को लेकर बहस छेड़ दी है। बीजेपी नेताओं का कहना है कि इतने कम अंतर में हार होने पर दोबारा गिनती जरूरी है, ताकि किसी भी तरह की तकनीकी या मानवीय गलती की संभावना को दूर किया जा सके।
🏛️ BMC चुनावों में बीजेपी की बड़ी तस्वीर
अगर पूरे BMC चुनाव की बात करें, तो बीजेपी का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा है। पार्टी ने कई वार्डों में स्पष्ट बढ़त बनाई है और कई पारंपरिक गढ़ों में विपक्ष को पीछे छोड़ दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन बीजेपी की जमीनी पकड़, संगठनात्मक मजबूती और केंद्र व राज्य स्तर पर किए गए विकास कार्यों का नतीजा है।
बीजेपी ने इस बार चुनाव प्रचार में बुनियादी सुविधाओं, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, स्मार्ट सिटी योजनाओं और मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। इसका असर वोटिंग पैटर्न पर साफ तौर पर दिखाई दिया।
🌆 महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ऐतिहासिक प्रदर्शन
सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में हुए नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों में भी बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया है। कई जगहों पर पार्टी ने पूर्ण बहुमत हासिल किया है, जबकि कई निकायों में वह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।
यह परिणाम महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, यह जीत आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिए बीजेपी की स्थिति को और मजबूत कर सकती है।
⚖️ री-काउंटिंग की मांग और आगे की प्रक्रिया
कलीना सीट पर हार के बाद बीजेपी ने निर्वाचन अधिकारियों से औपचारिक रूप से दोबारा वोटों की गिनती कराने की मांग की है। नियमों के अनुसार, यदि जीत-हार का अंतर बेहद कम हो, तो उम्मीदवार या पार्टी री-काउंटिंग की मांग कर सकती है।
अब सबकी निगाहें चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारियों के फैसले पर टिकी हैं। अगर दोबारा गिनती होती है, तो परिणाम में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं कांग्रेस ने अपनी जीत को वैध बताते हुए कहा है कि मतगणना पूरी तरह निष्पक्ष और नियमों के तहत हुई है।
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस नेताओं ने कलीना सीट पर मिली जीत को “जनता की आवाज़” बताया है। उनका कहना है कि बीजेपी की लहर के बावजूद कलीना की जनता ने स्थानीय मुद्दों और उम्मीदवार की पकड़ को प्राथमिकता दी।
वहीं बीजेपी नेताओं का कहना है कि पार्टी को पूरे मुंबई और महाराष्ट्र में जनता का व्यापक समर्थन मिला है और एक सीट पर बेहद कम अंतर से हार पार्टी की बड़ी जीत को कम नहीं कर सकती।
BMC चुनाव 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में हर सीट की अपनी अहमियत होती है। जहां एक ओर बीजेपी का दबदबा साफ नजर आ रहा है, वहीं कलीना जैसी सीटें यह दिखाती हैं कि लोकतंत्र में हर वोट की कीमत होती है। सिर्फ 7 वोटों से तय हुई यह जीत आने वाले दिनों में और राजनीतिक हलचल पैदा कर सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि री-काउंटिंग के बाद नतीजे में कोई बदलाव होता है या कांग्रेस की यह करीबी जीत बरकरार रहती है।
The BMC Election Results 2026 have highlighted BJP’s strong dominance in Mumbai municipal politics, marking a historic performance across Maharashtra’s local body elections. Despite BJP’s sweeping lead in the Brihanmumbai Municipal Corporation, the Kalina seat emerged as a major talking point after Congress candidate Tulip Miranda secured a narrow victory by just 7 votes over BJP’s Jyoti Upadhyay. The razor-thin margin has led BJP to demand a recount, making the Kalina result one of the most closely watched outcomes of the Mumbai BMC elections.


















