AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक शहर गाजियाबाद एक बार फिर गंभीर वायु प्रदूषण की चपेट में आ गया है। करपुरी पुरम इलाके में दर्ज किया गया एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 284 से 301 के बीच पहुंच चुका है, जो “Severe” यानी अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है। मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि यहां सांस लेना अब स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो गया है।
🔴 वायु गुणवत्ता की स्थिति कितनी गंभीर है?
करपुरी पुरम में PM2.5 का स्तर 209 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर और PM10 का स्तर 269 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर रिकॉर्ड किया गया है। ये आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा तय सुरक्षित सीमा से कई गुना अधिक हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी अधिक मात्रा में मौजूद सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों में जाकर गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं।
गाजियाबाद इस समय न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में पहले स्थान पर दर्ज किया गया है। यह स्थिति केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर आम लोगों के रोज़मर्रा के जीवन पर साफ दिखाई दे रहा है।
🌫️ धुंध, कम दृश्यता और बढ़ती परेशानियां
इलाके में हल्की धुंध (Mist) छाई हुई है, हवा की रफ्तार महज 6 किलोमीटर प्रति घंटे है और नमी लगभग 38 प्रतिशत दर्ज की गई है। कम हवा चलने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में ही फंसे हुए हैं, जिससे हालात और भी खराब हो रहे हैं।
सुबह और शाम के समय आंखों में जलन, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ और सिर दर्द जैसी शिकायतें आम हो गई हैं। बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
🚬 एक दिन में 17.5 सिगरेट के बराबर ज़हर
Berkeley Earth की रिपोर्ट के मुताबिक, करपुरी पुरम में 24 घंटे तक सांस लेना 17.5 सिगरेट पीने के बराबर नुकसान पहुंचा रहा है।
एक सप्ताह में: 122.5 सिगरेट
एक महीने में: 525 सिगरेट
यह तुलना बताती है कि बिना धूम्रपान किए भी लोग ज़हर अपने शरीर में ले रहे हैं।
🏥 स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव
विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर का प्रदूषण लंबे समय तक बना रहा तो इसके परिणाम बेहद खतरनाक हो सकते हैं, जैसे—
दमा और अस्थमा के दौरे
फेफड़ों की कार्यक्षमता में गिरावट
हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा
बच्चों में फेफड़ों का विकास प्रभावित होना
इम्यून सिस्टम कमजोर होना
⚠️ स्वास्थ्य सलाह (Health Advisory)
मौजूदा हालात को देखते हुए नागरिकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है—
घर के अंदर रहें, अनावश्यक बाहर न निकलें
N95 मास्क का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करें
एयर प्यूरीफायर चालू रखें
वाहन चलाते समय कार के एयर फिल्टर सही रखें
सुबह-शाम की वॉक और खुले में व्यायाम से बचें
बच्चों और बुजुर्गों को विशेष रूप से सुरक्षित रखें
📅 जनवरी में लगातार बिगड़ती हवा
जनवरी 2026 में गाजियाबाद की हवा लगातार खतरनाक स्तर पर बनी हुई है। कई दिनों में AQI 400 से 700 तक पहुंच चुका है, जो “Hazardous” श्रेणी में आता है। 24 और 25 जनवरी को दर्ज किए गए आंकड़े यह संकेत देते हैं कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
❓ प्रदूषण बढ़ने के मुख्य कारण
विशेषज्ञ प्रदूषण के पीछे कई कारण बता रहे हैं—
वाहनों की बढ़ती संख्या
निर्माण कार्य से उड़ती धूल
औद्योगिक उत्सर्जन
ठंड के मौसम में पराली और कचरा जलाना
कम हवा और मौसमीय परिस्थितियां
🏛️ प्रशासन और आम जनता की जिम्मेदारी
इस संकट से निपटने के लिए केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल, कचरा न जलाना, और पर्यावरण के प्रति जागरूकता ही इस समस्या का दीर्घकालिक समाधान हो सकता है।
करपुरी पुरम और गाजियाबाद की मौजूदा वायु स्थिति एक गंभीर चेतावनी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में यह संकट और गहरा सकता है। स्वच्छ हवा केवल सुविधा नहीं, बल्कि जीवन की बुनियादी जरूरत है—और इसे बचाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।
Ghaziabad air quality has deteriorated sharply as Karpuri Puram records severe AQI levels crossing 300. With PM2.5 and PM10 pollution far above safe limits, residents face serious health risks. This Ghaziabad AQI report highlights the growing air pollution crisis in NCR, its health impact, and essential safety measures for citizens.


















