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Morning News Brief : राहुल चुनाव न लड़ पाएं, ऐसा प्रस्ताव लाई बीजेपी; सुप्रीम कोर्ट बोला- घूसखोर पंडत फिल्म का नाम बदलें; बांग्लादेश में BNP सरकार

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नमस्कार,
कल की बड़ी खबर संसद में लाए गए भाजपा के ऐसे प्रस्ताव से जुड़ी रही, जिसमें राहुल गांधी के आजीवन चुनाव लड़ने से रोकने की मांग की गई है। दूसरी बड़ी खबर घूसखोर पंडत फिल्म के नाम बदलने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर रही।

आज के प्रमुख इवेंट्स:

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नए प्रधानमंत्री ऑफिस ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट होंगे। ‘सेवा तीर्थ’ बिल्डिंग कॉम्पलेक्स के नाम का अनावरण करेंगे।
  • नई दिल्ली में केंद्र सरकार की स्पेशल कैबिनेट मीटिंग होगी। इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
  • NEET पीजी 2025-26 के क्वालिफाइंग कटऑफ कम करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।

कल की बड़ी खबरें:

लोकसभा में राहुल गांधी की सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव, बोले- किसानों के लिए लड़ता रहूंगा

Parliament Budget 2026 Controversy LIVE Update; Om Birla Rahul Gandhi Kiren  Rijiju | BJP Congress

नई दिल्ली: लोकसभा में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से रोकने की मांग करते हुए एक सब्सटेंटिव मोशन पेश किया है। इस प्रस्ताव के बाद संसद और सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

निशिकांत दुबे ने लोकसभा में कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और सेना का मनोबल गिराने वाले बयान दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की गतिविधियां राष्ट्रहित के खिलाफ हैं और वे ऐसी शक्तियों के साथ खड़े दिखाई देते हैं जो देश को कमजोर करना चाहती हैं। इसी आधार पर उन्होंने उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की।

दूसरी ओर, राहुल गांधी ने भाजपा के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे किसी भी दबाव से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे एफआईआर दर्ज कराए या कोई भी प्रस्ताव लेकर आए, वे किसानों के अधिकारों और हितों के लिए लगातार संघर्ष करते रहेंगे।

राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें लंबे समय से भारत के कृषि बाजार में प्रवेश करना चाहती थीं। उनका दावा है कि हाल की भारत-अमेरिका डील के जरिए केंद्र सरकार ने अमेरिकी कंपनियों के लिए रास्ता खोल दिया है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर किसानों की आवाज उठाते रहेंगे।

मुख्य बिंदु

  • भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव रखा
  • राहुल गांधी ने कहा कि वे किसानों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे
  • भारत-अमेरिका डील को लेकर राहुल ने केंद्र सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया

 

 

 

फ्रांस से 114 नए राफेल खरीदने को रक्षा अधिग्रहण परिषद की मंजूरी, मेक इन इंडिया के तहत होगा निर्माण

India Rafale Fighter Jet Deal; DAC Defence Ministry - P8I Poseidon | Air  Force Navy

नई दिल्ली: भारत ने अपनी वायु शक्ति को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। भारत की रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने फ्रांस से 114 नए राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस डील की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है।

हालांकि, इस सौदे को अंतिम रूप देने से पहले प्रस्ताव को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि फ्रांस के राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान इस डील को अंतिम रूप दिया जा सकता है।

मेक इन इंडिया के तहत निर्माण

इस सौदे को मेक इन इंडिया पहल के तहत लागू किया जाएगा। फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन एक भारतीय कंपनी के साथ साझेदारी में इन विमानों का निर्माण करेगी। समझौते के अनुसार, 18 राफेल विमान सीधे तैयार हालत में फ्रांस से मिलेंगे, जबकि बाकी 96 विमानों का निर्माण भारत में किया जाएगा।

हाल ही में डसॉल्ट एविएशन ने डसॉल्ट रिलायंस एयरोस्पेस लिमिटेड (DRAL) में अपनी हिस्सेदारी 49 प्रतिशत से बढ़ाकर 51 प्रतिशत कर ली है। इस संयुक्त उद्यम में अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर भी भागीदार है। इससे भारत में रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मुख्य बिंदु

  • रक्षा अधिग्रहण परिषद ने फ्रांस से 114 राफेल खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
  • डील की अनुमानित कीमत करीब 3.25 लाख करोड़ रुपये
  • 18 विमान तैयार अवस्था में मिलेंगे, 96 का निर्माण भारत में मेक इन इंडिया के तहत होगा

 

 

 

कानपुर लेम्बोर्गिनी हादसा: अरबपति कारोबारी का बेटा 7 घंटे में जमानत पर रिहा, गिरफ्तारी के 4 दिन बाद कोर्ट से मिली राहत

आगे लैंबॉर्गिनी में अरबपति का बेटा, पीछे गाड़ी में बाउंसर, एक्सीडेंट के बाद  फरार... कैसे अज्ञात से नामजद तक पहुंची कानपुर पुलिस? - FIR against ...

