जंतर-मंतर प्रदर्शन में देश-विदेश से ऑनलाइन फूड ऑर्डर, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
AIN NEWS 1 नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP (Cockroach Janata Party) के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक ऐसा पहलू सामने आया है, जिसने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में ऑनलाइन फूड डिलीवरी होने की खबरें सामने आई हैं। दावा किया जा रहा है कि इन ऑर्डरों में केवल भारत के अलग-अलग शहरों से ही नहीं, बल्कि अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से भी ऑनलाइन ऑर्डर किए गए भोजन शामिल हैं।
हालांकि, इन दावों की अभी तक किसी सरकारी एजेंसी या संबंधित फूड डिलीवरी कंपनियों द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। इसके बावजूद प्रदर्शन स्थल पर लगातार पहुंच रही फूड डिलीवरी और बड़ी मात्रा में भोजन वितरण को लेकर चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी इस विषय को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

प्रदर्शन स्थल पर लगातार पहुंच रही फूड डिलीवरी
पिछले दो दिनों से जंतर-मंतर के आसपास स्विगी, जोमैटो और अन्य फूड डिलीवरी कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर लगातार आते-जाते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों और वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों के अनुसार, दिनभर सैकड़ों ऑर्डर विभिन्न रेस्टोरेंट्स से प्रदर्शन स्थल तक पहुंचाए गए।
डिलीवरी एजेंटों का कहना है कि उन्हें मोबाइल एप के माध्यम से ऑर्डर प्राप्त हो रहे हैं और कई बार ऑर्डर करने वाले व्यक्ति का स्थान दिल्ली से बाहर या विदेश का भी दिखाई देता है। हालांकि, भुगतान ऑनलाइन होने के कारण उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि वास्तविक ऑर्डर किस उद्देश्य से किया गया है।
अमेरिका और कनाडा से ऑर्डर आने का दावा
कुछ डिलीवरी एजेंटों ने दावा किया कि उन्हें ऐसे ऑर्डर मिले जिनकी बुकिंग अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से की गई थी। बताया गया कि ऑर्डर की राशि कुछ हजार रुपये से लेकर लगभग 20 हजार रुपये तक थी।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ऑर्डर वास्तव में विदेश में बैठे किसी व्यक्ति ने किए थे या फिर किसी भारतीय नागरिक ने विदेशी भुगतान माध्यम का उपयोग किया था। इस संबंध में कोई आधिकारिक दस्तावेज या तकनीकी पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
खाने में क्या-क्या पहुंचा प्रदर्शन स्थल पर?
प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे भोजन में कई प्रकार के खाद्य पदार्थ शामिल बताए गए। इनमें—
पिज्जा
बर्गर
समोसे
बिरयानी
कढ़ी-चावल
खाने की थाली
जूस
पानी की बोतलें
कोल्ड ड्रिंक
आइसक्रीम
फल
बिस्कुट
टॉफियां
कई स्वयंसेवक इन खाद्य पदार्थों को प्रदर्शनकारियों के बीच वितरित करते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने अपने स्तर पर स्टॉल लगाकर भी भोजन और पेयजल की व्यवस्था की।
स्थानीय रेस्टोरेंट्स को भी मिले बड़े ऑर्डर
जानकारी के अनुसार, कनॉट प्लेस, करोल बाग, लक्ष्मी नगर और आसपास के इलाकों के कई रेस्टोरेंट्स को बड़ी संख्या में ऑर्डर प्राप्त हुए।
एक डिलीवरी एजेंट ने बताया कि उसने केवल शाम तक 10 से अधिक डिलीवरी जंतर-मंतर पर की थीं। अन्य डिलीवरी पार्टनर भी लगातार इसी स्थान पर ऑर्डर पहुंचा रहे थे। कुछ बड़े ऑर्डर चारपहिया वाहनों के माध्यम से भी भेजे गए।
अनुमान लगाया जा रहा है कि दो दिनों के भीतर लगभग 2000 तक फूड ऑर्डर किए गए होंगे। हालांकि, इस आंकड़े की किसी स्वतंत्र एजेंसी या कंपनी ने पुष्टि नहीं की है।
लोगों ने अपने स्तर पर भी की मदद
ऑनलाइन ऑर्डर के अलावा कई नागरिक स्वयं भोजन और पानी लेकर प्रदर्शन स्थल पहुंचे। कुछ लोगों ने मुफ्त पानी, फल और बिस्कुट वितरित किए, जबकि कुछ ने भोजन के पैकेट तैयार कर प्रदर्शनकारियों में बांटे।
एक युवती, जो पानी की बोतलें बांट रही थी, ने बताया कि वह नौकरी करती है और उसने अपनी आधे दिन की कमाई लोगों को पानी पिलाने में खर्च कर दी। उसका कहना था कि यह उसका व्यक्तिगत सहयोग है।
सोशल मीडिया पर उठे कई सवाल
जंतर-मंतर पर लगातार पहुंच रहे ऑनलाइन ऑर्डर को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कुछ लोग इसे प्रदर्शनकारियों के समर्थन का तरीका बता रहे हैं, जबकि कुछ ने सवाल उठाए हैं कि यदि विदेशों से आर्थिक सहयोग या भोजन की व्यवस्था की जा रही है तो इसकी पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी की है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि भोजन की व्यवस्था किसके द्वारा और किस उद्देश्य से की जा रही है।
क्या कहती हैं फूड डिलीवरी कंपनियां?
अब तक स्विगी, जोमैटो या अन्य फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कंपनियों ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि विदेशों से किए गए ऑर्डर कितनी संख्या में थे या उनका सत्यापन किस प्रकार किया जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि तकनीकी रूप से विदेश में बैठा कोई भी व्यक्ति भारत में किसी पते पर ऑनलाइन भोजन ऑर्डर कर सकता है, यदि उसके पास भुगतान का वैध माध्यम उपलब्ध हो।
जांच की मांग तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कुछ संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि यदि प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर विदेशों से आर्थिक सहयोग या ऑनलाइन फूड ऑर्डर किए गए हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें देशभर के लोगों का स्वैच्छिक समर्थन मिल रहा है और लोग अपनी इच्छा से भोजन भेज रहे हैं।
जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन के दौरान बड़े पैमाने पर ऑनलाइन फूड डिलीवरी चर्चा का विषय बनी हुई है। अमेरिका और कनाडा से ऑर्डर आने के दावों ने इस मामले को और अधिक सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। ऐसे में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित एजेंसियों और फूड डिलीवरी कंपनियों के आधिकारिक पक्ष का इंतजार करना उचित होगा।
The Jantar Mantar CJP protest has gained nationwide attention after reports claimed that online food orders from the USA, Canada, and multiple Indian cities were delivered to protesters through Swiggy, Zomato, and other food delivery platforms. While these claims have not been officially verified, the incident has sparked discussions about foreign support, online food delivery, Delhi protests, CJP demonstration, and political activism in India. Stay updated with the latest developments, official statements, and fact-based coverage on this evolving story.


















