AIN NEWS 1: सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप फॉरवर्ड्स पर इन दिनों एक दावा बार-बार देखने को मिल रहा है कि अगर कोई वाहन टोल बूथ पर 10 सेकेंड से ज़्यादा देर तक फंसा रहता है, तो उसे बिना टोल टैक्स दिए आगे जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। कई लोग इसे “NHAI का 10 सेकेंड नियम” बता रहे हैं।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह दावा आज भी सही है या फिर यह अधूरी और पुरानी जानकारी है?
आइए इस पूरे मामले की सच्चाई को आसान भाषा में समझते हैं।
🔹 10 सेकेंड का नियम आया कहाँ से?
असल में, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI ने मई 2021 में टोल प्लाज़ा पर बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए एक महत्वपूर्ण दिशानिर्देश (Guideline) जारी किया था। इसका उद्देश्य यह था कि टोल प्लाज़ा पर ट्रैफिक जाम न लगे और यात्रियों को अनावश्यक परेशानी न हो।
इस गाइडलाइन में कहा गया था कि:
हर वाहन को टोल बूथ पर 10 सेकेंड के भीतर टोल सेवा मिल जानी चाहिए।
टोल प्लाज़ा पर वाहनों की कतार 100 मीटर से अधिक लंबी नहीं होनी चाहिए।
यदि किसी कारण से कतार 100 मीटर से आगे बढ़ जाती है, तो आगे खड़े वाहनों को बिना टोल टैक्स लिए आगे जाने दिया जा सकता है।
यही वह बिंदु है, जिसकी वजह से “10 सेकेंड का नियम” चर्चा में आया।
🔹 उस समय यह नियम क्यों लाया गया था?
2020–21 के दौरान FASTag लागू होने के बावजूद कई टोल प्लाज़ा पर तकनीकी समस्याएँ, कर्मचारियों की कमी और कैश लेन की वजह से लंबी लाइनें लग रही थीं।
NHAI का मकसद था कि:
ट्रैफिक का प्रवाह बाधित न हो
ईंधन की बर्बादी न हो
यात्रियों का समय बचे
और राष्ट्रीय राजमार्गों पर जाम की स्थिति न बने
इसी सोच के तहत यह नियम एक प्रबंधन उपाय के रूप में लाया गया था, न कि स्थायी कानून के तौर पर।
❌ क्या यह नियम आज भी लागू है?
यह सबसे अहम सवाल है।
जवाब है — नहीं।
NHAI ने बाद में इस तथाकथित “फ्री-फ्लो” नीति को अपनी सक्रिय टोल प्रबंधन व्यवस्था से हटा दिया। यानी:
अब 10 सेकेंड से ज़्यादा रुकने पर टोल टैक्स माफ नहीं किया जाता।
चाहे टोल प्लाज़ा पर लाइन लंबी हो, वाहन को टोल टैक्स देना अनिवार्य है।
टोल टैक्स माफी से जुड़ा कोई भी प्रावधान अब NHAI की मौजूदा गाइडलाइंस में मौजूद नहीं है।
🔹 फिर लोग अब भी यह दावा क्यों कर रहे हैं?
इसकी सबसे बड़ी वजह है पुरानी खबरों और अधूरी जानकारी का वायरल होना।
2021 की गाइडलाइन को आज के समय में भी लागू बताकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया जा रहा है, जबकि नियम बदल चुके हैं।
कई यूट्यूब वीडियो, फेसबुक पोस्ट और व्हाट्सऐप मैसेज आज भी यह कहते हैं कि “अगर 10 सेकेंड से ज्यादा रुक गए तो टोल मत दो”, जो कि वर्तमान नियमों के हिसाब से गलत है।
🔹 क्या यह नियम पूरे देश में कभी लागू था?
नहीं।
यह नियम भी पूरे देश के हर टोल प्लाज़ा पर अनिवार्य रूप से लागू नहीं था। इसे कुछ खास परिस्थितियों और चुनिंदा टोल प्रोजेक्ट्स में ही लागू किया गया था, वह भी अस्थायी तौर पर।
यानी यह कहना कि “यह देशव्यापी स्थायी नियम था” — पूरी तरह सही नहीं होगा।
🔹 वर्तमान में टोल से जुड़ी असली व्यवस्था क्या है?
आज के समय में NHAI का फोकस इन बातों पर है:
FASTag आधारित टोल कलेक्शन
कैश लेन को धीरे-धीरे खत्म करना
आने वाले समय में GNSS (GPS आधारित टोल सिस्टम) लागू करना
टोल प्लाज़ा पर डिजिटल निगरानी और ऑटोमैटिक मैनेजमेंट
अब टोल टैक्स माफी जैसी व्यवस्था की जगह टेक्नोलॉजी आधारित समाधान अपनाए जा रहे.
संक्षेप में कहा जाए तो:
“10 सेकेंड का नियम” कभी एक गाइडलाइन का हिस्सा था
यह नियम मई 2021 में सीमित उद्देश्य से लाया गया था
अब यह नियम लागू नहीं है
वर्तमान में 10 सेकेंड या 100 मीटर लाइन के आधार पर टोल टैक्स माफ नहीं किया जाता
इसलिए अगर कोई आज यह कहता है कि “10 सेकेंड से ज्यादा रुकने पर टोल मत दो”, तो यह दावा पुरानी और भ्रामक जानकारी पर आधारित है।
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