कानपुर: तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी कार से 6 लोगों को टक्कर मारने के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा को कोर्ट से महज 7 घंटे के भीतर जमानत मिल गई। पुलिस ने कोर्ट में 14 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन पर्याप्त आधार न होने पर अदालत ने आरोपी को 20 हजार रुपये के बेल बॉन्ड पर रिहा कर दिया।

यह मामला 8 फरवरी का है, जब करीब 14 करोड़ रुपये की लेम्बोर्गिनी कार ने कानपुर में 6 लोगों को टक्कर मार दी थी। कार कथित तौर पर कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा चला रहे थे। घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठे।

कोर्ट में क्या हुआ

पुलिस ने अदालत से 14 दिन की रिमांड मांगी। इस पर जज ने पूछा कि जब मामले में लगी सभी धाराएं जमानती हैं, तो रिमांड की आवश्यकता क्यों है। पुलिस इस सवाल का ठोस जवाब नहीं दे सकी। इसके बाद अदालत ने आरोपी को 20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी।

FIR और गिरफ्तारी पर उठे सवाल

घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। मामला मीडिया में आने के करीब 6 घंटे बाद अज्ञात चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। बाद में राजनीतिक बयानबाजी के बाद मामले ने तूल पकड़ा। समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद पुलिस ने 24 घंटे के भीतर शिवम मिश्रा का नाम मामले में शामिल किया।

बताया जा रहा है कि घटना के 4 दिन बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई थी, लेकिन कोर्ट से उसे उसी दिन कुछ ही घंटों में जमानत मिल गई। इस पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली और कार्रवाई की निष्पक्षता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्य बिंदु

  • तेज रफ्तार लेम्बोर्गिनी से 6 लोग घायल, आरोपी शिवम मिश्रा को 7 घंटे में जमानत
  • पुलिस की 14 दिन की रिमांड मांग पर कोर्ट ने जताई आपत्ति
  • घटना के बाद FIR दर्ज करने और गिरफ्तारी में देरी को लेकर उठे सवाल

 

 

 

 

यूपी में पंचायत चुनाव टलना लगभग तय, पहले बनेगा समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग

यूपी पंचायत चुनाव के प्रचार में कितने रुपये खर्च कर सकेंगे ग्राम प्रधान?  घोषणा के बाद तैयारियों में जुटे राजनीतिक दल - up panchayat elections  campaign ...

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में अप्रैल से जुलाई के बीच प्रस्तावित पंचायत चुनाव अब टलते नजर आ रहे हैं। योगी सरकार ने लखनऊ हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव से पहले एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जाएगा। इसी आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में आरक्षण तय होगा।

हाईकोर्ट में क्या है मामला

दरअसल, हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल कर मौजूदा पिछड़ा वर्ग आयोग के अधिकारों को चुनौती दी गई थी। इस याचिका पर जस्टिस राजन राय और जस्टिस अवधेश चौधरी की पीठ सुनवाई कर रही है। याचिका में आयोग की संवैधानिक स्थिति और उसके अधिकार क्षेत्र को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

सरकार ने अपने हलफनामे में कहा है कि पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए एक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग बनाया जाएगा। आयोग स्थानीय निकायों में पिछड़े वर्ग के प्रतिनिधित्व का अध्ययन करेगा और उसी आधार पर सीटों का आरक्षण निर्धारित किया जाएगा।

दो महीने लग सकते हैं

सरकार के अनुसार, आयोग को अपनी प्रक्रिया पूरी करने और रिपोर्ट तैयार करने में लगभग दो महीने का समय लग सकता है। ऐसे में तय समय सीमा के भीतर पंचायत चुनाव कराना मुश्किल माना जा रहा है। यही कारण है कि प्रदेश में पंचायत चुनावों के टलने की संभावना लगभग तय मानी जा रही है।

