AIN NEWS 1: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले से सामने आया एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में एक दारोगा धरने पर बैठे समाजवादी पार्टी के सांसद के पैर छूते हुए नजर आ रहे हैं। यह दृश्य न सिर्फ मौके पर मौजूद लोगों के लिए, बल्कि सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी हैरानी और चर्चा का विषय बन गया है।
यह मामला बलिया से समाजवादी पार्टी के सांसद सनातन पांडेय से जुड़ा है, जो रविवार को अपने समर्थकों और पार्टी नेताओं के साथ सड़क पर धरने पर बैठे थे। इसी दौरान संबंधित थाने के दारोगा धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद को प्रणाम करते हुए उनके पैर छू लिए। यह पूरा घटनाक्रम किसी ने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
देखें वीडियो :
“भैया प्रणाम, मेरी औकात कहां आपको गिरफ्तार करने की” – दारोगा ने उत्तर प्रदेश के बलिया से सपा सांसद सनातन पांडे के छुए पैर… pic.twitter.com/YtUsj6xLb4
— 𝐀𝐈𝐍 𝐍𝐄𝐖𝐒 𝟏 (@ainnews1_) January 27, 2026
धरने पर बैठे सांसद, दारोगा का बदला अंदाज
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब दारोगा धरना स्थल पर पहुंचते हैं, तो सांसद के पास बैठा एक सपा नेता उनसे सवाल करता है कि वे वहां किस उद्देश्य से आए हैं। इस पर दारोगा बेहद सहज और विनम्र लहजे में जवाब देते हैं—
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“आप जहां बुलाएंगे, वहां आना ही पड़ेगा।”
इसके बाद जब उनसे यह पूछा जाता है कि क्या वे सांसद को गिरफ्तार करने आए हैं, तो दारोगा मुस्कराते हुए कहते हैं—
“मेरी इतनी औकात कहां है कि मैं आपको गिरफ्तार कर सकूं।”
उनके इस जवाब के बाद वहां मौजूद सपा कार्यकर्ताओं में हल्की हंसी और ठहाके गूंज उठते हैं। माहौल कुछ देर के लिए राजनीतिक तनाव से हटकर हल्का हो जाता है।
“गिरफ्तार नहीं करने आए हैं, बस बात करने आए हैं”
वीडियो में दारोगा यह भी कहते नजर आते हैं कि वे सांसद को गिरफ्तार करने नहीं, बल्कि बातचीत करने आए हैं। वे बताते हैं कि उनके यहां एक सरकारी कार्यक्रम प्रस्तावित है और उसी को लेकर चर्चा करनी है।
इतना ही नहीं, दारोगा मजाकिया अंदाज में यह भी कहते हैं—
“अगर जरूरत पड़ी तो वर्दी और टोपी उतारकर फिर आ जाएंगे और यहीं आपके बगल में बैठ जाएंगे।”
दारोगा के इस बयान पर धरने पर मौजूद कार्यकर्ता और नेता खुलकर हंसते हैं। यह दृश्य पुलिस और राजनीति के रिश्तों को लेकर एक अलग ही तस्वीर पेश करता है, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
📍 मणिकर्णिका घाट जाने से रोके जाने पर शुरू हुआ धरना
मामले की पृष्ठभूमि पर नजर डालें तो जानकारी सामने आती है कि रविवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बलिया सांसद सनातन पांडेय के नेतृत्व में वाराणसी के मणिकर्णिका घाट का निरीक्षण करने के लिए रवाना हुआ था।
लेकिन जैसे ही यह प्रतिनिधिमंडल गाजीपुर जिले के डांडी टोल प्लाजा के पास पहुंचा, वहां बिरनो थाना प्रभारी समेत कई थानों की पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
प्रतिनिधिमंडल को बिना स्पष्ट कारण बताए रोके जाने से सांसद और उनके समर्थक नाराज हो गए। इसके बाद सांसद सनातन पांडेय ने वहीं सड़क पर बैठकर धरना देने का फैसला किया।
साढ़े तीन घंटे तक चला धरना
धरना करीब साढ़े तीन घंटे तक चला। इस दौरान सांसद और सपा कार्यकर्ता सड़क पर ही बैठे रहे। पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी होती रही और मौके पर तनाव का माहौल बना रहा।
धरने की सूचना जैसे-जैसे फैली, वैसे-वैसे आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते धरना स्थल पर सैकड़ों की भीड़ जमा हो गई।
👥 धरने में शामिल हुए कई वरिष्ठ नेता
धरने के दौरान समाजवादी पार्टी के कई बड़े नेता भी मौके पर मौजूद रहे। इनमें—
जिलाध्यक्ष गोपाल यादव
जमानियां विधायक ओमप्रकाश सिंह
सदर विधायक जयकिशुन साहू
जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव
सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और समर्थक शामिल थे।
इन नेताओं ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों को इस तरह रोका जाना गलत है। नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जनप्रतिनिधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है।
📱 सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
दारोगा द्वारा सांसद के पैर छूने का वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कुछ लोग इसे पुलिस की विनम्रता बता रहे हैं, तो कुछ इसे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला दृश्य मान रहे हैं।
कई यूजर्स का कहना है कि यह वीडियो सत्ता, राजनीति और पुलिस व्यवस्था के बीच के समीकरणों को उजागर करता है। वहीं कुछ लोग इसे मानवीय व्यवहार और सम्मान की दृष्टि से भी देख रहे हैं।
🔎 क्या कहता है प्रशासन?
फिलहाल इस पूरे मामले पर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया था।
गाजीपुर का यह मामला सिर्फ एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रशासन, राजनीति और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों से जुड़ा एक बड़ा सवाल भी खड़ा करता है। दारोगा का सांसद के पैर छूना जहां एक ओर चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर प्रतिनिधिमंडल को रोके जाने की घटना ने कई सवाल छोड़ दिए हैं।
A viral video from Ghazipur, Uttar Pradesh, shows a Station House Officer touching the feet of Samajwadi Party MP Sanatan Pandey during a road protest, triggering widespread debate. The incident occurred after the MP-led delegation was stopped from visiting Manikarnika Ghat in Varanasi. The remarks about not having the authority to arrest the MP and his respectful gesture have sparked political reactions and discussions on police conduct, administrative pressure, and democratic rights in Uttar Pradesh.


