मुख्य बिंदु

  • पंचायत चुनाव से पहले समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन होगा
  • आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा
  • रिपोर्ट तैयार करने में करीब दो महीने लग सकते हैं, जिससे चुनाव टलना तय माना जा रहा है

सुप्रीम कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडत’ फिल्म के टाइटल पर जताई आपत्ति, नाम बदलने के बाद ही मिलेगी रिलीज की अनुमति

घूसखोर पंडत' पर सुप्रीम कोर्ट का हंटर: 'टाइटल बदलो वरना रिलीज भूल जाओ',  मेकर्स की बढ़ी मुश्किलें

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ के टाइटल को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। कोर्ट ने फिल्म निर्माता और ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स को फटकार लगाते हुए कहा कि समाज के किसी भी वर्ग को इस तरह के नाम से बदनाम नहीं किया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक फिल्म का नया नाम प्रस्तुत नहीं किया जाता, तब तक इसकी रिलीज की अनुमति नहीं दी जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 19 फरवरी को निर्धारित की गई है।

फिल्म में अभिनेता मनोज बाजपेयी सीनियर इंस्पेक्टर अजय दीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं। 3 फरवरी 2026 को नेटफ्लिक्स ने इस फिल्म का टीजर जारी करते हुए टाइटल की घोषणा की थी, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

ब्राह्मण समाज का विरोध

टीजर रिलीज होने के बाद फिल्म के नाम को लेकर विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधियों ने कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि ‘घूसखोर पंडत’ जैसे नाम से उनके समाज की छवि को ठेस पहुंचती है और यह पूरे समुदाय को गलत रूप में प्रस्तुत करता है। याचिकाकर्ताओं ने फिल्म के टाइटल को आपत्तिजनक बताते हुए इसे बदलने की मांग की।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके नाम पर किसी समुदाय या वर्ग को बदनाम करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने निर्देश दिया कि फिल्म निर्माता संशोधित शीर्षक के साथ कोर्ट के समक्ष पेश हों, तभी रिलीज पर विचार किया जाएगा।

मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट ने ‘घूसखोर पंडत’ टाइटल पर जताई कड़ी आपत्ति
  • नाम बदले बिना फिल्म की रिलीज की अनुमति नहीं मिलेगी
  • ब्राह्मण समाज ने टाइटल को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की

 

 

 

बांग्लादेश चुनाव में BNP आगे, 53 सीटों पर जीत; बहुमत के लिए 150 का आंकड़ा जरूरी

Bangladesh Election Result 2026 Vote Counting LIVE Update; BNP  Jamaat-e-Islami | Tarique Rahman Shafiqur Rahman

ढाका: बांग्लादेश में आम चुनाव के बाद वोटों की गिनती जारी है और शुरुआती रुझानों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) बढ़त बनाती नजर आ रही है। अब तक घोषित नतीजों के अनुसार BNP ने 53 सीटों पर जीत दर्ज की है। वहीं जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन को 38 सीटें मिली हैं। अभी 208 सीटों के परिणाम आना बाकी हैं।

बहुमत के लिए 150 सीटों का आंकड़ा जरूरी है, ऐसे में अंतिम नतीजों तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो पाएगी। BNP प्रमुख तारिक रहमान दोनों सीटों से चुनाव जीत गए हैं, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है।

मतदान के दौरान हिंसा

चुनाव के दौरान कई जगहों पर हिंसा और झड़पों की खबरें भी सामने आईं। खुलना इलाके में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं और BNP समर्थकों के बीच हुई झड़प में BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई।

इसके अलावा मुंशीगंज-3 और गोपालगंज सदर क्षेत्रों में मतदान केंद्रों के बाहर देसी बम फेंके जाने की घटनाएं भी सामने आईं। इन घटनाओं में तीन लोग घायल बताए जा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने हालात को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

अभी कई सीटों के नतीजे बाकी हैं, ऐसे में आने वाले घंटों में यह स्पष्ट होगा कि कौन-सी पार्टी या गठबंधन बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंच पाता है।

मुख्य बिंदु

  • BNP ने अब तक 53 सीटें जीतीं, जमात-ए-इस्लामी गठबंधन को 38 सीटें
  • बहुमत के लिए 150 सीटें जरूरी, 208 सीटों के नतीजे अभी बाकी
  • मतदान के दौरान कई स्थानों पर झड़प और बमबाजी की घटनाएं सामने आईं

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